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माली के राष्ट्रपति ने कथित तख्तापलट साजिश के दोषी फ्रांसीसी नागरिक को दिया क्षमादानदुनिया
13 अग॰ 2026, 9:37 pm (32 दिन पहले)· 2

माली के राष्ट्रपति ने कथित तख्तापलट साजिश के दोषी फ्रांसीसी नागरिक को दिया क्षमादान

माली के राष्ट्रपति असिमी गोइता ने 20 साल जेल की सजा काट रहे फ्रांसीसी नागरिक यान वेज़िलियर को राष्ट्रपति क्षमादान दे दिया है।

पश्चिम अफ्रीकी देश माली में एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ देखने को मिला है, जहां सैन्य सरकार ने फ्रांसीसी नागरिक यान वेज़िलियर को राष्ट्रपति क्षमादान दे दिया है। यान वेज़िलियर को देश की सरकार के खिलाफ तख्तापलट की साजिश में शामिल होने का दोषी ठहराते हुए 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। माली के राष्ट्रपति असिमी गोइता ने गुरुवार को इस माफी की घोषणा की। हालांकि, माली प्रशासन ने इस फैसले के पीछे के कारणों का तत्काल कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।

जासूसी के आरोप और फ्रांसीसी प्रतिक्रिया

माली के अधिकारियों ने यान वेज़िलियर पर फ्रांसीसी खुफिया सेवा के लिए काम करने का आरोप लगाया था। पिछले साल हुई गिरफ्तारियों के समय सुरक्षा मंत्री जनरल दाऊद अली मोहम्मदाइन ने बयान दिया था कि सशस्त्र बलों के कुछ तत्वों ने नागरिकों के साथ मिलकर गणराज्य के संस्थानों को अस्थिर करने का प्रयास किया था। सुरक्षा मंत्री के अनुसार, इन संदिग्धों ने विदेशी शक्तियों की मदद ली थी और यान वेज़िलियर ने राजनीतिक नेताओं, सैन्य कर्मियों और नागरिक समाज के सदस्यों को एकजुट करने का काम किया था।

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दूसरी ओर, फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था। फ्रांसीसी पक्ष का कहना था कि वेज़िलियर पर जासूसी और साजिश के लगाए गए सभी दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं। क्षमादान की हालिया घोषणा पर फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।

सुरक्षा संकट और 2021 का तख्तापलट

माली वर्ष 2012 से ही उग्रवादी हमलों और गंभीर सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। पूर्व फ्रांसीसी उपनिवेश रहे इस देश में लगातार हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है। इसी सुरक्षा स्थिति को संभालने का हवाला देते हुए असिमी गोइता ने वर्ष 2021 में सैन्य तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। सत्ता संभालने के बाद गोइता ने 2 साल के भीतर लोकतांत्रिक चुनाव कराने का वादा किया था, लेकिन वे चुनाव कभी आयोजित नहीं किए गए।

सैन्य शासन स्थापित होने के बावजूद उग्रवादी गुटों के हमलों में कोई कमी नहीं आई है, बल्कि हाल के महीनों में हिंसा की घटनाओं में और बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध और कूटनीतिक बदलाव

माली में राजनीतिक तनाव तब और बढ़ गया जब पिछले साल मई में सैन्य जुंटा ने देश के सभी राजनीतिक दलों को भंग कर दिया। यह कदम सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद उठाया गया था। माली के पूर्व प्रधानमंत्री मूसा मारा ने राजनीतिक दलों पर इस प्रतिबंध को सैन्य नेताओं द्वारा शुरू किए गए सुलह के प्रयासों को बड़ा झटका करार दिया था।

विदेश नीति के मोर्चे पर माली ने फ्रांस के साथ अपने पुराने संबंधों को पूरी तरह तोड़ लिया है। नाइजर और बुर्किना फासो जैसे पड़ोसी देशों के साथ मिलकर माली ने उग्रवाद से निपटने के लिए रूसी सहयोगियों की मदद ली है। हालांकि, रूसी सैन्य बलों की मौजूदगी के बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला है।

