दक्षिणी स्पेन के अंडालूसिया क्षेत्र में एक विनाशकारी जंगली आग ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा में कम से कम 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 19 अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अंडालूसिया के क्षेत्रीय नेता जुआनमा मोरेनो ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। अलमेरिया प्रांत के लॉस गालार्डोस के आसपास के जंगली इलाकों में लगी इस आग ने बेहद कम समय में एक बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
लॉस गालार्डोस और बेदार में भारी तबाही
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में मारे गए सभी 11 पीड़ितों के शव लॉस गालार्डोस के बाहरी इलाके में स्थित बेदार नामक एक छोटे से गांव और उसके आसपास से बरामद किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच और संकेतों से ऐसा प्रतीत होता है कि मृतकों में से चार लोग ब्रिटिश नागरिक थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। क्षेत्र में बहने वाली तेज हवाओं और सूखे पत्तों के कारण लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे लोगों के भागने के सारे रास्ते बंद हो गए।
अंडालूसिया के स्वास्थ्य और आपातकालीन मामलों के मंत्री एंटोनियो सांज ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह आग बेहद जटिल और अप्रत्याशित रूप से तेज थी। उन्होंने यह भी अंदेशा जताया है कि मरने वाले अधिकांश या संभवतः सभी लोग विदेशी नागरिक हो सकते हैं जो इस इलाके में रह रहे थे या घूमने आए थे। इससे पहले क्षेत्रीय सरकार ने मृतकों का आंकड़ा 12 बताया था, लेकिन एंटोनियो सांज ने स्पष्ट किया कि वह संख्या अनंतिम थी और वर्तमान में 11 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। हालांकि, लापता लोगों की संख्या को देखते हुए इस आंकड़े के बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
कार में फंसे रह गए पीड़ित
मंत्री एंटोनियो सांज ने घटना के खौफनाक मंजर को साझा करते हुए बताया कि चार पीड़ितों के शव एक कार के भीतर से बरामद किए गए हैं। ये लोग आग की लपटों के बीच अपनी गाड़ी में ही फंस गए थे और बाहर निकलने में असमर्थ रहे। उन्होंने बताया कि जिस कार से ये शव मिले हैं, उसमें स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर था, जिससे इन लोगों के ब्रिटिश मूल के होने की संभावना को बल मिलता है। इसके अलावा, सात अन्य पीड़ितों के शव अलग-अलग स्थानों से मिले हैं, जो जाहिर तौर पर अपनी जान बचाने के लिए आग से दूर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लपटों की चपेट में आ गए।
इस हादसे में झुलसे लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, चार लोगों को गंभीर रूप से झुलसने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, चार अन्य लोगों को मामूली रूप से झुलसने और भारी धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया है। डॉक्टरों की टीम सभी घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने में जुटी हुई है।
बिजली के खंभे से भड़की आग और प्रशासन की कार्रवाई
अंडालूसिया के क्षेत्रीय अध्यक्ष जुआनमा मोरेनो ने इस पूरी घटना को एक भीषण त्रासदी करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि इस हादसे से हमारा दिल भारी है और हम गहरे शोक में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे मलबे और प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान आगे बढ़ेगा, मृतकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।
आग लगने के कारणों को लेकर जुआनमा मोरेनो ने काडेना सेर रेडियो स्टेशन को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार, बिजली की एक लाइन का खंभा गिरने के कारण यह शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसने बाद में जंगल की आग का रूप ले लिया। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले की अभी विस्तृत जांच की जानी बाकी है। मोरेनो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए जो भी एजेंसियां या कंपनियां जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
राहत कार्य और बड़े पैमाने पर सुरक्षित निकासी
इस भीषण आग पर काबू पाने के लिए सैकड़ों की संख्या में अग्निशामक और बचावकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित इलाकों से लगभग 1,000 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में भेजा गया है। आग की भयावहता को देखते हुए कई महत्वपूर्ण सड़कों को भी यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है ताकि बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।
इस संकट की घड़ी में स्पेन की सेना भी मदद के लिए आगे आई है। स्पेन की सैन्य आपातकालीन इकाई (UME), जो देश में बड़ी आपातकालीन स्थितियों और आपदाओं से निपटने के लिए जानी जाती है, लॉस गालार्डोस में राहत और अग्निशमन कार्यों में शामिल हो गई है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इससे पहले मई के महीने में ही घोषणा की थी कि इस साल देश में जंगलों की आग से निपटने के लिए अब तक का सबसे बड़ा ग्रीष्मकालीन अभियान चलाया जाएगा। इस घोषणा के अनुरूप ही प्रशासनिक स्तर पर भारी मशीनरी और मानव संसाधन को तैनात किया गया है।
यूरोप में भीषण गर्मी और जलवायु परिवर्तन का संकट
यह विनाशकारी आग कोई इकलौती घटना नहीं है। इस गर्मी के मौसम में पूरे दक्षिणी यूरोप में तापमान लगातार 40C (104F) के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण भीषण लू और सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इस अत्यधिक गर्मी की वजह से स्पेन के साथ-साथ फ्रांस और पुर्तगाल के जंगलों में भी भीषण आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते वहां भी हजारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
इंपीरियल कॉलेज लंदन के वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन ग्रुप द्वारा किए गए एक स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन में भूमध्यसागरीय क्षेत्र में बढ़ती जंगलों की आग की घटनाओं को सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन से जोड़ा गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के कारण भविष्य में भी पूरे यूरोप में इस तरह की भीषण और बार-बार होने वाली जंगलों की आग की घटनाएं जारी रहने की प्रबल संभावना है। जल स्रोतों पर बढ़ता दबाव और शुष्क मौसम इस तरह की आपदाओं को और अधिक खतरनाक बना रहे हैं।











