कैलिफोर्निया के दूसरे डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ऑफ अपील ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से फैसला सुनाया कि हार्वे वाइनस्टीन के खिलाफ 2022 में लॉस एंजेलस काउंटी में सिद्ध हुए बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोप बरकरार रहेंगे। तीन जजों की इस पीठ ने 74 वर्षीय वाइनस्टीन की दोषसिद्धि को सही ठहराया। हालांकि इसी फैसले में अदालत ने यह भी कहा कि उन्हें दी गई 16 साल की सजा को इस तरह जारी नहीं रखा जा सकता और ट्रायल जज को नए सिरे से सेंटेंसिंग सुनवाई करने का निर्देश दिया।
प्रवक्ता ने जताई निराशा
वाइनस्टीन के प्रवक्ता जूडा एंगेलमेयर ने ईमेल के जरिए बयान जारी किया।
"हम आज के फैसले से निराश हैं और कोर्ट ऑफ अपील के इस निष्कर्ष से विनम्रतापूर्वक असहमत हैं कि मिस्टर वाइनस्टीन का ट्रायल निष्पक्ष था। उसी समय, अदालत ने सही पहचाना कि उनकी सजा बरकरार नहीं रह सकती।"
इस बयान से साफ है कि बचाव पक्ष दोषसिद्धि के मोर्चे पर हार गया, लेकिन सजा के सवाल पर उसे आंशिक राहत मिली।
बचाव पक्ष की दलीलें
वाइनस्टीन के वकीलों ने लॉस एंजेलस मामले में केवल सजा की समीक्षा नहीं, बल्कि पूरी तरह नए ट्रायल की मांग की थी। उनकी अपील का मुख्य आधार यह था कि सुपीरियर कोर्ट की जज लिसा बी. लेंच ने एक फिल्म फेस्टिवल के प्रमुख की गवाही को अनुचित तरीके से सीमित कर दिया था। बचाव पक्ष का कहना था कि इस पाबंदी के चलते वे ट्रायल के दौरान आरोपकर्ता की विश्वसनीयता को पूरी तरह चुनौती नहीं दे पाए।
आरोप और पीड़िता की असली पहचान
शुक्रवार के फैसले में जो दोषसिद्धि बरकरार रही, उसमें बलात्कार का एक आरोप और यौन उत्पीड़न के दो आरोप शामिल हैं। तीनों आरोप एक इटालियन मॉडल और अभिनेत्री से जुड़े थे, जिन्हें आपराधिक मुकदमे के दौरान जेन डो 1 कहा गया। ट्रायल खत्म होने के बाद उन्होंने सिविल मुकदमा दायर करते समय येव्गेनिया चेर्नीशोवा के रूप में सार्वजनिक रूप से खुद को सामने रखा।
चेर्नीशोवा ने गवाही दी कि 2013 के एलए इटालिया फिल्म फेस्टिवल के दौरान वाइनस्टीन बिना बुलाए उनके होटल के कमरे में आए और वहां उनके साथ दुष्कर्म किया। बचाव पक्ष ने दावा किया कि ट्रायल में वकीलों को चेर्नीशोवा और फेस्टिवल प्रमुख पास्कल वाइसडोमिनी के बीच हुई फेसबुक चैट के बारे में सवाल पूछने से गलत तरीके से रोका गया। उनका तर्क था कि वे संदेश इन दोनों के बीच यौन संबंध का संकेत देते थे, जिसे जूरी के सामने चेर्नीशोवा की गवाही को परखते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए था।
न्यू यॉर्क में एक दिन पहले मामला वापस
कैलिफोर्निया का यह फैसला न्यू यॉर्क में हुए एक बड़े घटनाक्रम के ठीक एक दिन बाद आया। गुरुवार को न्यू यॉर्क के अभियोजन पक्ष ने एलान किया कि वे वाइनस्टीन पर मीटू आंदोलन से जुड़े एक अन्य मामले में चौथी बार मुकदमा नहीं चलाएंगे। उस मामले की पीड़िता ने कहा कि पिछली अदालती कार्यवाहियों के बाद वह एक बार फिर गवाही देने की स्थिति में नहीं हैं।
हिरासत जारी रहेगी
मामला वापस होने के बावजूद वाइनस्टीन रिहा नहीं हुए। न्यू यॉर्क में उन पर एक अलग यौन अपराध की दोषसिद्धि कायम है और वे हिरासत में बने हुए हैं। न्यू यॉर्क में बलात्कार के मामले का कानूनी इतिहास काफी उलझा रहा। पहले दोषसिद्धि पलटी, फिर दो अलग ट्रायल में ज्यूरी एकमत फैसले पर नहीं पहुंची। अब वाइनस्टीन सितंबर में न्यू यॉर्क में शेष हमले की दोषसिद्धि पर सजा सुनाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।
दोनों सजाओं का क्रम
न्यू यॉर्क में अभियोजन पक्ष उस दोषसिद्धि के लिए 20 साल की सजा की मांग कर रहा है। कैलिफोर्निया में नई सेंटेंसिंग सुनवाई से जो भी सजा तय होगी, वाइनस्टीन उसे न्यू यॉर्क की सजा पूरी करने के बाद ही काटना शुरू करेंगे। यानी दोनों सजाएं एक के बाद एक लागू होंगी। इसका मतलब है कि नई सेंटेंसिंग सुनवाई का नतीजा चाहे जो हो, वाइनस्टीन लंबे समय तक हिरासत में रहेंगे।













