घर पर ऐसे करें पेडीक्योर, पार्लर जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत और चमक उठेंगे पैरअलमारी में कपड़े रखने की नहीं होगी टेंशन, ₹1,000 से कम के ये 5 शानदार स्टोरेज प्रोडक्ट्स बचाएंगे जगहओडिशा सरकार की सुभद्रा योजना की नई किस्त जारी, ऐसे चेक करें खाते में पैसे आए या नहींग्रुप चैट की नर्क जैसी दुनिया से कैसे पाएं मुक्ति, जानें काम के असरदार तरीकेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप के मुरीद हुए उज्बेक राष्ट्रपति, देश के सबसे बड़े अवॉर्ड से किया सम्मानितबिना स्क्रीन वाले फिटनेस गैजेट्स का दौर क्यों लौट रहा हैसर्वश्रेष्ठ लेबल मेकर्स (2026): ब्रदर, नीमबॉट और डायमो डिवाइसउदयपुर नगर निगम चुनाव: कांग्रेस ने उतारे उम्मीदवार, पुराने दिग्गजों और राजनीतिक परिवारों को मिला टिकटमिथिला का पारंपरिक व्यंजन घोरजौर, सिर्फ 15 मिनट में ऐसे तैयार करेंकिचन के गंदे बर्तन स्टैंड को चमकाने के लिए अपनाएं बेकिंग सोडा वाला यह आसान नुस्खा
उज्बेकिस्तान के ताशकंद में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, बोले- यहाँ तो पूरा हिन्दुस्तान खड़ा कर दियादुनिया
30 अग॰ 2026, 3:05 pm (2 घंटे पहले)· 2

उज्बेकिस्तान के ताशकंद में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, बोले- यहाँ तो पूरा हिन्दुस्तान खड़ा कर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान ताशकंद पहुंचे, जहाँ राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता से पहले पीएम मोदी ने मेहमाननवाजी की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसा लगा जैसे ताशकंद में हिन्दुस्तान खड़ा कर दिया गया हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उज्बेकिस्तान के ताशकंद में शनिवार का दिन कूटनीतिक बैठकों के साथ-साथ आपसी दोस्ती, गर्मजोशी और अपनेपन के अहसास से भरा रहा। दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम बातचीत शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव का बेहद खास अंदाज में शुक्रिया अदा किया। उन्होंने भारत की तर्ज पर दिए गए शानदार स्वागत के लिए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की जमकर सराहना की और पिछली रात हुए रात्रिभोज की खास यादों को भी साझा किया।

प्रधानमंत्री ने जिक्र किया कि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव खुद खाने की हर एक चीज में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे। स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ-साथ वहाँ प्रतिभाशाली बच्चों का मनमोहक संगीत और नृत्य भी देखने को मिला। इस अनूठे माहौल को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लगा जैसे ताशकंद की धरती पर ही पूरा हिन्दुस्तान खड़ा कर दिया गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मेहमाननवाजी ने उनके भीतर के गुजराती को फिर से एक बार जीवंत कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने ताशकंद शहर को भारत के तिरंगे के रंगों से सजाए जाने को भी दिल को छू लेने वाला पल बताया।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी का नया दौर

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में रिश्तों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि दोनों देश अब अपने आपसी संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था के तहत सहयोग के लिए ठोस लक्ष्य तय किए जाएंगे और उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। व्यापार, निवेश, उन्नत डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।

विदेश मंत्रियों की समन्वय परिषद का गठन

दोनों मित्र देशों के बीच संस्थागत सहयोग के तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक नई समन्वय परिषद स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। यह परिषद सहयोग के सभी विभिन्न क्षेत्रों की नियमित समीक्षा करेगी और उनके बीच बेहतर तालमेल बिठाने का काम करेगी। इसके साथ ही, दोनों देशों के संयुक्त आयोग के स्तर को भी सचिव स्तर से बढ़ाकर सीधे मंत्री स्तर तक ले जाया जाएगा ताकि फैसलों को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा सके।

कारोबारी रिश्तों और मेगा प्रोजेक्ट्स पर चर्चा

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊँचाइयाँ देने के लिए दोनों पक्ष जल्द ही एक विशेष बिजनेस समिट आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इस आगामी शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी और उद्योग जगत के दिग्गज हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, जरूरी वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के बीच एक दीर्घकालिक व्यवस्था बनाने पर भी लंबी चर्चा हुई। स्थानीय स्तर पर संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए तीन नए सिस्टर सिटी और सिस्टर स्टेट समझौतों का भी उल्लेख किया गया, जिनका पूरा लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की बात कही गई।

गिफ्ट सिटी और योग का विशेष कनेक्शन

उज्बेकिस्तान में चल रहे न्यू ताशकंद जैसे विशाल मेगा प्रोजेक्ट्स के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने भारत के गुजरात स्थित गिफ्ट सिटी का विशेष रूप से उदाहरण दिया। उन्होंने उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल को भारत आने का खुला निमंत्रण दिया ताकि वे गिफ्ट सिटी में उपयोग हो रही आधुनिक तकनीक और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर सकें। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने एक विशेष योग कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में उज्बेक टीम की भागीदारी और पदक विजेताओं की सफलता को भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक नजदीकी का बड़ा प्रतीक बताया।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस देश की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर गए हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर ताशकंद गए हैं।
ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किसने किया?
ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने किया।
भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को क्या नया दर्जा मिलने जा रहा है?
दोनों देश अपने आपसी संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने जा रहे हैं।
द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए किस नई परिषद के गठन का फैसला हुआ है?
दोनों देशों के बीच विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय परिषद का गठन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में किस आधुनिक शहर का उदाहरण उज्बेकिस्तान के सामने रखा?
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में स्थित गिफ्ट सिटी का उदाहरण उज्बेकिस्तान के सामने रखा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·58 मिनट पहले

यह कूटनीतिक यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रियों की नई समन्वय परिषद और मंत्री स्तर पर संयुक्त आयोग का गठन होने से आतंकवाद, संगठित अपराध और सीमा पार सुरक्षा जैसे साझा मुद्दों पर खुफिया जानकारी साझा करने तथा कानूनी तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे दोनों देशों की आंतरिक और सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक स्थायित्व मिलेगा।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·58 मिनट पहले

यह यात्रा विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक गलियारों के विस्तार के दृष्टिकोण से अत्यधिक सामरिक महत्व रखती है। व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत डिजिटल कनेक्टिविटी और दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्थाओं पर ज़ोर देने से भारत की मध्य एशियाई बाज़ारों तक सीधी पहुँच आसान होगी, जो इस भू-राजनीतिक क्षेत्र में आर्थिक प्रभाव बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR