पेरू के सुदूर दक्षिणी क्षेत्र में स्थित रहस्यमयी नाज्का लाइन्स की आकाशीय सैर पर निकला एक छोटा विमान हादसे का शिकार हो गया। 1 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1 बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी 13 लोगों की जान चली गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार पिस्को एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले इस सेसना कारवां विमान में 11 पर्यटक और 2 पायलट मौजूद थे, जिनमें से कोई भी जीवित नहीं बचा।
हादसे का घटनाक्रम और राहत कार्य
आकाशीय पर्यटन सेवा प्रदान करने वाली कंपनी एयरोडियाना का यह छोटा विमान नाज्का शहर के समीप खेतों में जा गिरा। पुलिस अधिकारी जॉर्ज एंड्रेड ने बताया कि उड़ान के दौरान विमान अचानक अपना नियंत्रण खो बैठा और जमीन से तेजी से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर ही सभी सवारों की मृत्यु हो गई।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे। शुरुआती खोज और बचाव अभियान के दौरान मलबे से 4 शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य पीड़ितों के शवों को निकालने की प्रक्रिया लगातार जारी रखी गई है। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के सटीक तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों ने अभी मृत यात्रियों की नागरिकता या पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
नाज्का लाइन्स का रहस्य और आकर्षण
दक्षिणी पेरू के विशाल रेगिस्तान में फैली नाज्का लाइन्स दुनिया के सबसे रहस्यमयी पुरातात्विक स्थलों में शुमार की जाती हैं। सैकड़ों साल पहले स्थानीय आदिवासी समुदायों ने जमीन की ऊपरी काली परत को हटाकर इन विशाल रेखाचित्रों का निर्माण किया था। इन भू-आकृतियों में पक्षियों, बंदरों, मकड़ियों और जटिल ज्यामितीय डिजाइनों के विशाल रेखाचित्र शामिल हैं।
इन अनूठी आकृतियों का पूर्ण और स्पष्ट दृश्य केवल आसमान से ही संभव हो पाता है, जिसके कारण कई लोग इन्हें प्राचीन एलियन गतिविधियों से भी जोड़कर देखते हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस स्थल का मनमोहक हवाई नजारा देखने के लिए हर साल दुनिया भर से हजारों पर्यटक छोटे विमानों की मदद लेते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
नाज्का लाइन्स के ऊपर होने वाली पर्यटन उड़ानों के दौरान यह पहला बड़ा हादसा नहीं है। इस ताजा त्रासदी ने एक बार फिर इन उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में पर्यटकों को लेकर उड़ने वाले छोटे विमानों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चिंताएं जताई जाती रही हैं।
इससे पहले साल 2022 में भी पर्यटकों से भरा एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 7 लोगों की मौत हुई थी। वहीं साल 2010 में हुए एक अन्य विमान हादसे में 6 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। बार-बार होने वाले इन जानलेवा हादसों के बाद स्थानीय विमानन अधिकारियों और नागरिक सुरक्षा एजेंसियों पर पर्यटन उड़ानों की निगरानी और कड़े सुरक्षा नियम लागू करने का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है।



















