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बंगाल की खाड़ी में बना नया दबाव, दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और ओडिशा तक 7 दिनों की भारी बारिश का अलर्टभारत
17 अग॰ 2026, 6:39 am (2 घंटे पहले)· 2

बंगाल की खाड़ी में बना नया दबाव, दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और ओडिशा तक 7 दिनों की भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक मानसूनी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और मैदानी क्षेत्रों के लिए भारी बारिश तथा तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विशाल भूभाग पर अगले सात दिनों तक व्यापक मानसूनी बारिश जारी रहने का विस्तृत पूर्वानुमान व्यक्त किया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र और उससे लगे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा तट के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। इस चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से पूर्वोत्तर, पूर्व, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार वर्षा और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा। यहां तक कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। हालांकि इस साल अल नीनो के कारण मानसूनी वर्षा पर विपरीत असर पड़ने की आशंकाएं व्यक्त की गई थीं, लेकिन स्थानीय मौसम प्रणालियों की निरंतर सक्रियता ने फिलहाल इस खतरे को टाल रखा है।

पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश और अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम संबंधी गतिविधियां बेहद तीव्र रहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 22 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है। 17 अगस्त को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसके अतिरिक्त बिहार और झारखंड में 17 से 19 अगस्त तक मूसलाधार वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

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विशेष रूप से झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट लागू रहेगा, जबकि ओडिशा में 20 अगस्त तक लगातार बारिश की स्थितियां बनी रहेंगी। इन राज्यों में तेज गर्जन के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज हो सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

उत्तर-पश्चिम भारत और हिमालयी क्षेत्रों के लिए मौसम पूर्वानुमान

उत्तरी मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर पूरी तरह दिखेगा। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 17 तथा 18 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है, क्योंकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की तरफ बना हुआ है। इस कारण उत्तर प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में 18 अगस्त और पूर्वी जिलों में 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी जताया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में, जम्मू-कश्मीर में 17 से 19 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहेगा, जो 19 से 22 अगस्त के बीच फिर से तेजी पकड़ेगा। उत्तराखंड में भी 18 से 22 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी वर्षा की स्थिति

देश के पूर्वोत्तर हिस्से में भी अगले कई दिनों तक बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अरुणाचल प्रदेश में 21 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जिसमें 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 अगस्त तक लगातार बारिश का दौर चलता रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

मध्य और पश्चिमी भारत का मौसम अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाएं काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी, जबकि 20 और 21 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 22 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 17 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पश्चिमी भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा में 22 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना बनी हुई है। 17 अगस्त को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। गुजरात क्षेत्र में 17 से 22 अगस्त के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की या मध्यम बारिश होने की बात कही गई है।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और समुद्री चेतावनियां

दक्षिण भारत के तटीय और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। तटीय कर्नाटक में 22 अगस्त तक व्यापक वर्षा जारी रहने का अनुमान है। वहीं केरल, माहे और लक्षद्वीप में 20 अगस्त तक लगातार मानसूनी वर्षा होने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 तथा 19 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के इलाकों में भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। कई दक्षिणी राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं।

समुद्र में उथल-पुथल की स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में गुजरात तट के आसपास 18 अगस्त तक स्थितियां प्रतिकूल बनी रहेंगी। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश तट के पास 19 अगस्त तक मछुआरों को समुद्र में न जाने का निर्देश दिया गया है। उत्तर आंध्र प्रदेश तट और अंडमान सागर में भी 18 अगस्त तक समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।

अल नीनो का प्रभाव और मौसम की आगामी स्थिति

मानसून सत्र की शुरुआत में विशेषज्ञों ने अल नीनो के कारण बारिश में कमी आने की संभावना जताई थी। हालांकि, स्थानीय मानसूनी प्रणालियों और बंगाल की खाड़ी में लगातार बनने वाले कम दबाव के क्षेत्रों ने अब तक बारिश के चक्र को बनाए रखा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अल नीनो वर्ष के अंत में पूरी तरह सक्रिय हो सकता है, जिससे आगामी शीत ऋतु और सर्दी के मौसम पर इसका असर पड़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

सवाल-जवाब

भारत में इस समय मानसूनी बारिश क्यों बढ़ रही है?
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में और पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट के पास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने से पूरे देश में मानसूनी बारिश में तेजी आई है।
दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश कब होगी?
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 17 और 18 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में लगातार कई दिनों तक बारिश क्यों होगी?
मानसून ट्रफ का पश्चिमी हिस्सा अपनी सामान्य जगह से उत्तर की ओर बना हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश में 3 से 4 दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
मछुआरों के लिए क्या सुरक्षा चेतावनियां जारी की गई हैं?
मछुआरों को 18 अगस्त तक गुजरात, अंडमान और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट तथा 19 अगस्त तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
क्या इस मानसून में अल नीनो का असर दिखाई दिया है?
स्थानीय मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण फिलहाल भारत में अल नीनो का विपरीत असर नहीं पड़ा है, लेकिन साल के अंत में इसका प्रभाव सर्दियों पर पड़ सकता है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·47 मिनट पहले

बंगाल की खाड़ी के इस नए दबाव और भारी बारिश के अलर्ट से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर सीधा असर पड़ेगा। जलभराव, भूस्खलन और यातायात ठप होने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन बलों को तुरंत मुस्तैद होना होगा, ताकि किसी भी अप्रिय हादसे या सार्वजनिक सुरक्षा संकट को टाला जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·47 मिनट पहले

चूंकि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में लगातार भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है, ऐसे में ग्रामीण इलाकों में किसानों की फसलों और कच्चे मकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके साथ ही, निचले इलाकों में जलभराव से उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और शहरी यातायात प्रबंधन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि आम जनजीवन पूरी तरह बाधित न हो।

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