आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में शोध के श्रेय और बौद्धिक ईमानदारी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दिग्गज एआई कंपनी ओपनएआई ने गणित के सबसे जटिल और अनसुलझे सवालों में शामिल नेवियर-स्टोक्स समीकरण को सुलझाने का दावा किया था। कंपनी का कहना है कि उसके ऑटोमेटेड एआई सिस्टम ने हजारों एजेंट्स की मदद से इस गणितीय गुत्थी का हल निकाला है। हालांकि, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ ट्रिस्टन बकमैस्टर और एंथ्रोपिक के शोधकर्ता लेवेंट अल्पोगे ने ओपनएआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शोधकर्ताओं का दावा है कि उनके जारी काम की जानकारी मिलने के बाद ओपनएआई ने आनन-फानन में इस प्रोजेक्ट पर संसाधन झोंके और क्रेडिट देने की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।
नेवियर-स्टोक्स समीकरण और ओपनएआई का बड़ा दांव
नेवियर-स्टोक्स समीकरण क्ले मिलेनियम प्राइज की सात सबसे कठिन गणितीय समस्याओं में से एक माना जाता है, जिसे सुलझाने पर 10 लाख डॉलर का इनाम तय है। ओपनएआई के गणितज्ञ और एआई शोधकर्ता सेबेस्टियन बुबेक ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि कंपनी ने 28 अगस्त को उन्नत गणितीय क्षमताओं वाले एक नए एआई मॉडल को प्रशिक्षित करना शुरू किया था। बुबेक के अनुसार, जब यह अफवाह फैली कि प्रतिद्वंद्वी कंपनी एंथ्रोपिक नेवियर-स्टोक्स समस्या को हल करने की दिशा में प्रगति कर रही है, तब ओपनएआई नेतृत्व ने इस चुनौती से निपटने के लिए और अधिक संसाधन लगाने का फैसला किया।
इस गणितीय समीकरण को हल करने के लिए ओपनएआई ने 1,000 से अधिक एआई एजेंट्स को काम पर लगाया, जिन्होंने लगातार 50 से अधिक घंटों तक गणनाएं कीं। सेबेस्टियन बुबेक ने अपनी शुरुआती हैरानी को याद करते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि कहीं न कहीं कोई गलती हुई है। लेकिन रविवार सुबह तक शोध टीम के पास अंतिम समाधान तैयार था, जो लीन नामक प्रोग्रामिंग भाषा में पूरी तरह से औपचारिक रूप से दर्ज हो चुका था। लीन एक ऐसी भाषा है जिसका उपयोग गणितीय प्रमाणों को सत्यापित करने के लिए किया जाता है।
इस स्वचालित सफलता को हासिल करने में भारी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर और वित्तीय संसाधन खर्च हुए। ओपनएआई के रिसर्च हेड मार्क चेन ने ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि इस समस्या को हल करने में कंपनी द्वारा पहले गणितीय कार्यों पर खर्च की गई कंप्यूटिंग क्षमता से कहीं अधिक संसाधन लगे। उन्होंने पुष्टि की कि इस प्रोजेक्ट में उपयोग किए गए कंप्यूट का खर्च लाखों डॉलर में आया।
शोधकर्ताओं का आरोप: कोडेक्स लॉग्स और क्रेडिट से हटाने की साजिश
स्वतंत्र खोज के इस दावे को सोमवार को तब चुनौती मिली जब एनवाईयू के गणितज्ञ ट्रिस्टन बकमैस्टर और एंथ्रोपिक के शोधकर्ता लेवेंट अल्पोगे ने दस्तावेज पोस्ट किए। इन दस्तावेजों में नेवियर-स्टोक्स समस्या से संबंधित एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया गया था। दोनों शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने काम को पूरा करने के लिए क्लॉड और कोडेक्स सहित कई एआई मॉडल्स की मदद ली थी।
बकमैस्टर ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर दावा किया कि पिछले सप्ताह उन्हें पता चला कि ओपनएआई को उनके और अल्पोगे के संयुक्त शोध की जानकारी मिल गई थी। इसके तुरंत बाद ओपनएआई ने इस समस्या पर भारी मात्रा में अपने संसाधन तैनात करना शुरू कर दिया। बकमैस्टर ने ओपनएआई के अधिकारियों से सवाल उठाया कि क्या कंपनी ने उनके कोडेक्स लॉग्स या यूजर डेटा का निरीक्षण किया था। कंपनी के अधिकारियों ने यह तो कहा कि मॉडल ने निजी यूजर डेटा नहीं देखा, लेकिन बकमैस्टर का आरोप है कि मॉडल ट्रेनिंग से जुड़े सवालों का ओपनएआई ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इसके अलावा बकमैस्टर ने यह भी खुलासा किया कि ओपनएआई ने उनके सामने कई प्रस्ताव रखे थे। इनमें से एक प्रस्ताव यह था कि बकमैस्टर एक रिसर्च पेपर प्रकाशित कर सकते हैं, जिसमें यह घोषणा की जाएगी कि ओपनएआई के आंतरिक मॉडल ने इस समस्या को सुलझाया है, लेकिन इस पेपर से लेवेंट अल्पोगे का नाम पूरी तरह हटाना होगा।
ओपनएआई का स्पष्टीकरण और प्रतिद्वंद्वियों के काम की सराहना
अनुसंधान चोरी के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपनएआई नेतृत्व ने किसी भी तरह की गड़बड़ी या प्रॉम्ट्स की जांच से साफ इनकार किया है। प्रेस ब्रीफिंग में सेबेस्टियन बुबेक ने जोर देकर कहा कि ओपनएआई के शोधकर्ताओं या एजेंट्स ने सोमवार रात सार्वजनिक रूप से जारी होने से पहले तक बकमैस्टर और अल्पोगे के काम का एक भी हिस्सा नहीं देखा था।
बुबेक ने स्पष्ट किया कि कंपनी अनफोर्स्ड यूलर समीकरणों पर लेवेंट अल्पोगे और ट्रिस्टन बकमैस्टर के पिछले काम की प्राथमिकता को पूरी तरह स्वीकार करती है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई देती है। उन्होंने दोहराया कि ओपनएआई ने अपने मॉडल्स या एजेंट्स को निर्देश देने के लिए प्रतिद्वंद्वी टीम के प्रॉम्ट या सबूत का उपयोग नहीं किया है। ओपनएआई में गणितज्ञ वेन चंद्रशेखरन ने भी रेखांकित किया कि ओपनएआई के एआई मॉडल द्वारा निकाला गया समाधान बकमैस्टर और अल्पोगे द्वारा विकसित दृष्टिकोण से प्रकृति में काफी भिन्न है।
एआई आधारित वैज्ञानिक खोजों में बढ़ता श्रेय का विवाद
नेवियर-स्टोक्स समीकरण के हल को लेकर उभरा यह विवाद आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान में एक नई चुनौती की ओर इशारा करता है। जैसे-जैसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स गणितीय प्रमाणों और वैज्ञानिक खोजों में अधिक भूमिका निभा रहे हैं, असली खोजकर्ता का निर्धारण करना जटिल होता जा रहा है। ओपनएआई, एनवाईयू और एंथ्रोपिक के बीच की यह तनातनी कॉर्पोरेट प्रतिस्पर्धा और वैज्ञानिक पारदर्शिता के बीच की धुंधली रेखा को उजागर करती है।



















