वेनेजुएला के उत्तर-पश्चिमी कस्बे युमारे के पास बुधवार को स्थानीय समयानुसार करीब शाम 6 बजे दो शक्तिशाली भूकंप आए, जिनके तेज झटके राजधानी काराकास समेत देश के पूरे उत्तरी इलाके में महसूस किए गए। दूसरा झटका 7.5 तीव्रता का था, जो साल 1900 के बाद वेनेजुएला में आया अब तक का सबसे बड़ा भूकंप है।
मौतों का आंकड़ा और घायल
अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के अनुसार, अब तक 164 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 971 से ज्यादा लोग घायल हैं। रोड्रिगेज ने इस साल जनवरी में अमेरिका द्वारा पूर्व सत्तावादी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद पद की शपथ ली थी।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने मॉडलिंग और पिछले भूकंपों के आधार पर चेतावनी दी है कि अंतिम मृतक संख्या 10,000 से भी ज्यादा हो सकती है। देशभर में 10,000 से ज्यादा लोगों को उनके परिवारों ने लापता बताया है और इसके लिए बनाई गई एक खास वेबसाइट पर उनकी जानकारी दर्ज कराई है।
आपातकाल का ऐलान
रोड्रिगेज ने बुधवार रात राष्ट्रीय टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, "हमारे लोगों के लिए पहला संदेश यही है कि जान बचाने के लिए सब एकजुट रहें।" उन्होंने सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपने-अपने काम पर पहुंचकर घायलों का इलाज करने की अपील की। उन्होंने आगे कहा, "इसके बाद हम यह तय करेंगे कि बुनियादी ढांचे और संपत्ति की भरपाई को लेकर क्या करना है।"
सड़कों पर रात बिताई, बड़ा एयरपोर्ट बंद
आफ्टरशॉक यानी बाद के झटकों के डर से कई लोगों ने पूरी रात सड़कों पर बिताई। भूकंप के दौरान और बाद में कई इमारतें ढह गईं, जिसके चलते रोड्रिगेज ने क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले लोगों से घर खाली करने को कहा। गंभीर नुकसान की वजह से माईक्वेतिया स्थित देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बंद कर दिया गया।
अमेरिका ने मदद का भरोसा दिया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार तड़के कहा कि अमेरिकी सरकार तुरंत वेनेजुएला में खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता भेजेगी। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में मदद का वादा किया था। ट्रंप ने लिखा, "हम अपने नए और महान दोस्तों के साथ खड़े रहेंगे।"













