हरियाणा के औद्योगिक शहर गुरुग्राम से गंभीर चिकित्सकीय चूक से जुड़ा एक दुखद मामला सामने आया है। पांच माह के गर्भ के दौरान जान गंवाने वाली अट्ठाईस वर्षीय महिला के शव परीक्षण में हैरान करने वाली चीजें मिली हैं। डॉक्टरों के विशेष मेडिकल पैनल ने परीक्षण के दौरान पीड़िता की उदर गुहा से सर्जिकल जालीदार पट्टी और नीले कपड़े का एक हिस्सा बाहर निकाला। इस खुलासे के बाद परिवार ने इलाज करने वाले केंद्र पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि स्वास्थ्य महकमा और स्थानीय पुलिस मामले की गहन पड़ताल में जुट गए हैं।
पेट दर्द के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
पीड़िता मंजू एक निजी फर्म में नौकरी करती थीं। शुक्रवार को अचानक उनके पेट में असहनीय पीड़ा शुरू हुई थी, जिसकी वजह से परिजन शनिवार सुबह तड़के उन्हें निकटवर्ती चिकित्सा केंद्र ले गए। जांच में भ्रूण के निष्प्राण होने की पुष्टि हुई, जिसके पश्चात सर्जनों ने मृत भ्रूण को बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बावजूद रक्त स्राव नियंत्रित नहीं हो पाया और हालत तेजी से बिगड़ने लगी। चिकित्सकों ने स्थिति को संभालने के लिए रविवार सुबह पीड़िता को आपातकालीन सर्जरी के लिए ऑपरेशन कक्ष में स्थानांतरित किया।
खून चढ़ाने की कोशिश और दूसरे अस्पताल में मृत घोषित
पीड़िता के पति मनोज कुमार ने बताया कि ऑपरेशन कक्ष में डॉक्टरों ने मरीज को खून चढ़ाने का प्रयास किया था। कुछ ही देर बाद अस्पताल प्रबंधन ने हाथ खड़े करते हुए मरीज को तत्काल किसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी। जब परिजन आनन-फानन में उन्हें दूसरे बड़े निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, तब वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने मंजू को मृत लाया घोषित कर दिया। पीड़िता के पति ने साफ तौर पर कहा कि यह पूरी घटना अस्पताल की गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का नतीजा है, जिसको लेकर उन्होंने पुलिस प्रशासन में औपचारिक शिकायत दी है।
तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने किया शव परीक्षण
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सोमवार शाम को तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक विशेष समिति ने पीड़िता का शव परीक्षण संपन्न किया। इस प्रक्रिया के दौरान पेट के भीतर से एक नीले रंग के मेडिकल गाउन का टुकड़ा तथा घाव की ड्रेसिंग में काम आने वाली सर्जिकल गॉज बरामद हुई। प्रारंभिक निष्कर्षों के मुताबिक, महिला के शरीर से अत्यधिक मात्रा में खून बह जाना मौत का प्राथमिक कारण प्रतीत होता है, मगर सर्जरी के बाद उदर में बाहरी वस्तुओं का छूट जाना एक बेहद गंभीर सवाल खड़ा करता है। परीक्षण के दौरान मिले सभी भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रख लिया गया है ताकि उन्हें विधिपूर्वक पुलिस और जिला स्तरीय मेडिकल नेग्लिजेंस कमेटी के समक्ष पेश किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की आगामी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर गुरुग्राम के सिविल सर्जन वीरेंद्र बसवाना ने कहा कि शव परीक्षण के निष्कर्षों पर विस्तृत चर्चा करके सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। स्वास्थ्य प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सभी तकनीकी बिंदुओं को बारीकी से परखा जाएगा और निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं कानून व्यवस्था से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत मेडिकल बोर्ड से विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
























