नाइजीरिया से एक बहुत बड़ी और दुखद खबर सामने आई है, जहां पूर्वोत्तर हिस्से में हथियारों से लैस हमलावरों ने एक समुदाय पर धावा बोल दिया। देश की आपातकालीन एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की कि इस भयानक हमले में कम से कम 62 लोगों की मौत हो चुकी है। नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी के राज्य प्रमुख लादान अयुबा के मुताबिक, यह खूनी संघर्ष शुक्रवार को ताराबा राज्य के करीम-लामिडो स्थानीय सरकारी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिनारी समुदाय में हुआ। इस हिंसा की चपेट में आकर 52 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि जान बचाने के लिए हजारों स्थानीय निवासियों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा है।
नदी से भी बरामद किए गए शव
उत्तरी नाइजीरिया में इस तरह के सशस्त्र समूहों या डाकुओं द्वारा आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमले करना एक आम समस्या बन चुका है। नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान अब तक 52 शवों को पूरी तरह से बरामद कर लिया गया है, जिनमें से 15 शवों को बेनुए नदी से निकाला गया है। ताराबा पुलिस के प्रवक्ता विक्टर मशेलीज़ाह ने बताया कि मृतकों की यह संख्या अभी अंतिम नहीं है क्योंकि इलाके में और भी शव मिलने की आशंका बनी हुई है। सुरक्षा बल मौके पर मुस्तैद हैं और जैसे-जैसे नए शव बरामद होंगे, इस आंकड़े को अपडेट किया जाएगा।
जान बचाने के लिए नदी में कूदे लोग
एमनेस्टी इंटरनेशनल नाइजीरिया के निदेशक ईसा सनुसी ने घटना की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमलावरों ने भौगोलिक स्थिति का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों को खदेड़कर नदी की तरफ धकेल दिया गया था, जिससे बचने के लिए बेबस लोगों को उफनती नदी में कूदना पड़ा। पूरा नाइजीरिया इस समय बेहद जटिल सुरक्षा संकट से जूझ रहा है। देश में सक्रिय ये सशस्त्र डाकू न केवल नागरिकों पर हमले करते हैं बल्कि फिरौती वसूलने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों का अपहरण भी करते हैं और अवैध खदानों पर अपना नियंत्रण जमाए हुए हैं। इसके अलावा बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस जैसे खतरनाक इस्लामी चरमपंथी संगठन भी देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हिंसा को अंजाम देते रहते हैं।
किसानों पर भी हो चुके हैं हमले
नाइजीरिया में हिंसा का यह दौर नया नहीं है और इससे पहले भी ऐसी कई दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उत्तर पश्चिमी नाइजीरिया में हुई एक अन्य हिंसा में बंदूकधारियों ने 17 किसानों की हत्या कर दी थी। उस पुरानी घटना में 13 किसान बुरी तरह घायल हो गए थे जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। हमलावरों ने उस समय हमला बोला था जब किसान अपने खेतों में शांतिपूर्वक काम कर रहे थे। हालांकि, अभी तक किसी भी विद्रोही या चरमपंथी गुट ने इस ताजा हमले की आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी नहीं ली है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


















