धनतेरस पर त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग से 5 राशियों की चमकेगी किस्मतरूसी ड्रोन्स के लाइव कैमरों पर यूक्रेन की सेंध, कीव के स्टार्टअप ने तैयार किया पॉकेट रिसीवरपेंशन कम्यूटेशन के 15 साल वाले नियम में बदलाव की उठी मांग, आठवें वेतन आयोग के सामने पहुंचा मामलाभूटान में नरेंद्र मोदी के सम्मान में 76वां स्तूप समर्पित, दोनों देशों के रिश्तों में जुड़ा नया अध्यायपोलैंड का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत पर रख सकता है स्थिर, वैश्विक बाजारों में हलचलकच्चे तेल में उछाल और ब्याज दरों की खाई से जापानी येन में नरमी, अमेरिकी डॉलर मजबूतनेपाल में अमा डबलाम चोटी से उतरते वक्त जर्मन पर्वतारोही की खाई में गिरकर जान गईआईपीओ से पहले एंथ्रोपिक का बड़ा खुलासा, कमाई 17 अरब डॉलर पहुंची पर कम्प्यूटिंग लागत ने बिगाड़ा मुनाफाफिल्म 'किंग' के गाने में एड शीरन ने गाए हिंदी बोल, शाहरुख खान और अरिजीत सिंह संग खास जुगलबंदीसाल के अंत से इस्राइल की वित्तीय मदद बंद करेगा अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते का किया दावा
आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस पर खुली बहस के लिए गूगल डीपमाइंड ने बनाया नया संस्थानएआई
19 सित॰ 2026, 5:55 pm (45 दिन पहले)· 2

आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस पर खुली बहस के लिए गूगल डीपमाइंड ने बनाया नया संस्थान

गूगल और उसकी शोध शाखा ने मिलकर डीपमाइंड इंस्टीट्यूट का गठन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य भविष्य की शक्तिशाली मशीनों की सुरक्षा और उनके मूल्यांकन के लिए कड़े नियम तैयार करना है।

आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी एजीआई की दिशा में बढ़ रही तेज होड़ के बीच तकनीकी जगत में गहन विमर्श की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में एक नई पहल करते हुए डीपमाइंड इंस्टीट्यूट की शुरुआत की गई है, ताकि इस आधुनिक तकनीक के इर्द-गिर्द विभिन्न दृष्टिकोणों को सामने लाया जा सके। इस नए मंच के संचालन मंडल में शेन लेग, जेम्स मानयिका और डेमिस हसाबिस को निदेशक बनाया गया है, जबकि शेन लेग इसके प्रबंध संपादक की भूमिका भी संभालेंगे। इस केंद्र का मूल लक्ष्य शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों के बीच उभरते मतभेदों और नए तथ्यों पर आधारित चर्चाओं को एक व्यवस्थित मंच प्रदान करना है।

मॉडल की आंतरिक सोच और पारदर्शिता का सवाल

इस संस्थान की शुरुआत के साथ ही विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण शोध विचार प्रस्तुत किए गए हैं। रोहिन शाह और आंका द्रागन द्वारा लिखे गए एक निबंध में इस बात पर जोर दिया गया है कि उन्नत प्रणालियों की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया की जांच करने की क्षमता खोना कोई अनिवार्य मजबूरी नहीं है। शोधकर्ताओं का मानना है कि जैसे-जैसे नए ढांचे जटिल हो रहे हैं, उनकी निगरानी करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में डेवलपर्स और नियामकों को इस जोखिम का सीधा सामना करना होगा। इसके तहत यह सुझाव दिया गया है कि बिना किसी पठनीय विवरण के होने वाली आंतरिक गणनाओं की सीमा तय की जाए या फिर कंपनियों से यह साबित करने की मांग की जाए कि उनके सिस्टम पूरी तरह निगरानी योग्य बने रहें।

ये भी पढ़ें

उन्नत सिस्टम के लिए राष्ट्रीय मूल्यांकन ढांचा

संस्थान के एक अन्य निबंध में डेमिस हसाबिस ने अमेरिकी नेतृत्व वाले एक विशेष मानक निकाय के गठन का विचार रखा है। इस प्रस्ताव के अनुसार, डेवलपर्स शुरुआत में किसी भी उन्नत मॉडल को सार्वजनिक रूप से पेश करने से 30 दिन पहले स्वैच्छिक आधार पर जांच के लिए जमा करेंगे। बाद में इस परीक्षण प्रणाली को अनिवार्य बनाया जा सकता है, जिससे अमेरिका में ऐसे सिस्टम तैनात करने से पहले प्रमाण पत्र लेना जरूरी हो जाएगा।

गोपनीय जांच और विकास की गति पर नियंत्रण

शुरुआती दौर में यह निकाय तकनीकी कंपनियों के सहयोग से मूल्यांकन तैयार करेगा, लेकिन आगे चलकर पूरी तरह स्वतंत्र और गोपनीय परीक्षाएं बनाई जाएंगी। इन अप्रकाशित परीक्षणों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियां पहले से ज्ञात सवालों के आधार पर अपने मॉडल को खास तौर पर तैयार न कर सकें। हसाबिस ने रेखांकित किया कि हालात की गंभीरता को देखते हुए नियमों को और कड़ा किया जा सकता है। इसमें जरूरत पड़ने पर कंपनियों के बीच एक समन्वित धीमापन लागू करना भी शामिल हो सकता है। यह पूरा विमर्श ऐसे समय में आगे बढ़ रहा है जब इस उद्योग के शीर्ष नेतृत्व ने सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए विकास की गति को नियंत्रित करने के सुझावों का समर्थन किया है।

सवाल-जवाब

डीपमाइंड इंस्टीट्यूट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका प्राथमिक उद्देश्य आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस की सुरक्षा, पारदर्शिता और मूल्यांकन पर वैश्विक चर्चा को आगे बढ़ाना है।
इस नए संस्थान के निदेशक मंडल में कौन शामिल हैं?
इसकी अगुवाई शेन लेग, जेम्स मानयिका और डेमिस हसाबिस कर रहे हैं, जिसमें शेन लेग प्रबंध संपादक का कार्यभार भी संभालेंगे।
निबंध में मॉडल की पारदर्शिता को लेकर क्या चिंता जताई गई है?
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि सिस्टम की चरणबद्ध सोच को जांचने की क्षमता कम हो रही है, जिसे सीमित करने के लिए नियामक कदम जरूरी हैं।
डेमिस हसाबिस ने मॉडल्स की समीक्षा के लिए क्या प्रस्ताव दिया है?
उन्होंने रिलीज से 30 दिन पहले तक मॉडल्स को स्वैच्छिक जांच के लिए एक नए मानक निकाय को सौंपने की व्यवस्था सुझाई है।
गोपनीय परीक्षण यानी हेल्ड-आउट टेस्ट की जरूरत क्यों बताई गई है?
अप्रकाशित परीक्षण इसलिए जरूरी हैं ताकि कंपनियां पहले से तय सवालों के हिसाब से अपने मॉडल्स को विशेष रूप से प्रशिक्षित न कर सकें।
क्या गंभीर परिस्थितियों में एआई के विकास को धीमा किया जा सकता है?
हां, हसाबिस के प्रस्ताव में स्थिति गंभीर होने पर डेवलपर्स के बीच मिलकर काम की गति को धीमा करने का प्रावधान शामिल है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp