दुबई से इजरायल के तेल अवीव शहर जा रहे एक वाणिज्यिक यात्री विमान में उस समय अफरातफरी मच गई जब उड़ान के दौरान ही दोनों मुख्य पायलट आपस में भिड़ गए। कॉकपिट के भीतर पायलट और सह-पायलट के बीच हुई इस कथित शारीरिक मारपीट के चलते विमान को आपातकालीन स्थिति में अपना रास्ता बदलना पड़ा। लगभग 150 यात्रियों को लेकर जा रहे इस विमान को गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे की तरफ मोड़कर सुरक्षित रूप से उतारा गया। इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी बेहद सतर्क कर दिया।
हवा में इमरजेंसी सिग्नल और हाइजैकिंग का भ्रम
फ्लाईदुबई का यह विमान बुधवार सुबह संयुक्त अरब अमीरात के दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इजरायल के बेन-गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। उड़ान भरने के करीब दो घंटे बाद विमान के ट्रांसपोंडर से अचानक एक इमरजेंसी कोड प्रसारित किया गया। इसके कुछ ही मिनटों बाद विमान ने कथित तौर पर वह कोड भेज दिया जो विमान अपहरण या हाइजैकिंग की सूचना देने के लिए निर्धारित होता है। हालांकि, कुछ देर बाद ही इस अलर्ट को बदलकर दोबारा सामान्य आपातकालीन संकेत में तब्दील कर दिया गया।
ट्रांसपोंडर से हाइजैकिंग का सिग्नल मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बाद में यह स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना को अपहरण का प्रयास नहीं माना गया है। इजरायली रक्षा अधिकारियों के हवाले से यह बात सामने आई कि यह असामान्य सिग्नल कॉकपिट के भीतर मुख्य पायलट और सह-पायलट के बीच हुई तीखी नोकझोंक और हाथापाई के कारण भेजा गया था।
सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग
विमान में सवार लगभग 150 लोगों में से अधिकांश इजरायली नागरिक थे। कॉकपिट में मची इस अफरातफरी के बाद विमान को तेल अवीव ले जाने के बजाय पूर्वोत्तर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसने आपात स्थिति में सुरक्षित लैंडिंग की। किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य को शारीरिक नुकसान पहुंचने की तत्काल कोई अन्य सूचना नहीं आई, लेकिन हवा में हुए इस विवाद ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
इजरायल में लड़ाकू विमान सक्रिय और आपात बैठक
विमान से संदिग्ध और आपातकालीन कोड प्रसारित होते ही इजरायल का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह हरकत में आ गया। स्थिति की संवेदनशीलता और संभावित हवाई खतरे को देखते हुए इजरायली वायुसेना ने तुरंत अपने लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तत्काल परामर्श बैठकें कीं। नागरिक उड्डयन के इतिहास में बीच हवा में कॉकपिट क्रू के बीच शारीरिक संघर्ष की घटनाएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं, और इस पूरे मामले पर विमानन अधिकारी विस्तृत जांच की प्रक्रिया में जुट गए हैं।



















