प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उज्बेकिस्तान के ताशकंद में शनिवार का दिन कूटनीतिक बैठकों के साथ-साथ आपसी दोस्ती, गर्मजोशी और अपनेपन के अहसास से भरा रहा। दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम बातचीत शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव का बेहद खास अंदाज में शुक्रिया अदा किया। उन्होंने भारत की तर्ज पर दिए गए शानदार स्वागत के लिए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की जमकर सराहना की और पिछली रात हुए रात्रिभोज की खास यादों को भी साझा किया।
प्रधानमंत्री ने जिक्र किया कि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव खुद खाने की हर एक चीज में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे। स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ-साथ वहाँ प्रतिभाशाली बच्चों का मनमोहक संगीत और नृत्य भी देखने को मिला। इस अनूठे माहौल को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लगा जैसे ताशकंद की धरती पर ही पूरा हिन्दुस्तान खड़ा कर दिया गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मेहमाननवाजी ने उनके भीतर के गुजराती को फिर से एक बार जीवंत कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने ताशकंद शहर को भारत के तिरंगे के रंगों से सजाए जाने को भी दिल को छू लेने वाला पल बताया।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी का नया दौर
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में रिश्तों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि दोनों देश अब अपने आपसी संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था के तहत सहयोग के लिए ठोस लक्ष्य तय किए जाएंगे और उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। व्यापार, निवेश, उन्नत डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।
विदेश मंत्रियों की समन्वय परिषद का गठन
दोनों मित्र देशों के बीच संस्थागत सहयोग के तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक नई समन्वय परिषद स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। यह परिषद सहयोग के सभी विभिन्न क्षेत्रों की नियमित समीक्षा करेगी और उनके बीच बेहतर तालमेल बिठाने का काम करेगी। इसके साथ ही, दोनों देशों के संयुक्त आयोग के स्तर को भी सचिव स्तर से बढ़ाकर सीधे मंत्री स्तर तक ले जाया जाएगा ताकि फैसलों को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा सके।
कारोबारी रिश्तों और मेगा प्रोजेक्ट्स पर चर्चा
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊँचाइयाँ देने के लिए दोनों पक्ष जल्द ही एक विशेष बिजनेस समिट आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इस आगामी शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी और उद्योग जगत के दिग्गज हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, जरूरी वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के बीच एक दीर्घकालिक व्यवस्था बनाने पर भी लंबी चर्चा हुई। स्थानीय स्तर पर संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए तीन नए सिस्टर सिटी और सिस्टर स्टेट समझौतों का भी उल्लेख किया गया, जिनका पूरा लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने की बात कही गई।
गिफ्ट सिटी और योग का विशेष कनेक्शन
उज्बेकिस्तान में चल रहे न्यू ताशकंद जैसे विशाल मेगा प्रोजेक्ट्स के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने भारत के गुजरात स्थित गिफ्ट सिटी का विशेष रूप से उदाहरण दिया। उन्होंने उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल को भारत आने का खुला निमंत्रण दिया ताकि वे गिफ्ट सिटी में उपयोग हो रही आधुनिक तकनीक और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर सकें। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने एक विशेष योग कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और उज्बेकिस्तान योग फेडरेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में उज्बेक टीम की भागीदारी और पदक विजेताओं की सफलता को भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक नजदीकी का बड़ा प्रतीक बताया।





















