अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ कड़े तेवर अपनाते हुए वाहन उद्योग और मेटल सेक्टर पर भारी भरकम टैक्स थोपने का निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि आगामी 1 जनवरी से कनाडाई गाड़ियों, गाड़ियों के पुर्जों और स्टील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया जाएगा। दोनों पड़ोसी और पारंपरिक रूप से करीबी माने जाने वाले देशों के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत पिछले ही हफ्ते पटरी से उतर गई थी, जिसके बाद यह बड़ा कदम सामने आया है। वार्ताओं के विफल होने के बाद अमेरिका ने अपने तयशुदा शुल्क लगाने शुरू कर दिए हैं, और इसके जवाब में कनाडा ने भी पलटवार करने की अपनी मंशा साफ कर दी है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तीखा संदेश साझा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में खुलकर आरोप लगाया कि कनाडा लंबे समय से अमेरिका को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहा है। कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कनाडाई नियमों और अत्यधिक शुल्कों की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह स्थिति अब और अधिक सहन करने योग्य नहीं है। उनके मुताबिक, इस असहज व्यापारिक संतुलन के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था को 60 अरब डॉलर का घाटा झेलना पड़ा है, जिससे अमेरिकी किसानों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।
क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया संदेश में विस्तार से समझाया कि यह नया आर्थिक दबाव किस तरह लागू होगा। उन्होंने लिखा कि कनाडा बरसों से अमेरिका का नाजायज फायदा उठा रहा है और किसानों पर भारी टैक्स लगाकर अमेरिकी देशभक्तों का जीवन मुश्किल कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि 1 जनवरी, 2027 से सभी तरह की कारों, हल्के और भारी ट्रकों, ऑटोमोटिव पार्ट्स और स्टील पर टैरिफ को बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो कंपनियां अमेरिका के भीतर ही अपना सामान बनाएंगी, उन्हें शून्य टैरिफ का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कड़े शब्दों में यह भी कहा कि अब कनाडा के साथ किसी अमेरिकी राज्य जैसा बर्ताव नहीं किया जाएगा।
कनाडा पर व्यापारिक नीति को लेकर गंभीर आरोप
अमेरिकी प्रशासन का रुख स्पष्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को उन देशों की सूची में सबसे ऊपर रखा जिनके साथ व्यापार करना सबसे पेचीदा काम है। उन्होंने तर्क दिया कि ओटावा पूरी तरह से अमेरिकी बाजार की ताकत पर निर्भर है, जबकि अमेरिका की निर्भरता कनाडा पर वैसी नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कनाडाई पक्ष खुद को बहुत हकदार मानता है, जबकि हकीकत यह है कि अमेरिका को कनाडा की कोई खास दरकार नहीं है, बल्कि इसके विपरीत कनाडा अपने कुल व्यापार का 95 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका के साथ ही करता है, जो इस रिश्ते के असंतुलन को साफ दिखाता है।
द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ी खटास
इस ताजा तकरार से वॉशिंगटन और ओटावा के बीच पहले से ही उपजे तनाव और अधिक गहरे हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप लगातार कनाडाई व्यापार नीतियों पर सवालिया निशान लगाते रहे हैं और यहाँ तक संकेत दे चुके हैं कि कनाडा भविष्य में अमेरिका का हिस्सा बन सकता है। इन नए करों के ऐलान के बाद से उन तमाम व्यावसायिक क्षेत्रों और उद्योगों में भारी अनिश्चितता छा गई है, जिनकी आपूर्ति शृंखलाएँ अमेरिका और कनाडा की सीमाओं के आर-पार गहराई तक आपस में जुड़ी हुई हैं।





















