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बांकुड़ा में स्कूल की बदहाली उजागर करने पर सीजेपी कार्यकर्ता के घर हमला, बुजुर्ग पिता की मौत के बाद बीजेपी नेताओं समेत आठ गिरफ्तारपश्चिम बंगाल
17 अग॰ 2026, 3:18 am (2 घंटे पहले)· 1

बांकुड़ा में स्कूल की बदहाली उजागर करने पर सीजेपी कार्यकर्ता के घर हमला, बुजुर्ग पिता की मौत के बाद बीजेपी नेताओं समेत आठ गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में एक सरकारी स्कूल की बदहाली उजागर करने पर सीजेपी कार्यकर्ता के घर पर भीड़ ने हमला कर दिया। हमले में घायल बुजुर्ग पिता की मौत के बाद पुलिस ने बीजेपी नेताओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक सरकारी स्कूल की खराब व्यवस्था को उजागर करने के बाद भड़की हिंसा में एक कार्यकर्ता के बुजुर्ग पिता की जान चली गई है। नागरिक अधिकार संगठन सीजेपी से जुड़े 25 वर्षीय कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के घर में जबरन घुसी हथियारबंद भीड़ ने बर्बरतापूर्वक हमला किया था। हमले में गंभीर रूप से घायल उनके पिता जनाब मफीक ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

स्कूल सर्वे के बाद घर में घुसकर बोला गया धावा

प्राप्त विवरण के अनुसार, शेख अब्दुल हफीज अपने संगठन सीजेपी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के अंतर्गत स्थानीय सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने और उसका निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहां की अव्यवस्था और बदहाल स्थिति को सार्वजनिक करने के कारण स्थानीय लोगों का एक समूह उनसे बुरी तरह नाराज हो गया। आरोप है कि शनिवार को हथियारों से लैस हमलावर अचानक हफीज के आवास में जबरन दाखिल हो गए। हमलावरों ने हफीज पर दबाव बनाया कि वह स्कूल प्रबंधन और उसकी स्थिति को लेकर बनाए गए वीडियो के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। जब हफीज ने झूठी माफी मांगने से स्पष्ट इनकार कर दिया, तो उग्र भीड़ ने पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। इस मारपीट के दौरान हफीज के पिता जनाब मफीक के सिर पर जानलेवा और गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

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पुलिस ने बीजेपी पदाधिकारियों सहित आठ आरोपियों को दबोचा

घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार की ओर से हफीज की पत्नी हसीना बेगम ने स्थानीय थाने में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में हमले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित छानबीन शुरू की और कम से कम आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में स्थानीय स्तर के राजनीतिक चेहरे भी शामिल हैं, जिनमें बीजेपी बूथ अध्यक्ष अष्टम माझी तथा बीजेपी संयोजक अवनी माझी के नाम दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आठों आरोपियों को सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया, जहां उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इन धाराओं में हत्या, हत्या का प्रयास, गंभीर चोट पहुंचाना, बलवा करना और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है।

मामले की प्रगति की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्णानु रॉय ने बताया कि शुरुआती जांच-पड़ताल में इस हत्या के पीछे सीधे तौर पर किसी राजनीतिक रंजिश या संबंध के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि भीड़ के उग्र होने के वास्तविक कारणों, घटना की पृष्ठभूमि और हमले के मुख्य उकसाने वाले तत्वों का पता लगाया जा सके।

सीजेपी की इंसाफ की हुंकार और राजनीतिक बयानबाजी

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस जघन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकियों से डरकर चुप बैठने वाला नहीं है। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 'स्कूल ठीक करो' अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने पीड़ित कार्यकर्ता अब्दुल हफीज और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव कानूनी और नैतिक मदद का भरोसा दिया है। इसके साथ ही, सीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में बांकुड़ा पहुंचने की तैयारी कर रहा है। यह दल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर एकजुटता प्रदर्शित करेगा और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाएगा।

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने इस वारदात में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार किया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि इस घटना से उनकी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है और कानून सभी आरोपियों के खिलाफ निष्पक्षता से कार्रवाई करेगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और यदि लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

सवाल-जवाब

बांकुड़ा में हुई घटना का मुख्य कारण क्या था?
सीजेपी कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज ने 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत एक सरकारी स्कूल की खराब स्थिति उजागर की थी, जिससे नाराज भीड़ ने उनके घर पर हमला कर दिया।
इस हमले में किसकी जान गई है?
हमले के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने के कारण कार्यकर्ता अब्दुल हफीज के बुजुर्ग पिता जनाब मफीक की अस्पताल में मृत्यु हो गई।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
हफीज की पत्नी हसीना बेगम की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्थानीय बीजेपी नेताओं अष्टम माझी और अवनी माझी समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है?
आरोपियों पर सब-डिविजनल कोर्ट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
राजनीतिक नेताओं और सीजेपी की क्या प्रतिक्रिया रही है?
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने हमले की निंदा कर अभियान जारी रखने का संकल्प जताया, जबकि सुवेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार ने बीजेपी का संबंध होने से इनकार करते हुए पुलिस जांच की बात कही।
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