पाकिस्तानी नौसेना ने हाल ही में अपने प्रमुख युद्धाभ्यास 'करार - द रिलेंटलेस स्ट्राइकर' का एक विस्तृत वीडियो जारी किया है, जिसने दक्षिण एशियाई क्षेत्र में रणनीतिक चर्चा को फिर से तेज कर दिया है। इस वीडियो फुटेज में पाकिस्तानी नौसेना के आधुनिक युद्धपोत, मरीन कमांडो और सैन्य बल अलग-अलग तरह के जटिल सैन्य ऑपरेशनों को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस अभ्यास में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली बात विवादित सर क्रीक इलाके का फुटेज में दिखाई देना है। विश्लेषकों का मानना है कि इस संवेदनशील समुद्री क्षेत्र को अपने अभ्यास वीडियो में दिखाकर इस्लामाबाद भारत की दिशा में एक स्पष्ट रणनीतिक और सुरक्षा संदेश भेजना चाहता है।
नौसैनिक अभ्यास 'करार' और सर क्रीक की फुटेज
रक्षा और सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह व्यापक नौसैनिक अभ्यास 16 अगस्त से 22 अगस्त के बीच पाकिस्तान के बलूचिस्तान और सिंध प्रांतों के तटीय इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया गया था। इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को परखना, युद्धक क्षमता को मजबूत करना और किसी भी संभावित बाहरी खतरे से निपटने की तैयारी को प्रदर्शित करना था। नौसेना प्रमुख एडमिरल नावेद अशरफ ने खुद अभ्यास स्थल पर पहुंचकर पूरी तैयारियों की समीक्षा की और विभिन्न अभ्यासों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों के समन्वय के साथ नौसेना की अभियानगत तत्परता पर संतोष व्यक्त किया। फुटेज में विवादित सर क्रीक इलाके के दृश्यों को शामिल किए जाने ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह दलदली तटीय इलाका भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा विवाद का केंद्र रहा है।
अरब सागर और हिंद महासागर में अभियानों की श्रृंखला
पाकिस्तान नौसेना का यह अभ्यास किसी अलग थलग घटना के रूप में नहीं हुआ है, बल्कि यह हाल के दिनों में चलाए जा रहे सैन्य अभ्यासों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना 'अबाबील' जैसे अन्य महत्वपूर्ण नौसैनिक युद्धाभ्यासों में भी व्यस्त रही है। पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों का दावा है कि इन लगातार किए जा रहे अभ्यासों के माध्यम से अरब सागर और हिंद महासागर में उत्पन्न होने वाले संभावित समुद्री खतरों का मुकाबला करने के लिए उनकी क्षमताओं को धार दी जा रही है। इन अभ्यासों में नौसैनिक जहाजों ने कई तरह की सामरिक गतिविधियां कीं, जबकि मरीन कमांडोज ने तटीय सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया अभियानों में अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में आसिम मुनीर का दौरा
समुद्री अभ्यासों के बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने अचानक पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों (POF) का उच्चस्तरीय दौरा किया। इस दौरे के दौरान जनरल मुनीर ने देश में जारी हथियार और गोला-बारूद के उत्पादन का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने POF परिसर में स्थापित दो नए औद्योगिक संयंत्रों की प्रगति का भी निरीक्षण किया, जिनके बारे में अधिकारियों ने बताया कि चालू वर्ष के अंत तक इनमें व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक सामान्य कारखाना निरीक्षण नहीं था, बल्कि यह पाकिस्तान की वृहद रक्षा रणनीति में आ रहे बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है। हाल के समय में पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्किए के साथ 'मक्का पैक्ट' नामक समझौते किए हैं, जबकि चीन से भारी रक्षा निवेश और तकनीकी सहायता उसे पहले से ही मिल रही है। ऐसे में मुनीर की यह सक्रियता भारत के लिए सुरक्षा संबंधी नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है।
सैन्य कमान का पुनर्गठन और शक्ति का केंद्रीकरण
पाकिस्तान न केवल अपनी थलसेना, नौसेना और वायुसेना को आधुनिक हथियारों से लैस कर रहा है, बल्कि अपनी संपूर्ण सैन्य कमान व्यवस्था में भी ऐतिहासिक बदलाव ला रहा है। अगस्त 2026 में पाकिस्तान की संसद ने 'डिफेंस फोर्सेस ऑफ पाकिस्तान एक्ट' पारित किया। इस कानून के तहत चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के नेतृत्व में एक एकीकृत केंद्रीय रक्षा मुख्यालय बनाने का रास्ता साफ हुआ है। इस नई व्यवस्था के तहत पाकिस्तान की तीनों सेनाओं - थलसेना, नौसेना और वायुसेना - को एक ही एकीकृत कमान के अधीन लाया जा रहा है। इसके साथ ही, दशकों पुराने चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के पद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस पुनर्गठन के बाद जनरल आसिम मुनीर देश के एकमात्र सर्वेसर्वा सैन्य प्रमुख बनकर उभरे हैं, जिनके हाथ में तीनों सेनाओं का पूरा नियंत्रण होगा।



















