वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर की चाल को लेकर विशेषज्ञों का रुख सतर्क बना हुआ है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के क्वेक सेर लियांग और ली सू आन ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर में आए उतार-चढ़ाव के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट की है। शुक्रवार के सत्र में इस मुद्रा जोड़ी में गिरावट दर्ज की गई थी और यह 1.2682 के निचले स्तर को छूने के बाद लगभग 1.2700 के आसपास बंद हुई थी।
अल्पकालिक दायरे में उतार-चढ़ाव की संभावना
बैंक के जानकारों का अनुमान है कि बहुत ही निकट अवधि में यह मुद्रा जोड़ी सीमित दायरे में कारोबार करती नजर आ सकती है। इसके 1.2680 और 1.2715 के दायरे में रहने की उम्मीद जताई गई है। पिछले सप्ताह जब अमेरिकी डॉलर 1.2715 पर था, तब यह उम्मीद जताई जा रही थी कि मौजूदा मूल्य गतिविधियां 1.2700 से 1.2730 के बीच एक कंसोलिडेशन चरण का हिस्सा हो सकती हैं। हालांकि, दायरे में टिकने के बजाय अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आई और यह फिसलकर 1.2682 के निचले स्तर तक चला गया था।
इस गिरावट के बाद डॉलर ने कुछ रिकवरी करने की कोशिश की और अंततः 0.29 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1.2699 पर बंद हुआ। हालांकि इसमें कमजोरी जरूर आई है, लेकिन बिकवाली के दबाव में कोई बड़ा और तेज उछाल देखने को नहीं मिला है। यही वजह है कि इसके आज भी किसी बड़ी दिशा में भागने के बजाय एक निश्चित दायरे में ही घूमने की ज्यादा संभावना है।
साप्ताहिक और मध्यम अवधि का दृष्टिकोण
आने वाले कुछ हफ्तों के लिए मुद्रा जोड़ी को लेकर नकारात्मक दृष्टिकोण इस महीने की शुरुआत से ही बरकरार रखा गया है। पिछले सप्ताह विश्लेषण के दौरान यह बात सामने आई थी कि हालांकि अमेरिकी डॉलर के लिए गिरावट का जोखिम अभी भी बना हुआ है, लेकिन बाजार में ओवरसोल्ड यानी अत्यधिक बिकवाली की स्थिति आने वाले समय में गिरावट की रफ्तार को कुछ धीमा कर सकती है। इस दौरान 1.2670 का स्तर वह अगला पड़ाव है जिस पर निवेशकों की विशेष नजर बनी हुई है।
विश्लेषकों का यह भी साफ कहना है कि जब तक 1.2750 का मजबूत प्रतिरोध स्तर नहीं टूटता, तब तक यह नकारात्मक दृष्टिकोण वैध बना रहेगा। गौरतलब है कि इससे पहले यह मजबूत प्रतिरोध स्तर 1.2760 पर आंका गया था। इस स्तर के नीचे टिके रहने तक डॉलर पर ऊपर की तरफ रिकवरी के दौरान दबाव बने रहने के पूरे आसार हैं।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और वस्तुओं का हाल
विदेशी मुद्रा बाजार के मोर्चे पर ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की इस जोड़ी में शुरुआती सुधार के बाद नरमी लौटती दिख रही है। सप्ताह की शुरुआत में यह जोड़ी 1.3600 के शुरुआती निचले स्तरों के आसपास फिर से मंडरा रही है। अमेरिकी ग्रीनबैक में ठीकठाक बढ़त के बीच केबल में हल्की कमजोरी का रुख है, क्योंकि निवेशक आगामी अमेरिकी डेटा और जैक्सन होल कार्यक्रम को लेकर काफी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
इसी तरह यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी भी थोड़े दबाव में नजर आ रही है और सोमवार को यह फिसलकर 1.1660 के दायरे के आसपास अपने दैनिक निचले स्तर तक पहुंच गई। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर में आई अच्छी तेजी को माना जा रहा है, जबकि निवेशक अमेरिकी मनी मार्केट की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं।
दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश के रूप में देखे जाने वाली पीली धातु यानी सोना अपनी शुरुआती बढ़त के एक हिस्से को गंवा चुका है, फिर भी सोमवार को यह प्रति ट्रॉय औंस 4,600 डॉलर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से ऊपर मजबूती के साथ टिका हुआ है। सोने में यह तेजी अमेरिकी डॉलर में हल्की बढ़त और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली गिरावट के बावजूद देखने को मिल रही है।
अमेरिकी ट्रेजरी के बड़े कदम
बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा फैसला लिया जो बाजार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। विभाग ने दोपहर 12:32 जीएमटी पर घोषणा की कि वह 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के सेक्टरों में तरलता समर्थन के लिए चलाए जा रहे बायबैक ऑपरेशनों के आकार को कम से कम दोगुना करने जा रहा है। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी।
अस्वीकरण और बाजार जोखिम
बाजार से जुड़े इन विवरणों और दूरदर्शी बयानों में कई तरह के जोखिम और अनिश्चितताएं शामिल होती हैं। यहां उल्लिखित सभी वित्तीय उपकरण और बाजार केवल सूचना के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं और इन्हें किसी भी रूप में परिसंपत्तियों को खरीदने या बेचने की सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। किसी भी प्रकार का निवेश निर्णय लेने से पहले निवेशकों को अपनी खुद की गहन जांच और पड़ताल अवश्य कर लेनी चाहिए।
खुले बाजारों में निवेश करने के साथ भारी मात्रा में वित्तीय जोखिम जुड़ा होता है, जिसमें मूलधन का आंशिक या संपूर्ण नुकसान और मानसिक तनाव भी शामिल हो सकता है। निवेश से जुड़ी तमाम हानियां और लागतें निवेशक की अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होती हैं। इस लेख में व्यक्त किए गए विचार पूरी तरह से लेखकों के अपने हैं और जरूरी नहीं कि वे किसी अन्य संस्थान या विज्ञापनदाताओं की आधिकारिक नीति या स्थिति को दर्शाते हों।



















