ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त सिंथेटिक ड्रग लैब पकड़ी गईं, केंद्रीय गृह मंत्री ने अभियान को सराहात्योहारी सीजन और खेती की मांग से देश में डीजल की खपत में जबरदस्त तेजी, पखवाड़े में खपा 2.7 करोड़ बैरलईरान पर परमाणु विकल्प खारिज होने के बाद 96 डॉलर पर आया कच्चा तेल, खाड़ी संकट और भंडार में भारी गिरावट से बाजार गर्ममनी प्लांट की देखभाल: गमले में इस खास सफेद चीज के इस्तेमाल से दोगुनी तेजी से बढ़ेगा पौधा और छायेगी हरियालीएनवीआईडीआईए की पूर्व अधिकारी अमूल्य विश्वनाथ ने बताया, रोबोटिक्स अभी अपने 'लेगो युग' में हैपानी के संपर्क में आते ही खतरनाक हो जाते हैं माइक्रोप्लास्टिक्स, वैज्ञानिकों का नया खुलासानवरात्रि की महाष्टमी पर होगी माता महागौरी की विशेष पूजा, जानिए प्रिय पुष्प और शुभ रंगउत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक ही घर के भीतर फंदे पर लटके मिले पति-पत्नी, जांच में जुटी पुलिसदशहरे पर क्यों की जाती है शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा, जानिए क्या है धार्मिक मान्यतायुवा उद्यमियों की कंपनियों का मूल्यांकन 48 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, नई पीढ़ी के कारोबार में तेज उछाल
अमेरिका के डेथ वैली में भीषण गर्मी का कहर, 47 डिग्री तापमान में कार फंसने के बाद फ्रांसीसी टूरिस्ट की मौतदुनिया
25 अग॰ 2026, 5:41 pm (53 दिन पहले)· 4

अमेरिका के डेथ वैली में भीषण गर्मी का कहर, 47 डिग्री तापमान में कार फंसने के बाद फ्रांसीसी टूरिस्ट की मौत

अमेरिका के डेथ वैली नेशनल पार्क में अत्यधिक तापमान और कार के कीचड़ में फंसने के बाद 68 वर्षीय फ्रांसीसी सैलानी की दर्दनाक मौत हो गई।

अमेरिका के डेथ वैली नेशनल पार्क में एक 68 साल के फ्रांसीसी सैलानी की जान चली गई, जो अपने साथी के साथ घूमने के लिए वहां पहुंचा था। इस दिल दहला देने वाली घटना के समय इलाके का तापमान करीब 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था। अधिकारियों का मानना है कि इतनी भयंकर गर्मी और चिलचिलाती धूप इस सैलानी की मौत की मुख्य वजह बनी। यह इलाका अपनी चरम जलवायु के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात है, जहां जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।

कीचड़ में फंसी कार और मदद की तलाश

यह पूरी घटना डेथ वैली के वेस्ट साइड रोड की है। मृतक की पहचान पियरे फॉर्मोसा के रूप में हुई है, जो अपने एक साथी के साथ इस सुनसान इलाके में यात्रा कर रहे थे। क्वीन ऑफ शेबा माइन रोड के पास अचानक उनकी कार कीचड़ में जाकर फंस गई। उस वक्त आसपास कोई अन्य वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे तुरंत मदद मिल सकती। ऐसी विकट परिस्थिति में दोनों ने खुद ही पैदल चलकर मदद खोजने का जोखिम भरा फैसला लिया।

ये भी पढ़ें

पैदल सफर और तबियत का बिगड़ना

दोनों ने मुख्य सड़क की तरफ पैदल चलना शुरू कर दिया। उस समय हवा में तापमान लगभग 116 डिग्री फ़ॉरेनहाइट यानी 46.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास था। दोनों ने करीब 2 किलोमीटर तक पैदल दूरी तय की, लेकिन तभी फॉर्मोसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह आगे चलने में पूरी तरह असमर्थ हो गए। ऐसी स्थिति में उनके साथी ने उन्हें वहीं छोड़कर अकेले ही मदद की गुहार लगाने के लिए आगे बढ़ने का कठिन निर्णय लिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन और दुखद अंत

फॉर्मोसा का साथी किसी तरह मुख्य सड़क पर पहुंच गया, जहां उसे एक गुजरती हुई गाड़ी से सहायता मिल गई। इसके बाद वह फर्नेस क्रीक विजिटर सेंटर पहुंचा और दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही हरकत में आए पार्क रेंजर और इन्यो काउंटी के अधिकारियों ने दोपहर करीब 2:15 बजे फॉर्मोसा की तलाश का अभियान शुरू कर दिया। कुछ ही देर में कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल का एक हेलीकॉप्टर भी इस सर्च ऑपरेशन में शामिल हो गया। हेलीकॉप्टर की मदद से उसी दोपहर फॉर्मोसा को बैडवॉटर रोड से करीब 1.5 मील की दूरी पर ढूंढ निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।

दुनिया की सबसे गर्म जगह की भयावहता

डेथ वैली को पृथ्वी की सबसे गर्म जगहों में शुमार किया जाता है। इतिहास के पन्नों को देखें तो जुलाई 1913 में यहां के फर्नेस क्रीक में 134 डिग्री फ़ॉरेनहाइट यानी लगभग 56.7 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया था, जिसे धरती का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जाता है। यहां सिर्फ भयंकर गर्मी ही खतरा नहीं है, बल्कि इस पार्क का दायरा बेहद विशाल और वीरान है। यहां के कई हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क बिल्कुल काम नहीं करता है, जिसके कारण आपातकालीन स्थिति में सहायता पहुंचने में कई घंटे लग सकते हैं।

प्रशासन की सख्त हिदायतें और सुरक्षा उपाय

इस तरह की अनहोनी से बचने के लिए पार्क प्रशासन सैलानियों को यात्रा पर निकलने से पहले मौसम के मिजाज और रास्तों की पूरी जानकारी जुटाने की कड़ी सलाह देता है। पर्यटकों से हमेशा पर्याप्त मात्रा में पानी अपने साथ रखने और वाहन की पूरी तकनीकी जांच कराने की अपील की जाती है। पार्क प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार, हर व्यक्ति के लिए प्रतिदिन कम से कम एक गैलन पानी साथ रखना अनिवार्य माना जाता है। इसके अलावा, अत्यधिक तापमान के दौर में पर्यटकों को लंबी पैदल यात्रा से पूरी तरह बचने और केवल पक्की सड़कों पर ही अपनी गाड़ी चलाने की सख्त हिदायत दी जाती है ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां घटी थी?
यह घटना अमेरिका के डेथ वैली नेशनल पार्क के वेस्ट साइड रोड और क्वीन ऑफ शेबा माइन रोड के पास हुई।
मृतक पर्यटक की पहचान क्या थी?
मृतक की पहचान 68 वर्षीय फ्रांसीसी सैलानी पियरे फॉर्मोसा के रूप में हुई है।
घटना के समय तापमान कितना था?
घटना के समय इलाके का तापमान लगभग 47 डिग्री सेल्सियस यानी 116 डिग्री फ़ॉरेनहाइट तक पहुंच गया था।
डेथ वैली में अब तक का सबसे अधिक तापमान कब दर्ज किया गया था?
जुलाई 1913 में डेथ वैली के फर्नेस क्रीक में 134 डिग्री फ़ॉरेनहाइट यानी करीब 56.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp