भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अब मैदान में उतरने का समय आ चुका है। जिन अभ्यर्थियों ने अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है, उनके लिए शारीरिक क्षमता परीक्षण और दस्तावेजों के सत्यापन का महत्वपूर्ण चरण शुरू होने वाला है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लाखों उम्मीदवारों ने इस पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए आवेदन दिया था। भर्ती स्थल पर अक्सर देखा जाता है कि कई उम्मीदवार कठिन शारीरिक दौड़ और फिटनेस टेस्ट तो पास कर लेते हैं, लेकिन प्रमाणपत्रों में छोटी सी त्रुटि या किसी जरूरी कागजात के न होने की वजह से अंतिम समय पर बाहर कर दिए जाते हैं। इसी जोखिम से बचने के लिए भारतीय सेना ने भर्ती मैदान में रिपोर्ट करने से पहले सभी आवश्यक दिशानिर्देश और प्रमाणों की सूची जारी की है।
लखनऊ भर्ती मैदान का विस्तृत शेड्यूल और जिलावार विवरण
सेना भर्ती मुख्यालय की आधिकारिक योजना के मुताबिक, भर्ती रैली का आयोजन लखनऊ स्थित एएमसी सेंटर और कॉलेज स्टेडियम के विशाल मैदान पर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया 11 जनवरी से 28 जनवरी तक कुल तीन अलग-अलग चरणों में संपन्न कराई जाएगी। इस विशाल आयोजन में उत्तर प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों से आए करीब 45 हजार अभ्यर्थी अपना भाग्य और अपनी शारीरिक क्षमता आजमाएंगे। इन जिलों में लखनऊ, कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, गोंडा, बांदा, कन्नौज, महोबा, औरैया और बाराबंकी शामिल हैं।
प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित और सुचारू रखने के लिए सेना ने तिथिवार कार्यक्रम तय किया है। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD), टेक्निकल, क्लर्क और ट्रेड्समैन पदों की शारीरिक परीक्षाएं 11 जनवरी से 24 जनवरी के बीच आयोजित होंगी। इसके बाद 25 जनवरी को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की महिला अभ्यर्थियों के लिए महिला मिलिट्री पुलिस पद की विशेष भर्ती रैली होगी। जो उम्मीदवार शारीरिक मापदंडों और दौड़ में सफल घोषित किए जाएंगे, उनका विस्तृत मेडिकल टेस्ट 25 जनवरी से 28 जनवरी तक भर्ती स्थल पर ही संपन्न कराया जाएगा।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक ओरिजिनल सर्टिफिकेट
भर्ती रैली स्थल के प्रवेश द्वार और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) के दौरान सभी अभ्यर्थियों को अपने मूल यानी ओरिजिनल कागजात प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि सत्यापन के दौरान कोई भी प्रमाण पत्र अधूरा या अनुपस्थित पाया जाता है, तो अभ्यर्थी को तत्काल प्रभाव से चयन प्रक्रिया से बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती स्थल पर जाते समय निम्नलिखित सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स अपने पास जरूर रखें
- एडमिट कार्ड: सेना भर्ती बोर्ड द्वारा जारी किया गया ओरिजिनल एडमिट कार्ड, जिसकी प्रिंटिंग एकदम साफ और सुस्पष्ट होनी चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र: 10वीं और 12वीं कक्षा की मूल अंकतालिका (मार्कशीट) तथा संबंधित शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी पासिंग सर्टिफिकेट।
- पहचान पत्र और तस्वीरें: अभ्यर्थी का मूल आधार कार्ड तथा हाल ही में खिंचवाई गई 20 से अधिक नई पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।
- मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र: सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत मूल निवास (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए लागू EWS सर्टिफिकेट।
- चरित्र प्रमाण पत्र: अपने क्षेत्र के ग्राम सरपंच, नगर निकाय या स्थानीय सक्षम प्रशासनिक अधिकारी द्वारा जारी किया गया नवीनतम चरित्र प्रमाण पत्र।
- विशेष कोटा सर्टिफिकेट: यदि लागू हो तो राष्ट्रीय स्तर या राज्य स्तर का स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट और एनसीसी (NCC) का मूल प्रमाण पत्र।
फाइल मैनेजमेंट और फोटोकॉपी अटेस्टेशन के जरूरी नियम
भारतीय सेना के नए निर्देशों में यह साफ किया गया है कि केवल ओरिजिनल कागजात ले जाना ही काफी नहीं है, बल्कि प्रत्येक मूल दस्तावेज की कम से कम 2-2 फोटोकॉपी सेट भी साथ लाना अनिवार्य है। ये सभी फोटोकॉपी या तो अभ्यर्थी द्वारा स्वयं सत्यापित (Self-attested) होनी चाहिए या फिर किसी राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) से सत्यापित कराई गई होनी चाहिए। भर्ती मैदान में किसी भी दस्तावेज के गुम होने या नमी के कारण खराब होने से बचाने के लिए सभी कागजातों की एक मजबूत वॉटरप्रूफ फाइल तैयार कर लें। भर्ती स्थल के लिए रवाना होने से पहले घर पर ही शांत दिमाग से हर एक कागज को दोबारा री-चेक अवश्य कर लें।
दलालों और ठगों से सावधान, निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर रखें विश्वास
सेना भर्ती प्रशासन ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को दलालों, ठगों और असामाजिक तत्वों से पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है। सेना में अग्निवीरों का चयन पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और केवल उम्मीदवार की अपनी योग्यता तथा मेहनत पर आधारित होता है। कोई भी बाहरी व्यक्ति, कोचिंग संचालक या दलाल आपको भर्ती कराने में किसी भी प्रकार की मदद नहीं कर सकता है। इसलिए युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी के झांसे या अफवाहों में न आएं, फर्जी वादों से दूर रहें और केवल अपनी तैयारी तथा आत्मविश्वास पर पूरा भरोसा रखें।



















