दिन-रात मेहनत के बाद भी अगर मनचाही कामयाबी हाथ नहीं लग रही, घर में अकसर तनाव बना रहता है या पैसों की तंगी पीछा नहीं छोड़ रही, तो इसकी एक वजह आपके घर के अंदर छिपी हो सकती है। वास्तु शास्त्र के जानकार मानते हैं कि घर में जमा नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष भी इन परेशानियों को बढ़ा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इन्हें ठीक करने के लिए किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। मान्यता है कि कुछ बेहद आसान उपायों को अपनाकर इन दोषों का असर कम किया जा सकता है और घर में खुशहाली का माहौल बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही चार सरल और कारगर उपाय।
मुख्य दरवाजे पर गणेश जी की प्रतिमा
वास्तु में घर के मुख्य द्वार को ऊर्जा के आने का रास्ता माना जाता है। यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों तरह की शक्तियां घर में दाखिल होती हैं। मान्यता है कि मुख्य दरवाजे पर भगवान गणेश की मूर्ति लगाने से घर के अंदर अच्छी ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और आने वाली रुकावटें दूर होती हैं। इससे परिवार में शांति, सुख और समृद्धि बनी रहती है।
बीम के ठीक नीचे न बैठें
घर की छत में मौजूद बीम को लेकर वास्तु में खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बीम के बिल्कुल नीचे बेड, सोफा या काम करने की जगह रखना ठीक नहीं माना जाता। ऐसा करने से मन पर बोझ और बेचैनी महसूस हो सकती है। अगर फर्नीचर की जगह बदलना मुमकिन न हो, तो इसके लिए वास्तु से जुड़े उपायों की मदद ली जा सकती है।
कोनों की सफाई का रखें ध्यान
घर के कोनों में धूल, गंदगी या मकड़ी के जाले जमा रहना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए मुख्य द्वार, ब्रह्म स्थान यानी घर के बीच का हिस्सा और बाकी कोनों की नियमित सफाई जरूरी है। छत और सीढ़ियों को भी साफ-सुथरा रखना चाहिए। टूटा-फूटा सामान, बेकार पड़ा कबाड़ और सूखे पौधे नकारात्मक ऊर्जा को और बढ़ा देते हैं। वहीं, एक साफ और व्यवस्थित घर अपने आप एक सकारात्मक माहौल तैयार करता है।
लीकेज और सीलन को न करें नजरअंदाज
वास्तु शास्त्र में पानी को समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसी वजह से घर में पानी का रिसाव या दीवारों में सीलन आना अच्छा संकेत नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे आर्थिक दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ऐसे में घर में जहां कहीं भी लीकेज या सीलन दिखे, उसे जल्द से जल्द ठीक करा लेना बेहतर रहता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।)









