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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, कहा- सेना ही वहां की वास्तविक शासकदुनिया
29 अक्तू॰ 2026, 4:12 pm (2 घंटे पहले)· 2

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, कहा- सेना ही वहां की वास्तविक शासक

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वहां की सेना ही देश की वास्तविक शासक है और फॉर्म 47 सरकार सेना के निर्देशों के खिलाफ नहीं जा सकती। भारत ने देश की आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए झूठे आरोप लगाने का जिम्मा उठाने की बात कही।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तानी सेना ही देश की वास्तविक शक्ति और वास्तविक शासक है, तथा वहां की तथाकथित 'फॉर्म 47 सरकार' में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह सेना के निर्देशों को दरकिनार कर सके। संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में अल्पसंख्यक मुद्दों पर विशेष प्रतिवेदक के साथ संवाद सत्र के दौरान भारत ने यह कड़ा रुख अपनाया। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तान के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि पड़ोसी देश अपनी घरेलू असफलताओं और आंतरिक अराजकता से पूरी दुनिया का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है।

पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और अर्थव्यवस्था पर प्रहार

रघु पुरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की पोल खोलते हुए बताया कि वहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है और देश में चारों तरफ अराजकता का माहौल है। खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन तमाम घरेलू संकटों और विफलताओं को छिपाने के लिए पाकिस्तानी हुक्मरान लगातार भारत के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं और उसकी छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने की कोशिश में लगे हैं। पुरी ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की पूरी राजनीतिक व्यवस्था में केवल सशस्त्र बलों के हितों को सर्वोपरि रखा जाता है और देश के शासन पर सेना का सीधा और निर्णायक प्रभाव रहता है।

क्या है फॉर्म 47 सरकार का असली मतलब?

इस संबोधन के दौरान चर्चा में आए 'फॉर्म 47' शब्द को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया गया। फॉर्म 47 दरअसल पाकिस्तान का वह आधिकारिक चुनावी दस्तावेज है जिसमें किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के मतदान के अनंतिम और समेकित नतीजे दर्ज किए जाते हैं। फरवरी 2024 में संपन्न हुए देश के आम चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताएं देखने को मिली थीं, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों और आलोचकों द्वारा वर्तमान आधिकारिक नतीजों पर सवाल उठाने के लिए इसी फॉर्म 47 शब्द का खुलकर इस्तेमाल किया जाता है। रघु पुरी ने इसी संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी पृष्ठभूमि से बनी सरकार कभी भी सेना के प्रभाव से बाहर नहीं जा सकती और न ही उसकी अवहेलना कर सकती है।

अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन पर घेराव

पाकिस्तान द्वारा अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर भारत को घेरने की नाकाम कोशिशों के बीच भारत ने उसी के रिकॉर्ड की याद दिलाई। रघु पुरी ने कहा कि यह जगजाहिर तथ्य है कि पाकिस्तान में देश की आजादी के बाद से लेकर अब तक अल्पसंख्यक समुदायों की आबादी में भारी गिरावट आई है, जो उनके हनन का स्पष्ट प्रमाण है। भारत ने आग्रह किया कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने ही नागरिकों की भलाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अल्पसंख्यक मुद्दों के विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए यह भी कहा गया कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना संबंधित देशों की अपनी संप्रभु जिम्मेदारी होती है और आंतरिक मामलों को देश के नियमों के तहत ही सुलझाया जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर और विविधता पर भारत का दोटूक रुख

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार जम्मू-कश्मीर का राग अलापने वाले पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। अब वहां केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली कराया जाना ही शेष बचा है। रघु पुरी ने गर्व के साथ कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा बहुधार्मिक, बहुजातीय और बहुभाषी समाज है जहां विविधता सभ्यता के मूल में है। इसके विपरीत, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति दयनीय है। इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र में भारत की तरफ से प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन ने आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई थी और कारगिल युद्ध का जिक्र किया था।

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सवाल-जवाब

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर किसने पलटवार किया?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तान पर तीखा पलटवार किया।
भारत ने पाकिस्तान की सरकार को क्या नाम दिया?
भारत ने पाकिस्तान की सरकार को 'फॉर्म 47 सरकार' करार दिया और कहा कि सेना ही देश की वास्तविक शासक है।
'फॉर्म 47' का क्या मतलब है?
फॉर्म 47 पाकिस्तान का वह आधिकारिक चुनावी दस्तावेज है जिसमें निर्वाचन क्षेत्र के अनंतिम और समेकित नतीजे दर्ज होते हैं, जिस पर फरवरी 2024 के चुनावों में धांधली के आरोप लगे थे।
भारत ने पाकिस्तान के किस क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र किया?
भारत ने खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक मानवाधिकारों के उल्लंघन का जिक्र किया।
जम्मू-कश्मीर पर भारत का क्या रुख है?
भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और अब केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली कराया जाना बाकी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Verma@rohan-verma·43 मिनट पहले

जब भी संयुक्त राष्ट्र में ऐसी तीखी बहस की खबरें देखता हूँ, तो लखनऊ की अपनी पुरानी रिपोर्टिंग के दिन याद आ जाते हैं जहाँ नेता मंच से कुछ और कहते थे और असली डोर कहीं और से हिलती थी। पाकिस्तान का हाल तो उससे भी बुरा है जहाँ चुनी हुई सरकार सिर्फ नाम की है और हर फैसले पर सेना की मुहर जरूरी होती है।

Li Wei@li-wei·1 घंटे पहले

पाकिस्तान की सेना पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं, पर संयुक्त राष्ट्र में इस तरह सीधे नाम लेकर बोलना कूटनीति का अलग अंदाज़ है। हालांकि बात कितनी बदलेगी, कहना मुश्किल है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

बिल्कुल सही कहा ली वे, कूटनीति का अंदाज़ भले ही कड़ा हो पर ज़मीनी हालात बदलने में वक्त लगता है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·1 घंटे पहले

पाकिस्तान की सेना पर भारत का यह तंज बिल्कुल सच है, वहां की सरकार तो बस नाम की है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

कार्लोस, बात तो सही है पर क्या वाकई कोई भी सिविल सरकार वहां सेना के बिना थोड़ा भी टिक सकती है? मुझे इसमें थोड़ा शक लगता है।

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