कोलकाता में महानवमी के अवसर पर दुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हाल ही में चोरबागान पंडाल में हुई दुर्घटना के बाद शहर के तमाम पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
9 अनुभवी IPS अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
शनिवार को हुई घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विभिन्न विभागों से बुलाए गए 9 वरिष्ठ IPS अफसरों को पंडालों की सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट का जिम्मा सौंपा है। ये सभी अधिकारी पहले भी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान कानून व्यवस्था संभालने का लंबा अनुभव रखते हैं। प्रशासन की इस सक्रियता का असर अब जमीन पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
नेताओं ने की सरकार के इस कदम की सराहना
डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के विधायक और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हाकिम ने सरकार के इस त्वरित फैसले का खुलकर स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस प्रकार की पुख्ता व्यवस्था होना बेहद जरूरी था ताकि चोरबागान जैसी दुर्घटनाओं को भविष्य में पूरी तरह रोका जा सके और लोग सुरक्षित माहौल में पर्व का आनंद ले सकें।
सुरक्षा व्यवस्था में किए गए कई बड़े बदलाव
शनिवार की भगदड़ की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि वहां भीड़ प्रबंधन के लिए कोई पुख्ता योजना नहीं बनाई गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा पंडालों में वीआईपी एंट्री की व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। अब सामान्य नागरिकों और खास लोगों के लिए एक ही गेट की व्यवस्था की गई है, जिससे सभी लोग एक समान रूप से माता के दर्शन कर पा रहे हैं। इस हादसे के बाद उठाए गए ये प्रोएक्टिव कदम प्रशासन की गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।























