जलपाईगुड़ी जिले के एक स्कूल में शिक्षक दिवस के मौके पर परोसे गए विशेष मिड-डे मील को लेकर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब खाने के वितरण को लेकर उपजे विवाद के बीच हेडमास्टर और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। उत्सव के माहौल में शुरू हुआ यह आयोजन देखते ही देखते अफरा-तफरी में बदल गया, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।
विवाद की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम
मंगलवार दोपहर को हुई इस घटना की शुरुआत तब हुई जब कुछ छात्र रसोईघर के भीतर चले गए, जिसके बाद हेडमास्टर धर्मचंद बारुई गुस्से में आ गए और उन्होंने कक्षा दस के कुछ विद्यार्थियों की पिटाई कर दी। इस कार्रवाई से तुरंत ही परिसर में तनाव फैल गया और आक्रोशित छात्रों के एक समूह ने हेडमास्टर को घेरकर हमला कर दिया। इस मारपीट में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें पुलिस की मदद से बचाया गया और तुरंत जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। छात्रों के एक अन्य पक्ष का दावा है कि विद्यार्थियों को उस भोजन के दौरान पकड़ा नहीं गया था, जिसे लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ। घटना का वीडियो फुटेज सामने आने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।
जांच और प्रशासनिक कदम
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मंगलवार की इस घटना की औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव बिनोद कुमार के निर्देशों का पालन करते हुए, जिला स्कूल निरीक्षक सुजीत सरकार ने बुधवार को स्कूल का दौरा किया और शिक्षकों से बातचीत कर झगड़े की असली वजह टटोलने की कोशिश की। सुजीत सरकार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे घटना की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, और मैं तय समय के भीतर जांच रिपोर्ट सौंप दूंगा।" इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या प्रधानाध्यापक बरुई के खिलाफ पहले से कोई शिकायत दर्ज थी या ऐसी कोई बात थी जिससे विद्यार्थियों में असंतोष पनपा हो।
शिक्षा मंत्री का दौरा और आगामी कार्रवाई
हेडमास्टर की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें 15 दिन की छुट्टी प्रदान की गई है। इस बीच, अगले शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन खुद जलपाईगुड़ी के उस स्कूल का दौरा करने वाले हैं, जहां यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। मंत्री के इस दौरे के दौरान इलाके के अन्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से भी मुलाकात किए जाने की संभावना है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इससे पहले भी पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक शिक्षक द्वारा छात्रों की पिटाई किए जाने का मामला सामने आ चुका है, जैसा कि बांकुड़ा जिले में शिक्षक दिवस पर एक टीचर ने छात्रों की जमकर पिटाई की घटना से स्पष्ट है। इसके अलावा, राज्य में अन्य हादसों की भी खबरें आई हैं, जैसे शिक्षक दिवस से पहले एक होम ट्यूटर की सड़क हादसे में मौत का मामला भी हाल ही में सामने आया था।





















