लोकप्रिय चैटिंग प्लेटफॉर्म डिस्कॉर्ड ने मंगलवार को घोषणा की है कि वह अपने पब्लिक सर्वर पर होने वाली चुनिंदा बातचीत को इंटरनेट पर सर्च इंजन के जरिए ढूंढना आसान बनाने जा रहा है। इस नए अपडेट का मुख्य निशाना 'डिस्कवरेबल सर्वर्स' हैं, जो ऐसे पब्लिक सर्वर होते हैं जिन्हें एडमिनिस्ट्रेटर कंपनी के सर्वर डिस्कवरी फीचर में दिखाने के योग्य बनाते हैं। इस कदम का उद्देश्य लोगों को ऐसे उपयोगी सुझाव और जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है जो अक्सर डिस्कॉर्ड की चैट्स के भीतर ही दबी रह जाती हैं।
सर्च इंजन और नए वेब पेज
प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय 63,000 से ज्यादा डिस्कवरेबल सर्वर्स मौजूद हैं, जहां गेमिंग रणनीतियों से लेकर फैन क्लब, भाषा सीखने और विभिन्न खास विषयों पर चर्चाएं होती हैं। कंपनी का मानना है कि इन वार्ताओं को सर्च योग्य बनाने से इन कम्युनिटीज की पहुंच डिस्कॉर्ड एप की सीमाओं से बाहर तक फैल जाएगी। यह बदलाव पुराने ज़माने के इंटरनेट फोरम की तरह काम करेगा, जहां यूजर पब्लिक चर्चाओं को खंगालकर अपने सवालों के जवाब ढूंढ सकते हैं। गेमिंग कम्युनिटीज गेम खेलने के तरीके साझा कर सकती हैं, डेवलपर्स तकनीकी सलाह अधिक लोगों तक पहुंचा सकते हैं, और कंटेंट क्रिएटर्स बिना सिर्फ डिस्कॉर्ड के अपने फीचर्स पर निर्भर रहे नए दर्शकों को आकर्षित कर सकते हैं।
लागू होने की समयसीमा और नियम
आने वाले 16 नवंबर से हर डिस्कवरेबल सर्वर का अपना एक अलग वेब पेज होगा, जिसमें एक्टिव पब्लिक चैनल्स पर होने वाली बातचीत के ऑटोमेटेड सारांश भी दिखाई दे सकते हैं। इसके बाद दिसंबर के मध्य से पब्लिक चैनल्स के चुनिंदा संदेश सर्च इंजन के परिणामों में भी दिखने शुरू हो सकते हैं। सर्वर एडमिनिस्ट्रेटर यह तय कर सकेंगे कि किस चैनल को इसमें शामिल किया जाए, जबकि सामान्य सदस्य अपने संदेशों को पब्लिक सर्च में आने से रोकने के लिए ऑप्ट-आउट विकल्प चुन सकते हैं। प्रकाशित होने वाले संदेशों के साथ यूजरनेम या अवतार नहीं दिखाए जाएंगे। इसके अलावा प्राइवेट सर्वर, डायरेक्ट मैसेज और ग्रुप डायरेक्ट मैसेज इस नियम से पूरी तरह बाहर रखे गए हैं।
प्राइवेसी और एआई ट्रेनिंग को लेकर चिंताएं
इस नई घोषणा के बाद से इंटरनेट पर प्राइवेसी को लेकर काफी विरोध और चिंताएं सामने आने लगी हैं। कुछ यूजर्स इस बात से परेशान हैं कि उनकी बातचीत उनके मूल संदर्भ से बाहर एक बहुत बड़े दर्शक वर्ग के सामने आ जाएगी, क्योंकि पब्लिक सर्वर पर लिखने का यह मतलब बिल्कुल नहीं होता कि लोग चाहते हैं कि उनकी बातें पूरे इंटरनेट पर खोजी जा सकें। अन्य लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या इन चर्चाओं का उपयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा। इसी तरह के तर्क रेडिट के डेटा शेयरिंग और एआई ट्रेनिंग से जुड़े विवादों के दौरान भी उठे थे, जब यूजर्स ने सवाल किया था कि क्या उनकी बिना स्पष्ट सहमति और मुआवजे के उनके पोस्ट और कमेंट्स का इस्तेमाल एआई के लिए किया जाना चाहिए।
सेटिंग्स और कानूनी अपवाद
इन चिंताओं के जवाब में कंपनी का कहना है कि यूजर्स अपनी सेटिंग्स में जाकर अपनी प्राथमिकताएं खुद प्रबंधित कर सकते हैं, और सर्वर एडमिनिस्ट्रेटर के पास यह नियंत्रण रहता है कि कौन सा चैनल इस प्रक्रिया में भाग लेगा। खास बात यह है कि कानूनी प्रतिबंधों के कारण यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया में संदेशों को खोजने योग्य बनाने का विकल्प डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रखा गया है। इसके अलावा किशोर यूजर्स को भी इस नए फीचर से पूरी तरह बाहर रखा गया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






















