पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कोलाघाट थाना क्षेत्र के शांतिपुर इलाके में हल्दिया–मेचेदा राज्य सड़क पर एक बेहद भीषण सड़क हादसा सामने आया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक बाइक और स्कूटी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसकी वजह से मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई। इस भयानक हादसे में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें से दो की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक और गंभीर बनी हुई है। यह पूरी घटना शनिवार की रात को करीब तीन बजे शांतिपुर बस स्टैंड के नजदीक घटित हुई।
दुर्गापूजा के दौरान दर्शन के लिए निकले थे सभी लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्गापूजा के पावन अवसर पर प्रतिमा दर्शन के लिए बाहर निकले लोग इस घातक सड़क दुर्घटना का शिकार बन गए। रात के सन्नाटे और अंधेरे के बीच हल्दिया–मेचेदा राज्य सड़क पर दोनों वाहन तेज गति में आमने-सामने टकरा गए। यह टक्कर इतनी ज्यादा जोरदार थी कि बाइक और स्कूटी दोनों के परखच्चे उड़ गए और वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद ही घटनास्थल पर भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और घायलों का इलाज
इस भीषण दुर्घटना की खबर मिलते ही कोलाघाट थाने की पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। स्थानीय निवासियों और पुलिसकर्मियों की संयुक्त सहायता से सभी घायलों को तुरंत उठाकर मेचेदा के एक स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका चिकित्सीय उपचार जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से दो की हालत लगातार गंभीर बनी हुई है, जिन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
मृतकों की पहचान और प्रशासनिक जांच
दूसरी तरफ, इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के घर और पते को लेकर भी विवरण सामने आया है। इनमें से एक मृतक का निवास स्थान कोलाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला रामचंद्रपुर गांव है, जबकि बाकी के दो अन्य मृतक नंदकुमार थाना क्षेत्र के श्रीकृष्णपुर इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस इस पूरी दुर्घटना के वास्तविक कारणों की तकनीकी और जमीनी स्तर पर गहराई से जांच कर रही है।
हेलमेट नहीं पहनने पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
प्रारंभिक छानबीन के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि दुर्घटना का शिकार बने बाइक और स्कूटी पर सवार किसी भी व्यक्ति ने सिर पर हेलमेट नहीं पहन रखा था। इस दुखद घटना के बाद एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और हेलमेट के अनिवार्य इस्तेमाल को लेकर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, यह बात अभी आधिकारिक तौर पर जांच का विषय बनी हुई है कि हेलमेट का इस्तेमाल न करने और मौतों के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।
यातायात बाधित और शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के चलते हल्दिया–मेचेदा राज्य सड़क पर काफी लंबी अवधि तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही। दुर्घटना के बाद मचे जाम और बाधा को दूर करने के लिए बाद में पुलिस ने मोर्चा संभाला और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर आधी रात के वक्त हुए इस भीषण हादसे से पूरे इलाके में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है।
सड़क सुरक्षा का गंभीर संदेश
दुर्गापूजा के दिनों में प्रतिमा दर्शन के लिए निकले लोगों के साथ घटी इस त्रासदपूर्ण घटना ने यह साफ कर दिया है कि सड़कों पर थोड़ी सी भी लापरवाही कितनी भारी और जानलेवा साबित हो सकती है। अपने परिवार के पास सुरक्षित लौटने के लिए यातायात के तमाम नियमों का कड़ाई से पालन करना और दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनना अत्यंत आवश्यक है। कोलाघाट थाना पुलिस मृतकों और घायलों की पूर्ण पहचान स्थापित करने के लिए आगे की तस्दीक में जुटी हुई है।



















