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क्लासरूम में गूगल की एआई नीति पर विवाद के बीच डकडकगो ने स्कूलों के सामने रखा विकल्पएआई
5 नव॰ 2026, 1:12 am (4 मिनट पहले)· 0

क्लासरूम में गूगल की एआई नीति पर विवाद के बीच डकडकगो ने स्कूलों के सामने रखा विकल्प

गूगल द्वारा सर्च और एआई टूल्स को एक साथ जोड़ने के फैसले के बाद डकडकगो शिक्षण संस्थानों को अपने प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी कर रहा है। प्राइवेसी आधारित इस सर्च इंजन का कहना है कि स्कूलों को बिना कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वेब सर्च का अधिकार मिलना चाहिए।

शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे दबदबे के बीच गूगल की एक नई नीति ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसका फायदा उठाने के लिए प्रतिद्वंद्वी सर्च इंजन डकडकगो सामने आ चुका है। असल में गूगल ने स्कूलों को यह विकल्प तो दिया कि वे जेमिनी को बंद कर सकते हैं, लेकिन साथ ही यह शर्त भी रख दी कि यदि वे बाकी एआई सुविधाओं को बंद करते हैं तो उन्हें सामान्य गूगल सर्च से भी हाथ धोना पड़ेगा। इस तकनीकी उलझन ने स्कूलों और शिक्षकों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, क्योंकि वे सर्च इंजन तो चाहते हैं लेकिन कक्षाओं में एआई की जबरन मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं।

शिक्षा क्षेत्र में गूगल का विशाल साम्राज्य

गूगल पिछले कई वर्षों से दुनिया भर के स्कूलों में बुनियादी डिजिटल ढांचे का मुख्य केंद्र बना हुआ है। कंपनी द्वारा साझा किए गए पुराने आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर छात्रों और शिक्षकों के हाथों में करीब 5 करोड़ क्रोमबुक्स मौजूद हैं। इसके अलावा कंपनी का क्लासरूम प्लेटफॉर्म दुनिया भर में 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को अपनी सेवाएं दे रहा है। ऐसे व्यापक नेटवर्क के बीच जब सर्च इंजन की मूल कार्यप्रणाली में बदलाव किया जाता है, तो उसका असर लाखों कक्षाओं पर सीधे तौर पर पड़ता है।

डकडकगो की खुली पेशकश और तीखा विरोध

डेटा जुटाने पर सख्त सीमाएं लगाकर उपयोगकर्ता की गोपनीयता की वकालत करने वाले डकडकगो ने इस माहौल को एक बड़े अवसर के रूप में देखा है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ गैब्रिएल वेनबर्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि स्कूल किस प्रकार अपने डिफॉल्ट सर्च इंजन को डकडकगो में बदल सकते हैं। उन्होंने इसके लिए कंपनी के ऑनलाइन दस्तावेज का हवाला दिया और शैक्षणिक संस्थानों से मदद के लिए संपर्क करने का आह्वान किया।

इसी बीच कंपनी के मुख्य लोक संपर्क अधिकारी कामिल बाजबाज ने इस नीति पर कड़ा रुख अपनाते हुए X पर लिखा कि स्कूली बच्चों पर जबरन तकनीक थोपना एक एकाधिकारवादी सोच को दर्शाता है। डकडकगो ने स्पष्ट किया कि यदि गूगल वास्तव में चाहे तो वह स्कूलों के लिए सर्च परिणामों में से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मॉड्यूल को आसानी से अलग कर सकता है।

कक्षाओं में नई तकनीक और जनविरोध का दौर

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सामान्य नागरिक अपने दैनिक जीवन में आधुनिक तकनीकों के दखल को लेकर सजग हो रहे हैं। हालिया मंगलवार की रात संपन्न हुए चुनावों के रुझानों से यह संकेत मिला कि लोग अपने रिहायशी कस्बों में विशाल डेटा सेंटर स्थापित किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। कार्यस्थलों और स्कूलों में आधुनिक टूल्स का प्रसार जरूर बढ़ा है, परंतु शिक्षकों की चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।

शिक्षकों की समस्याओं को देखते हुए गूगल ने गाइडेड लर्निंग नामक एक प्रणाली तैयार की थी, जिसका उद्देश्य केवल सीधे उत्तर परोसने के बजाय छात्रों को समाधान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाना था। इसके बावजूद कई शिक्षक ऐसे विकल्प की मांग कर रहे हैं जिससे पूरी सीखने की प्रक्रिया से एआई को पूरी तरह बाहर रखा जा सके। बढ़ते दबाव के बाद गूगल ने सफाई पेश करते हुए दावा किया कि वह स्कूलों की प्रतिक्रिया के आधार पर कदम उठा रहा है। कंपनी ने कहा कि जेमिनी, जेमिनी नोटबुक और सर्च डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहेंगे और स्कूल चाहें तो उन्हें अपनी मर्जी से अलग-अलग सक्रिय कर सकेंगे। हालांकि सर्च के भीतर एआई ओवरव्यूज और संवादात्मक मोड पूरी तरह से जुड़े होने के कारण समस्या बनी हुई है।

एआई नियंत्रण और विकल्पों की उपलब्धता

डकडकगो कृत्रिम बुद्धिमत्ता का पूर्ण विरोधी नहीं है, बल्कि उसके पास डक.एआई नामक चैट इंटरफेस और सहायक जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। अंतर यह है कि यह सर्च और ब्राउज़र दोनों सेटिंग्स में इन फीचर्स को पूरी तरह बंद करने की आजादी देता है। कंपनी ने noai.duckduckgo.com नाम से एक अलग वेब पोर्टल भी शुरू किया है, जहां एआई से जुड़े उत्तर, जनरेटेड तस्वीरें और सुझाव पूरी तरह बंद रहते हैं। इस लचीलेपन के कारण उपयोगकर्ताओं का रुझान इसकी ओर बढ़ रहा है और इस वर्ष की शुरुआत में इसके ऐप इंस्टॉलेशन में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी।

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सवाल-जवाब

विवाद की मुख्य वजह क्या है?
गूगल ने स्कूलों से कहा कि वे जेमिनी बंद कर सकते हैं, लेकिन अन्य एआई फीचर्स हटाने पर उन्हें गूगल सर्च भी गंवाना पड़ेगा।
डकडकगो स्कूलों को क्या विकल्प दे रहा है?
डकडकगो स्कूलों को अपना डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन बदलने की सुविधा दे रहा है, जहां एआई फीचर्स को पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
शिक्षा जगत में गूगल की पहुंच कितनी बड़ी है?
स्कूलों में करीब 5 करोड़ क्रोमबुक्स उपयोग में हैं और गूगल क्लासरूम के 15 करोड़ से अधिक वैश्विक यूजर्स हैं।
क्या डकडकगो पूरी तरह से एआई का विरोध करता है?
नहीं, डकडकगो डक.एआई जैसे फीचर्स देता है, लेकिन वह यूजर्स को इन्हें अपनी मर्जी से बंद करने का पूरा नियंत्रण भी प्रदान करता है।
noai.duckduckgo.com क्या है?
यह डकडकगो का एक विशेष पोर्टल है जहां एआई से जुड़े सभी उत्तर, जनरेटेड तस्वीरें और सुझाव पूरी तरह बंद रहते हैं।
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