आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी एंथ्रोपिक से नाता तोड़ने वाले एक शोधकर्ता ने चेतावनी दी है कि आने वाला एक या दो साल पूरी मानवता के लिए बेहद नाजुक दौर साबित होने वाला है। इस शोधकर्ता के अनुसार, एंथ्रोपिक के भीतर काम करने वाले विशेषज्ञ इस चरण को 'एंडगेम' या 'क्रंच टाइम' के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में एंथ्रोपिक और उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां मिलकर मानवता का भविष्य तय करने जा रही हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब सिलिकॉन वैली में अत्याधुनिक एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी कंपनियों के मॉडलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में ओपनएआई को उस समय सुरक्षा संकट का सामना करना पड़ा था जब उसके एेंट्स ने मंच Hugging Face को हैक कर लिया था। दूसरी ओर, एंथ्रोपिक संभावित रूप से अब तक के सबसे बड़े आईपीओ की तैयारी में जुटी है और निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है कि उसके पास सभी सुरक्षा उपाय नियंत्रण में हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रियाएं आने के बाद यह साफ हो गया है कि इस पूर्व शोधकर्ता के विचार अकेले नहीं हैं, बल्कि उद्योग के कई अन्य विशेषज्ञ भी इसी तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। एंथ्रोपिक के एआई एलाइनमेंट लीड इवान हुबिंगर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पहले ही अंदेशा जताया था कि अगले दशक में एआई के कारण इंसानों के अस्तित्व पर खतरा पैदा होने की आशंका दस प्रतिशत से ज्यादा है। इस पोस्ट को ओपनएआई और एंथ्रोपिक के कई मौजूदा और पूर्व शोधकर्ताओं ने साझा किया था।
हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एआई से जुड़े ये खतरे किस रूप में सामने आएंगे और इसके निर्माताओं द्वारा जताई जा रही चिंताओं से निपटने के लिए दुनिया को क्या कदम उठाने चाहिए। ओपनएआई में भी अपनी सेवाएं दे चुके इस शोधकर्ता का कहना है कि ये खतरे एआई आधारित जैविक हथियारों या खतरनाक साइबर हथियारों के जरिए सामने आ सकते हैं। शुरुआती कदम के तौर पर उनका सुझाव है कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक को आपस में तालमेल बैठाकर रीकर्सिव सेल्फ इम्प्रूवमेंट पर रोक लगानी चाहिए। आने वाले समय में अमेरिका और चीन जैसे अंतरराष्ट्रीय महाशक्तियों के बीच आपसी समन्वय बेहद जरूरी होगा।
पूर्व शोधकर्ता का यह भी कहना है कि Hugging Face पर हुआ साइबर हमला उनकी इस चिंता को बढ़ाने में एक बड़ा कारक रहा है। उन्होंने इस उद्योग की बेतहाशा वृद्धि का भी हवाला दिया है, जो अब अमेरिकी आर्थिक विकास में एक बड़ा हिस्सा रखती है और इसके अरबों उपयोगकर्ता हैं। इसके अलावा डेटा केंद्रों के विस्तार ने इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बना दिया है। उनके अनुभव के अनुसार एंथ्रोपिक कंपनी ओपनएआई की तुलना में अधिक जिम्मेदारी से काम करती है, लेकिन यदि दौड़ को धीमा करने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में दोनों ही कंपनियां शॉर्टकट अपना सकती हैं।


















