पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में रायान-1 ग्राम पंचायत के प्रधान कार्तिक बाग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर अवैध हथियार रखने, इलाके में रंगदारी वसूलने और आम लोगों को धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। बर्दवान थाना पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए अदालत में 7 दिन की पुलिस हिरासत की मांग रखी है। प्रधान की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही रायान इलाके की राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि पर इस तरह के गंभीर आरोप लगने से इलाके के प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े हलकों में भी बेचैनी साफ देखी जा रही है।
शिकायतों का सिलसिला और अवैध हथियार की सूचना
पुलिस के मुताबिक कार्तिक बाग के खिलाफ पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें आ रही थीं। इलाके के लोगों का कहना था कि प्रधान पद की आड़ में उनसे रंगदारी वसूली जा रही है और विरोध करने पर धमकाया जा रहा है। इसी बीच पुलिस को यह सूचना भी मिली कि कार्तिक बाग के पास अवैध आग्नेयास्त्र मौजूद है। इन तमाम शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बर्दवान थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अभियान चलाया और प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
गिरोह में और कौन-कौन शामिल, पुलिस खंगाल रही कड़ियां
पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच का सबसे बड़ा मकसद यह पता लगाना है कि कथित रंगदारी गिरोह में प्रधान के अलावा और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही यह भी साफ करना है कि प्रधान के पास मौजूद अवैध हथियार आखिर कहां से और किसके जरिए पहुंचा। इन्हीं दो सवालों के जवाब के लिए पुलिस ने अदालत से कार्तिक बाग को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की इजाजत मांगी है। पुलिस का मानना है कि हिरासत में पूछताछ के दौरान गिरोह के बाकी सदस्यों और हथियार सप्लाई करने वालों तक पहुंचना आसान होगा, क्योंकि रंगदारी जैसे मामलों की जड़ें अक्सर एक अकेले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि पूरे नेटवर्क तक फैली होती हैं।
कार्तिक बाग बोले, मुझे साजिश के तहत फंसाया गया
अदालत में पेशी के दौरान मीडिया से बातचीत में कार्तिक बाग ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। कार्तिक बाग ने कहा, मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मेरे खिलाफ झूठा मामला बनाया गया है। फिलहाल बर्दवान थाना पुलिस पूरे प्रकरण की तह तक जाने में जुटी है और आगे की पूछताछ तथा जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़े बाकी तथ्य सामने आ पाएंगे।
बर्दवान अदालत परिसर में फर्जी वकील को लेकर पोस्टर से हड़कंप
इसी बीच बर्दवान जिला अदालत परिसर में शनिवार सुबह एक अलग ही विवाद खड़ा हो गया। अदालत परिसर के भीतर एक कथित फर्जी वकील के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों ने वकीलों और प्रशासनिक हलकों में भारी हलचल मचा दी। आरोप निलय चोंगदार नाम के एक शख्स पर लगे हैं, जो लंबे समय से बर्दवान अदालत में वकालत करते आ रहे थे। सुबह अदालत परिसर के वाहन और साइकिल स्टैंड के पीछे अचानक दो अलग-अलग पोस्टर नजर आए, जिनमें निलय चोंगदार पर बिना विधि परीक्षा पास किए वकालत करने का आरोप लगाया गया। पोस्टरों में यह सवाल भी उठाया गया कि आखिर बिना बार की सदस्यता के वह इतने वर्षों तक किसके संरक्षण में काम करते रहे। यह मामला सामने आते ही वकीलों के बीच खलबली मच गई और बार एसोसिएशन ने तुरंत इसकी जांच शुरू कर दी।











