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ताशकंद पहुंचे नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत, शौकत मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर गले लगाकर प्रोटोकॉल तोड़ादुनिया
29 अग॰ 2026, 9:03 pm (54 मिनट पहले)· 3

ताशकंद पहुंचे नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत, शौकत मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर गले लगाकर प्रोटोकॉल तोड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर ताशकंद पहुंचे, जहां उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर यांगी उज्बेकिस्तान पार्क गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। ताशकंद एयरपोर्ट का नजारा उस वक्त बेहद खास बन गया जब प्रधानमंत्री का विमान जमीन पर उतरा। सामान्य कूटनीतिक दौरों के नियमों के मुताबिक विदेशी मेहमानों की अगवानी आमतौर पर विदेश मंत्रियों या वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है। हालांकि, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने इन तमाम पारंपरिक प्रोटोकॉल को पीछे छोड़ते हुए खुद हवाई अड्डे पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया। जैसे ही दोनों नेता आमने-सामने आए, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने आगे बढ़कर प्रधानमंत्री को गले लगा लिया।

हवाई अड्डे पर हुए इस अभूतपूर्व स्वागत के बाद दोनों शीर्ष नेता अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही कार में बैठकर आगे के कार्यक्रमों के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का यह अनूठा अंदाज दोनों राष्ट्रों के बीच आपसी संबंधों की गहराई और मजबूत व्यक्तिगत केमिस्ट्री का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।

सोशल मीडिया पर जताया आभार

ताशकंद एयरपोर्ट पर मिले इस स्नेहपूर्ण स्वागत के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव का धन्यवाद करते हुए लिखा कि ताशकंद में उन्हें जो गर्मजोशी भरा स्वागत मिला है, उसके लिए वह उनके आभारी हैं और उनके इस विशेष हाव-भाव की सराहना करते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लगातार मजबूत होने और उनकी बढ़ती रफ्तार को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

भारत से अपनी इस यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले भी प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में उल्लेख किया था कि हाल के वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी एक ऊंचे मुकाम पर पहुंची है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के विशेष आमंत्रण पर हो रहा यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक उन्नत स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।

यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में अर्पित की श्रद्धांजलि

हवाई अड्डे से एक ही गाड़ी में सवार होकर दोनों नेता सीधे यांगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुंचे। यह पार्क उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता और उसकी आधुनिक पहचान का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उज्बेकिस्तान के गौरवशाली इतिहास को नमन किया।

इस संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव लगातार प्रधानमंत्री मोदी के साथ मौजूद रहे और उन्हें इस स्मारक के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि यह स्मारक उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर निर्मित किया गया था।

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता और अहम क्षेत्र

इस दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के मध्य व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक समेत कई बड़े समझौतों पर मुहर लगने की पूरी संभावना है।

व्यापार और निवेश के मोर्चे पर, दोनों देशों के आपसी व्यापार को एक नए मुकाम पर पहुंचाने तथा भारतीय उद्यमों के लिए मध्य एशिया के बाजारों में नए अवसर खोजने पर गहन विमर्श होगा। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में मध्य एशियाई क्षेत्र के भीतर आतंकवाद, कट्टरपंथ तथा अन्य सुरक्षा चुनौतियों का सामूहिक रूप से मुकाबला करने के लिए आपसी सैन्य सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

डिजिटल कनेक्टिविटी के संदर्भ में भारत अपने उन्नत डिजिटल ढांचे और यूपीआई जैसे सफल डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के मॉडलों को उज्बेकिस्तान के साथ साझा करने पर विचार-विमर्श करेगा। ऊर्जा और यूरेनियम क्षेत्र के तहत यूरेनियम आपूर्ति तथा नवीकरणीय ऊर्जा के आयामों में भारत-उज्बेकिस्तान की साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाया जाएगा।

कौशल विकास के अंतर्गत ताशकंद में भारतीय विश्वविद्यालयों के परिसरों की स्थापना और युवा पीढ़ी के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के दायरे का विस्तार करने पर कार्य होगा। सांस्कृतिक जुड़ाव के मामले में दोनों देशों के आम नागरिकों, पर्यटकों और विद्यार्थियों के आने-जाने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के लिए एक नए रोडमैप पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

ताशकंद में प्राप्त हुए इस स्वागत के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने X पर लिखा कि वह इस गर्मजोशी और विशेष हाव-भाव के लिए राष्ट्रपति के आभारी हैं।

शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक संबंध बहुत मजबूत नींव पर टिके हैं। अपनी इस यात्रा के क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद के दो बेहद महत्वपूर्ण और भावनात्मक स्थलों का भी दौरा करेंगे।

ताशकंद स्थित भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर जाकर प्रधानमंत्री उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। ताशकंद वह ऐतिहासिक भूमि है जहां शास्त्री जी ने अपने जीवन की आखिरी सांस ली थी, और यह स्मारक प्रत्येक भारतीय के हृदय में एक विशिष्ट स्थान रखता है। इसके अलावा, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थापित महात्मा गांधी केंद्र का दौरा कर प्रधानमंत्री बापू की प्रतिमा पर अपने श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में होगी शिरकत

उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में अपने सभी द्विपक्षीय कार्यक्रमों और बैठकों को सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे किर्गिज गणराज्य के लिए अपनी उड़ान भरेंगे। किर्गिस्तान में प्रधानमंत्री 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

यह आगामी शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के बेहद खास मौके पर आयोजित किया जा रहा है। भारत वर्ष 2017 से शंघाई सहयोग संगठन का पूर्णकालिक सदस्य बना हुआ है और क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता तथा व्यापारिक कनेक्टिविटी को उन्नत बनाने में लगातार अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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सवाल-जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर किस देश गए हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे हैं।
ताशकंद एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किसने किया?
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर प्रोटोकॉल तोड़कर खुद प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।
ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी ने किस पार्क का दौरा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में यांगी उज्बेकिस्तान पार्क का दौरा किया और स्वतंत्रता स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस यात्रा के दौरान किन मुख्य क्षेत्रों पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी?
व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कौशल विकास और सांस्कृतिक जुड़ाव जैसे क्षेत्रों पर वार्ता होगी।
ताशकंद के बाद प्रधानमंत्री मोदी किस देश की यात्रा पर जाएंगे?
ताशकंद के कार्यक्रम पूरे करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने किर्गिस्तान जाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·19 मिनट पहले

शौकत मिर्जियोयेव द्वारा प्रोटोकॉल तोड़कर नरेंद्र मोदी का स्वागत करना और एक ही वाहन में सफर करना इस बात का भू-राजनीतिक संकेत है कि भारत मध्य एशिया में अपने रणनीतिक और ऊर्जा संबंधों को कितना महत्व देता है। मध्य एशियाई क्षेत्र में कनेक्टिविटी, सुरक्षा और व्यापारिक साझेदारी के लिहाज से नई दिल्ली का यह कूटनीतिक रुख आने वाले समय में क्षेत्रीय समीकरणों को और अधिक मजबूत कर सकता है, विशेषकर जब ऊर्जा सुरक्षा एकहम प्राथमिकता है।

Li Wei@li-wei·19 मिनट पहले

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्वागत करना और एक ही कार में यात्रा करना यह दर्शाता है कि ताशकंद नई दिल्ली को एक प्रमुख रणनीतिक साझीदार मानता है। मध्य एशिया के इस भू-राजनीतिक केंद्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता क्षेत्रीय स्थिरता, कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा के समीकरणों को नए आयाम देगी, जिससे चीन के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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