पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आज दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर पहुंचे और उस 11 साल की बच्ची के माता-पिता से मुलाकात की, जिसकी रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। बारुईपुर के एसपी दफ्तर में हुई इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने रेप-मर्डर की इस घटना के बाद इलाके में भड़की हिंसा को लेकर स्थानीय अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की पूरी समीक्षा भी की।
अपराधियों और उपद्रवियों के लिए सख्त संदेश
एसपी दफ्तर में अधिकारियों के साथ बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने आकर कड़े शब्दों में अपराधियों और उपद्रव करने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह रेप-हत्या से जुड़ा हो या बाद में हुई हिंसा से। पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने जिस इंद्रजीत मंडल को पीट-पीटकर मार डाला था, वह पूरी तरह निर्दोष थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे जघन्य कांड और उसके बाद हुई गुंडागर्दी में करीब 200 लोगों की भूमिका सामने आई है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जो भी कानून अपने हाथ में लेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
डीजीपी को 72 घंटे में नतीजे दिखाने का निर्देश
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के डीजीपी को इस मामले में तेजी से कार्रवाई पूरी करने के लिए 72 घंटे की समय सीमा तय की है। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि पुलिस प्रशासन को इस तय समय के भीतर मामले के सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करना होगा। इसके अलावा इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के मकसद से सूर्यपुर में एक नई पुलिस चौकी बनाने का भी फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने भारचूलायी सहित आसपास के सभी थानों के जिम्मेदार अधिकारियों से भी सीधे बात की और उन्हें इलाके में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ऐलान किया कि हालात का जायजा लेने के लिए वह एक हफ्ते बाद दोबारा बारुईपुर आएंगे। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार बनने के बाद आर जी कर मेडिकल कॉलेज मामले में तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
शव मिलने के बाद भड़की थी हिंसा
इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि इस मामले के दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी। दरअसल रविवार को बच्ची का शव सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरे के अंदर मिला था। शव मिलते ही स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा फैल गया और उन्होंने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए बारुईपुर-जयनगर रोड को जाम कर दिया। इस दौरान भीड़ ने पुलिस के कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। शव बरामद होने के कुछ ही घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने एक व्यक्ति को बच्ची की मौत में शामिल होने के शक में पीट-पीटकर मार डाला, वही इंद्रजीत मंडल थे जिन्हें मुख्यमंत्री ने बाद में निर्दोष बताया। इस पूरे मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और राज्य सरकार ने घटना की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है।











