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अहंकार करने वाले गुमनामी में खो गए, निमतौड़ी में पुलिस दुर्गापूजा पर बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारीपश्चिम बंगाल
17 अक्तू॰ 2026, 8:52 am (35 मिनट पहले)· 0

अहंकार करने वाले गुमनामी में खो गए, निमतौड़ी में पुलिस दुर्गापूजा पर बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

पूर्व मेदिनीपुर के तमलुक स्थित निमतौड़ी पुलिस लाइन में दुर्गापूजा उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सादगी और पुलिस कल्याण पर जोर देते हुए विरोधियों पर तंज कसा।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार रात पूर्व मेदिनीपुर जिले के तमलुक अंतर्गत निमतौड़ी स्थित पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उन्होंने जिला पुलिस की दुर्गापूजा का विधिवत उद्घाटन किया। इस धार्मिक व सामाजिक उत्सव के मंच से उन्होंने जनसेवा, प्रशासनिक व्यवस्था और व्यक्तिगत आचरण को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पद पर बैठा व्यक्ति जनता से अलग नहीं होता, बल्कि वह समाज का ही एक हिस्सा होता है।

लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि की भूमिका और स्वामी विवेकानंद का संदेश

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने सादगी की मिसाल पेश करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भी एक आम इंसान की तरह ही होते हैं और उनके कोई अलग से सींग या पूंछ नहीं होते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जनता के सेवक और उनके प्रतिनिधि हैं, जिन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में काम करने का अवसर मिला है। अपनी कार्यशैली को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वे सभी वर्गों और सभी लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं और भविष्य में भी इसी समावेशी सोच के साथ कार्य करते रहेंगे।

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महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद के विचारों को उद्धृत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जीवन में हमेशा 'मैं' की जगह 'हम' की भावना को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन लोगों ने सत्ता और पद के अहंकार में केवल 'मैं' की रट लगाई, वे आज पूरी तरह गुमनामी के अंधेरे में खो चुके हैं और आने वाले समय में भी कहीं नजर नहीं आएंगे।

प्रशासन में अनुशासन के साथ संवेदनशीलता की जरूरत

पुलिस बल की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों की मानसिक स्थिति अच्छी रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि प्रसन्न मन से ही बेहतर और निष्पक्ष काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केवल सख्ती या धौंस दिखाने से व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती। किसी भी अनुशासित बल में कड़े नियमों के साथ-साथ आपसी स्नेह और आत्मीयता का होना भी अत्यंत अनिवार्य है।

पुलिसकर्मियों को अपने पारिवारिक दायरे का हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी धार्मिक अथवा सांस्कृतिक आयोजन में शरीक होने से जवानों को खुशी मिलती है, तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। तमलुक के निमतौड़ी में आयोजित इस दुर्गापूजा उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के साथ जिलाधिकारी निरंजन कुमार, पुलिस अधीक्षक अंशुमान साहा तथा जिला प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी किस कार्यक्रम में शामिल हुए थे?
वे पूर्व मेदिनीपुर जिले के तमलुक अंतर्गत निमतौड़ी में स्थित जिला पुलिस लाइन में आयोजित दुर्गापूजा का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने अपने पद और सादगी को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी एक आम इंसान और जनता के प्रतिनिधि होते हैं, और वे सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।
संबोधन में स्वामी विवेकानंद के किस विचार का उल्लेख किया गया?
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए कहा कि 'मैं' की जगह 'हम' कहना चाहिए और अहंकार करने वाले अंततः गुमनामी में चले जाते हैं।
पुलिस बल के बारे में मुख्यमंत्री ने क्या दृष्टिकोण रखा?
उन्होंने कहा कि पुलिस हमारा परिवार है और सिर्फ धौंस के बजाय अनुशासन के साथ स्नेह और उनका मन अच्छा रखना जरूरी है।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी मौजूद थे?
कार्यक्रम में जिलाधिकारी निरंजन कुमार, पुलिस अधीक्षक अंशुमान साहा तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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