उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में वायुमंडलीय परिस्थितियों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को, जो पिछले काफी समय से चिलचिलाती गर्मी का सामना कर रहे थे, अब राहत मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने राज्य के लिए नवीनतम मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। आज यानी 27 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ रहने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की पूरी संभावना है। इस बारिश के साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी गिर सकती हैं। यदि मैदानी इलाकों की बात करें, तो हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे जिलों में भी मौसम करवट ले सकता है। इन मैदानी क्षेत्रों में कुछ जगहों पर बहुत हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है। वर्तमान में इन मैदानी जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, लेकिन पहाड़ों में हो रही इस मौसमी हलचल से मैदानी क्षेत्रों की हवाओं में भी थोड़ी ठंडक और नरमी महसूस होने लगी है।
तापमान में गिरावट और लू से राहत
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि राज्य में अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा, जिसका अर्थ है कि गर्मी का असर कुछ समय तक बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद के 2 से 3 दिनों के भीतर उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। तापमान में होने वाली इस कमी से लोगों को उमस और भीषण तपिश से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है। एक अच्छी बात यह है कि मौसम विभाग ने फिलहाल पूरे राज्य में हीटवेव यानी लू चलने की कोई भी चेतावनी जारी नहीं की है, जो मैदानी इलाकों के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।
तापमान का विरोधाभास: मैदानों में गर्मी तो केदारनाथ में ठंड
उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान का एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि उधम सिंह नगर जिले का पंतनगर क्षेत्र सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.1°C दर्ज किया गया। इसके कारण दोपहर के समय मैदानी इलाकों में लोगों को भारी तपिश का सामना करना पड़ा। इसके बिल्कुल विपरीत, रुद्रप्रयाग जिले में स्थित बाबा केदार की पावन नगरी केदारनाथ में मौसम काफी ठंडा बना हुआ है। केदारनाथ में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.7°C तक पहुंच गया है, जिससे वहां पहुंचे श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को रात और सुबह के समय तीव्र ठिठुरन का अहसास हो रहा है। इसके अतिरिक्त, देहरादून के जौलीग्रांट, पंतनगर, चमोली और नैनीताल के कोस्याकुटोली क्षेत्र में 30 से 33 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं, जिससे स्थानीय मौसम में बड़ा बदलाव आया।
गढ़वाल मंडल में बारिश का विस्तृत विवरण
गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों में मानसून से पहले की बारिश की गतिविधियां लगातार जारी हैं। उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र में सबसे अधिक 60.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा, यमुनोत्री मार्ग पर स्थित जानकी चट्टी में 36.0 मिमी और बड़कोट में 27.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 21.6 मिमी और गैरसैंण में 11.0 मिमी पानी बरसा है। रुद्रप्रयाग जिले के जखोली और उखीमठ में भी हल्की बारिश होने से मौसम बेहद सुहावना और ठंडा हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में इन पहाड़ी जिलों में बारिश की तीव्रता और अधिक बढ़ सकती है। पहाड़ों में होने वाली इस बारिश के कारण नदियों और स्थानीय बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका रहती है। इस स्थिति को देखते हुए पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों, चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कुमाऊं मंडल में प्री-मानसून की सक्रियता
कुमाऊं मंडल के जिलों में भी प्री-मानसून की गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं। बागेश्वर जिले के लोहारखेत क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मुक्तेश्वर और सिरसी जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, नैनीताल जिले के मैदानी हिस्से से सटे रामनगर में भी 2.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। आने वाले समय में, विशेष रूप से 29 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है, क्योंकि इन क्षेत्रों में घने बादलों की आवाजाही के साथ भारी बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
हरिद्वार और उधम सिंह नगर के मैदानों में मौसम का हाल
हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों के निवासी इन दिनों अत्यधिक उमस और गर्मी से परेशान हैं। हालांकि, मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान उनके लिए कुछ राहत लेकर आया है। आज यानी 27 जून और कल 28 जून को इन दोनों मैदानी जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है। भले ही यह बारिश बहुत भारी न हो, लेकिन इससे मैदानी हवाओं में शीतलता घुलेगी और लगातार बढ़ रहे पारे पर रोक लगेगी। मौसम विभाग का कहना है कि 30 जून के बाद इन मैदानी इलाकों में भी बारिश का दायरा और बढ़ जाएगा।
28 जून से 1 जुलाई तक का मौसम अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 28 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कई स्थानों पर, जबकि अन्य पहाड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। मौसम में सबसे बड़ा बदलाव 29 जून को देखने को मिलेगा, जब पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के लिए 'भारी बारिश' और 'तीव्र से अति तीव्र' बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 29 जून को ही उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके पश्चात, 30 जून और 1 जुलाई को पूरे राज्य का मौसम पूरी तरह से बदल जाएगा और उत्तराखंड के लगभग सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा का सिलसिला शुरू हो जाएगा।













