पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में रविवार को एक दुखद सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहां पवित्र स्नान के लिए हरिद्वार जा रहे श्रद्धालुओं से भरा एक लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। एक तेज रफ्तार ट्रक से हुई जोरदार भिड़ंत के बाद हुए इस हादसे में एक 12 साल के मासूम बच्चे और 28 साल के युवक की मौत हो गई। वाहन में सवार 16 अन्य श्रद्धालु भी दुर्घटना में घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचाया गया है।
माधोपुर गांव के पास बेकाबू होकर पलटी गाड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सभी श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना से रवाना हुए थे और उन्हें उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचना था। सभी लोग पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने की मंशा से इस सामान ढोने वाली गाड़ी में सवार होकर अपनी यात्रा पर निकले थे। यात्रा के दौरान जब यह वाहन फतेहगढ़ साहिब जिले के अंतर्गत आने वाले माधोपुर गांव के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे एक ट्रक से इसकी जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर लगने के तुरंत बाद श्रद्धालुओं से भरी यह गाड़ी असंतुलित होकर पलट गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल, पुलिस जांच जारी
मामले की पुष्टि करते हुए सरहिंद थाना के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तिलक राज ने बताया कि दुर्घटना में 28 वर्षीय युवक और 12 साल के नाबालिग की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि मृतकों के परिजनों की पहचान कर उन्हें घटना की जानकारी दी जा रही है और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उनके हवाले किए जाएंगे। वहीं, हादसे में घायल हुए 16 अन्य श्रद्धालुओं का अस्पताल में इलाज जारी है।
क्षेत्र में पहले भी हो चुके हैं भीषण सड़क हादसे
फतेहगढ़ साहिब के इस इलाके में जानलेवा हादसों का सिलसिला चिंताजनक बना हुआ है। इससे पहले अप्रैल के महीने में भी इस जिले में एक भयावह सड़क हादसा दर्ज किया गया था। उस समय 35 से 40 यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के खंभे से टकराने के बाद पलट गई थी। अप्रैल वाले उस हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस दौरान स्थानीय निवासियों ने त्वरित मदद पहुंचाते हुए घायलों को फतेहगढ़ साहिब और बस्सी पठाना के हॉस्पिटल्स में दाखिल कराया था।





















