मूलांक 2 अंक राशिफल 22 अगस्त 2026: अधूरी बातों पर न करें यकीन, व्यावहारिक सोच से लें फैसलेमूलांक 1 अंक राशिफल 22 अगस्त 2026: सूर्य के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में मिलेगी सफलता, जानें लव लाइफ और सेहत का हालसितंबर 2026 में चार प्रमुख ग्रहों का गोचर, मिथुन, कर्क, तुला और मकर राशि वालों पर दिखेगा बड़ा असरबलिया में व्हाट्सएप हैक कर यूपीआई से 75 हजार मांगने का नया साइबर फ्रॉड, पुलिस ने जारी किया अलर्टअमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड खरीद और ब्याज दरों में राहत के संकेतों से यूरो 1.1710 के 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचाजोराबाट और बर्नीहाट के बीच मार्ग बंद होने से बढ़ा तनाव, री भोई प्रशासन ने जारी किए नए वैकल्पिक रूटशाही जामा मस्जिद क्षेत्र में मास्टर प्लान उल्लंघन पर एक्शन, 36 निर्माणों को नोटिस थमाएगा संभल प्रशासननोमुरा के अनुसार मजबूत राजकोषीय स्थिति से यूरो डॉलर, पाउंड और येन से आगे निकलेगा17 सितंबर को कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश: 7 राशियों का चमकेगा भाग्य, मिलेगी नौकरी और कारोबार में तरक्कीअमरीकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान से डॉलर पर बढ़ा दबाव, बॉन्ड यील्ड में दिखा दुर्लभ पैटर्न
पश्चिम बर्धमान में स्कूल गेट पर ताला लगने से घंटेभर फंसी रहीं शिक्षिका, अभिभावकों के हंगामे के बाद खुला दरवाजापश्चिम बंगाल
7 जुल॰ 2026, 8:29 pm (45 दिन पहले)· 2

पश्चिम बर्धमान में स्कूल गेट पर ताला लगने से घंटेभर फंसी रहीं शिक्षिका, अभिभावकों के हंगामे के बाद खुला दरवाजा

पश्चिम बर्धमान के पानागढ़ बाजार हिंदी हाई स्कूल में छुट्टी के बाद शिक्षिका कृष्णा वर्मन करीब एक घंटे तक गेट पर ताला लगने से परिसर में फंसी रहीं, अभिभावकों को फोन करने के बाद वह बाहर निकल सकीं और मामले ने विरोध प्रदर्शन का रूप ले लिया।

पश्चिम बर्धमान जिले के कांकसा थाना क्षेत्र में पानागढ़ बाजार हिंदी हाई स्कूल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्कूल की एक शिक्षिका छुट्टी होने के बाद परिसर के भीतर ही करीब एक घंटे तक बंद रहीं। शिक्षिका कृष्णा वर्मन ने आसपास के लोगों और कुछ अभिभावकों को फोन करके मदद मांगी, तब कहीं जाकर गेट का ताला खोला गया और उन्हें बाहर निकाला जा सका। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित अभिभावक स्कूल पहुंच गए और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

आखिर स्कूल के अंदर कैसे फंसीं शिक्षिका?

जानकारी के मुताबिक, शिक्षिका कृष्णा वर्मन स्कूल की मॉर्निंग शिफ्ट में पढ़ाती हैं। उनका कहना है कि मॉर्निंग सत्र खत्म होने के बाद जब वह स्कूल से निकलने के लिए गेट की तरफ बढ़ीं तो देखा कि परिसर के भीतर वाले गेट पर बाहर से ताला जड़ा हुआ था। उन्होंने स्कूल के कई कर्मचारियों और साथियों को आवाज लगाकर मदद के लिए बुलाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए सामने नहीं आया। करीब एक घंटे तक अकेले परिसर में बंद रहने के बाद उन्होंने आसपास रहने वाले लोगों और कुछ छात्रों के अभिभावकों को फोन लगाकर पूरी घटना बताई। फोन पर खबर मिलते ही अभिभावक तुरंत स्कूल की ओर दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचकर उन्होंने काफी देर तक हंगामा किया, जिसके बाद ही गेट का ताला खोला जा सका और शिक्षिका को बाहर निकाला गया।

