सोमालिया के पुंटलैंड तटवर्ती इलाके में महीनों से बंधक बने तेल टैंकर एमटी ऑनर 25 को समुद्री लुटेरों की गिरफ्त से छुड़ाने में बड़ी कामयाबी मिली है। पुंटलैंड सुरक्षा बलों ने 29 सितंबर 2026 को विशेष अभियान चलाकर इस वाणिज्यिक पोत को अपने नियंत्रण में ले लिया। यह पोत अप्रैल 2026 से ही समुद्री डकैतों के अवैध कब्जे में फंसा हुआ था। बचाव दल के पहुंचने से ठीक पहले बंधक बनाने वालों ने पोत पर मौजूद पांच कर्मियों को मौत के घाट उतार दिया, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। चार अन्य कर्मी इस हिंसक हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।
बंधक पोत पर खूनी हमला और सुरक्षा बलों का धावा
पुंटलैंड मैरीटाइम पुलिस फोर्स ने रणनीतिक कार्रवाई करते हुए तेल टैंकर को घेरकर अपने कब्जे में लिया और कई समुद्री लुटेरों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस वाणिज्यिक पोत पर कुल 17 कर्मी सवार थे, जिनमें ज्यादातर संख्या पाकिस्तानी नागरिकों की थी। बचाव अभियान पूरा होने से ऐन पहले डकैतों ने बर्बरता दिखाते हुए पांच बंधकों की जान ले ली। एफएसयूआई के ब्योरे के अनुसार, मारे गए कर्मियों में तीन पाकिस्तानी, एक म्यांमार का नागरिक और एक भारतीय नागरिक शामिल हैं।
भारतीय रसोइये की जान जाने की खबर और परिजनों की गुहार
हिंसक घटना में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक की पहचान पोत के कुक मोहम्मद तनवीरुज जमान के रूप में हुई है। मोहम्मद तनवीरुज जमान के परिजनों को अभी तक भारत सरकार की तरफ से उनकी मृत्यु को लेकर कोई औपचारिक संदेश नहीं मिला है। पीड़ित परिवार ने विदेश मंत्रालय और केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग से गुहार लगाई है कि स्थिति की आधिकारिक पुष्टि तुरंत की जाए और उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए।
राजनयिक स्तर पर स्थिति की पुष्टि के प्रयास
केन्या में स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस पूरे मामले में सक्रियता दिखाते हुए कहा है कि वह सोमालिया के संबंधित अधिकारियों से निरंतर संपर्क साधे हुए है। उच्चायोग एमटी ऑनर पर सवार भारतीय कर्मी की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी जुटा रहा है। राजनयिक अधिकारी भारतीय नागरिक की मौत से जुड़ी सूचनाओं की गहन पड़ताल कर रहे हैं ताकि जमीनी हकीकत स्पष्ट हो सके और आगे की कानूनी तथा मानवीय प्रक्रिया पूरी की जा सके।




