सवाल-जवाब

माली के राष्ट्रपति ने किसे क्षमादान दिया है?
राष्ट्रपति असिमी गोइता ने फ्रांसीसी नागरिक यान वेज़िलियर को क्षमादान दिया है।
यान वेज़िलियर को कितने साल की सजा सुनाई गई थी?
यान वेज़िलियर को तख्तापलट की साजिश रचने के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
माली सरकार ने फ्रांसीसी नागरिक पर क्या आरोप लगाए थे?
माली के सुरक्षा मंत्री के अनुसार, वेज़िलियर पर फ्रांसीसी खुफिया एजेंसी के लिए काम करने और गणराज्य को अस्थिर करने का आरोप था।
क्या फ्रांस ने इन आरोपों को स्वीकार किया था?
नहीं, फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने यान वेज़िलियर पर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·31 दिन पहले

माली के राष्ट्रपति असिमी गोइता द्वारा फ्रांसीसी नागरिक यान वेज़िलियर को क्षमादान देना पश्चिम अफ्रीका और यूरोप के बीच बदलते कूटनीतिक समीकरणों का संकेत है। यद्यपि माली ने पारंपरिक रूप से फ्रांस से संबंध तोड़कर रूस का रुख किया है, इस अचानक फैसले से पर्दे के पीछे किसी गुप्त कूटनीति या क्षेत्रीय दबाव की संभावना बढ़ती है। यूरोपीय संघ के दृष्टिकोण से, साहेल क्षेत्र में फ्रांसीसी नागरिकों की स्थिति और रूस के बढ़ते प्रभाव के बीच कूटनीतिक संतुलन साधना आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·31 दिन पहले

माली के राष्ट्रपति असिमी गोइता द्वारा फ्रांसीसी नागरिक यान वेज़िलियर को क्षमादान देना पश्चिम अफ्रीका और यूरोप के बीच गहरे भू-राजनीतिक तनावों के बीच एक अहम कूटनीतिक संकेत है। हालांकि माली ने पेरिस से संबंध तोड़कर रूस और वैगनर जैसे नए सुरक्षा साझीदारों का रुख किया है, लेकिन इस अप्रत्याशित फैसले से यह स्पष्ट होता है कि जुंटा सरकार क्षेत्रीय अलगाव से बचने और परदे के पीछे गुप्त वार्ताओं के जरिए कूटनीतिक गुंजाइश तलाशने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में यह कदम माली और पश्चिमी देशों के बीच अटके संवाद के अन्य चैनलों को भी खोलने का काम कर सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·31 दिन पहले

यह फैसला भले ही कूटनीतिक नरमी का संकेत लगे, लेकिन यह भी तय है कि माली का घरेलू सुरक्षा संकट और रूस पर बढ़ती निर्भरता जल्द बदलने वाली नहीं है। जब तक सैन्य जुंटा राजनीतिक दलों पर लगे प्रतिबंध हटाकर लोकतांत्रिक सुधारों की ओर नहीं बढ़ता, तब तक पश्चिम के साथ किसी भी बड़े कूटनीतिक सुधार की गुंजाइश सीमित ही रहेगी।

Li Wei@li-wei·31 दिन पहले

माली द्वारा फ्रांसीसी नागरिक को क्षमादान देना और रूस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाना यह दर्शाता है कि साहेल क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। फ्रांस से संबंध टूटने के बाद पश्चिम अफ्रीकी देशों की यह कूटनीति वैश्विक महाशक्तियों के बीच नए प्रभाव क्षेत्र की लड़ाई को गहरा कर रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ना तय है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·31 दिन पहले

माली के इस कदम का असर केवल साहेल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वाशिंगटन और पश्चिमी राजधानियों के लिए भू-रणनीतिक चिंता का विषय है। फ्रांसीसी प्रभाव के हटने और रूसी भागीदारी के बढ़ने से क्षेत्र में पश्चिमी कूटनीति के लिए नई चुनौतियाँ पैदा हो गई हैं, जिससे भविष्य की अमेरिकी और पश्चिमी सुरक्षा नीतियों पर सीधा असर पड़ना तय है।

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