स्विट्जरलैंड के बासेल शहर में आयोजित स्विस इंडोर टूर्नामेंट के पहले दौर में हार के साथ अनुभवी खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने अपने पेशेवर टेनिस सफर का समापन कर दिया। इस मुकाबले में 41 वर्षीय खिलाड़ी को आठवीं वरीयता प्राप्त जिरी लेहेका के खिलाफ सीधे सेटों में 7-5, 7-6 (2) से शिकस्त का सामना करना पड़ा। अपने लंबे करियर के आखिरी पलों में उनका एक बैकहैंड शॉट कोर्ट से बाहर चला गया, जिसे देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शक काफी निराश हुए।
करियर की यादगार उपलब्धियां और बड़े मुकाबले
स्टेन वावरिंका ने साल 2002 में पेशेवर टेनिस की दुनिया में कदम रखा था और उन्होंने पिछले साल दिसंबर में ही यह साफ कर दिया था कि 2026 का सत्र टूर पर उनका अंतिम वर्ष होगा। विदाई से पहले एटीपी टूर की वेबसाइट से बातचीत करते हुए उन्होंने साझा किया था कि वह अपने खेल जीवन में सिर्फ अपना सौ प्रतिशत देना चाहते थे ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का पछतावा न रहे और खेल को विदा कहने का यह सबसे सही तरीका था।
नडाल और जोकोविच को मात देकर जीते ग्रैंड स्लैम
उनके करियर की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि उन्होंने अपने तीनों ग्रैंड स्लैम खिताब फाइनल मुकाबले में उस समय के दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी को परास्त करके अपने नाम किए थे। उन्होंने साल 2014 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के खिताबी मुकाबले में राफेल नडाल को हराया, जबकि 2015 के फ्रेंच ओपन और 2016 के यूएस ओपन के फाइनल में नोवाक जोकोविच को शिकस्त दी थी।
ओलंपिक स्वर्ण और डेविस कप में ऐतिहासिक योगदान
अपने शानदार सफर के दौरान स्टेन वावरिंका साल 2014 में अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ विश्व रैंकिंग नंबर तीन पर पहुंचे थे और उन्होंने कुल 16 टूर-स्तरीय खिताब भी अपने नाम किए। इसके अलावा उन्होंने साल 2008 के बीजिंग ओलंपिक में रोजर फेडरर के साथ मिलकर देश के लिए पुरुष युगल वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस दिग्गज जोड़ी ने मिलकर साल 2014 में स्विट्जरलैंड को उसका पहला ऐतिहासिक डेविस कप खिताब जिताने में भी अहम भूमिका निभाई थी।



