ये भी पढ़ें

प्रधानाध्यापक पर शिक्षिका ने लगाए ये आरोप

कृष्णा वर्मन ने इस पूरे मामले के लिए स्कूल के प्रधान शिक्षक जयंत कुमार पांडा को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि प्रधान शिक्षक ने हाल ही में स्कूल में समय को लेकर बेहद सख्त नियम लागू कर दिए हैं और तय समय होते ही गेट पर ताला जड़ दिया जाता है, चाहे अंदर कोई मौजूद हो या नहीं। शिक्षिका के मुताबिक इस सख्ती की वजह से पहले भी कई बार शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ चुका है, लेकिन इस बार मामला इतना बढ़ गया कि उन्हें खुद घंटेभर परिसर में कैद होकर फोन के सहारे मदद मांगनी पड़ी।

भाजपा कार्यकर्ताओं की एंट्री से बढ़ा तनाव, पुलिस को बुलाना पड़ा

इस बीच खबर फैलते ही इलाके के कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी स्कूल परिसर में पहुंच गए और प्रधान शिक्षक के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे स्कूल परिसर में माहौल और तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद कांकसा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच आपस में बैठक हुई, जिसमें बातचीत के जरिए मामला शांत कराया गया।

प्रधान शिक्षक बोले, आरोप पूरी तरह गलत

वहीं स्कूल के प्रधान शिक्षक जयंत कुमार पांडा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि एक ही परिसर में तीन अलग-अलग स्कूल चलते हैं, इसलिए विद्यार्थियों खासकर छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मॉर्निंग सत्र खत्म होते ही भवन का मुख्य गेट बंद कर दिया जाता है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति अंदर दाखिल न हो सके। प्रधान शिक्षक का कहना है कि शिक्षिका को इस स्थिति में सीधे उन्हें फोन करके सूचित करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने बाहर के अन्य लोगों को बुला लिया, जिसकी वजह से पूरा मामला गलतफहमी में उलझकर बड़ा बन गया। उन्होंने अभिभावकों और स्टाफ को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए स्कूल में इस पर चर्चा कर उचित और स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाएगी।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां हुई?
यह घटना पश्चिम बर्धमान जिले के कांकसा थाना क्षेत्र के पानागढ़ बाजार हिंदी हाई स्कूल में हुई।
शिक्षिका कितनी देर तक स्कूल में फंसी रहीं?
शिक्षिका कृष्णा वर्मन छुट्टी के बाद करीब एक घंटे तक स्कूल परिसर में बंद रहीं।
शिक्षिका बाहर कैसे निकल सकीं?
उन्होंने आसपास के लोगों और कुछ अभिभावकों को फोन किया, जिसके बाद अभिभावक स्कूल पहुंचे और काफी देर हंगामा करने के बाद गेट का ताला खोला गया।
शिक्षिका ने किस पर आरोप लगाया?
उन्होंने स्कूल के प्रधान शिक्षक जयंत कुमार पांडा पर आरोप लगाया कि वह अचानक समय को लेकर सख्त नियम लागू कर रहे हैं और तय समय होते ही गेट पर ताला लगा देते हैं।
घटना के बाद स्कूल में और क्या हुआ?
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी स्कूल पहुंचे और प्रधान शिक्षक के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद कांकसा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रधान शिक्षक ने आरोपों पर क्या सफाई दी?
उन्होंने कहा कि परिसर में तीन स्कूल चलते हैं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए मॉर्निंग सत्र के बाद गेट बंद किया जाता है, और शिक्षिका को सीधे उन्हें फोन करना चाहिए था, बाहर के लोगों को बुलाने से गलतफहमी बढ़ी।
मामला आखिर कैसे शांत हुआ?
पुलिस, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच हुई बैठक के बाद बातचीत से मामला शांत कराया गया और प्रधान शिक्षक ने भविष्य में उचित व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR