पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले बरुईपुर पुलिस स्टेशन के टांगरबेरिया क्षेत्र में सड़क के पास बम मिलने से स्थानीय निवासियों में भारी डर और हड़कंप मच गया है। यह सनसनीखेज मामला काला बुरु-घुटियारी शरीफ रोड के समीप का है। जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे अचानक इस विस्फोटक को देखा, तो वहां अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने बिना देर किए इसकी खबर बरुईपुर पुलिस स्टेशन को दी। सूचना मिलते ही पुलिस का अमला फौरन घटनास्थल पर पहुंचा और वहां से बम को अपने कब्जे में ले लिया।
आपराधिक साजिश के एंगल से जांच शुरू
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस विस्फोटक को वहां किसने रखा था, इसके पीछे क्या मंशा थी या इसे किस इरादे से छोड़ा गया था। बरुईपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इस पूरी घटना की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि बरामद किया गया विस्फोटक किस किस्म का है और क्या यह किसी गहरी आपराधिक साजिश या किसी बड़ी घटना से जुड़ा हुआ है।
पहले मालदा के आम बाग में हुआ था विस्फोट
पश्चिम बंगाल में इस तरह की खतरनाक घटनाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले मालदा जिले में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां एक आम के बगीचे से बम बरामद हुआ था। उस दर्दनाक हादसे में तीन बच्चे घायल हो गए थे जब वे आम बीनने के लिए बगीचे में गए थे। बच्चों में से एक ने फल जैसी दिखने वाली वस्तु को आम समझकर उठा लिया था और उसे अपने बैग में रखने लगा था, तभी वह जोरदार धमाके के साथ फट गया। यह दुर्घटना इंग्लिश बाजार पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बहन्नाबिघा इलाके में हुई थी, जहां पुलिस ने पुष्टि की थी कि वह वस्तु एक देसी बम थी जो छूते ही फट गई थी।
बीरभूम में मिले थे भारी संख्या में जिंदा बम
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के ही बीरभूम जिले के मल्लारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोट गांव में बांस की झाड़ियों के पास से भारी मात्रा में जिंदा बम बरामद किए गए थे। झाड़ियों के पास कतार में रखे गए इन खतरनाक बमों को देखकर स्थानीय लोगों के होश उड़ गए थे और पूरे इलाके में भयंकर भय का माहौल बन गया था। पुलिस के अनुसार, उस घटनास्थल से लगभग 31 जिंदा बम बरामद किए गए थे। वह घटना पश्चिम बंगाल में 4 मई को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद से फैली राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सामने आई थी।



















