दीपावली के त्योहार से पहले राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। गुजरात सरकार ने अपने सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के हित में फैसला लेते हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले का सीधा असर राज्य के 4.62 लाख नियमित कर्मचारियों तथा 5.07 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा, जिससे कुल 9.69 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे।
कैबिनेट बैठक में हुआ निर्णय, 1 जुलाई 2026 से लागू होगी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। राज्य सरकार के मंत्री और प्रवक्ता जीतू वघाणी ने इस निर्णय की औपचारिक जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए फैसले के अनुरूप यह संशोधित दरें 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। इसका अर्थ यह है कि कर्मियों को आगामी वेतन के साथ पिछले महीनों का बकाया एरियर भी दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी करीब एक सप्ताह पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के भत्तों में 3 प्रतिशत की वृद्धि को स्वीकृति दी थी।
नवंबर के वेतन के साथ मिलेगा 4 माह का बकाया एरियर
गांधीनगर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए जीतू वघाणी ने भुगतान की समयसीमा की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 तक के कुल 4 महीनों के बकाये का भुगतान नवंबर महीने के नियमित वेतन और पेंशन के साथ एकमुश्त कर दिया जाएगा। इस फैसले के दायरे में केवल सचिवालय अथवा मुख्य विभाग ही नहीं, बल्कि पंचायत सेवाओं, विभिन्न बोर्डों और राज्य के अन्य संबद्ध संगठनों में कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा, छठे वेतन आयोग और सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इस संशोधित दर का पूर्ण लाभ मिलेगा।
सरकारी खजाने पर 1569 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय प्रभाव
वित्तीय आंकड़ों का ब्योरा देते हुए कृषि मंत्री जीतू वघाणी ने बताया कि पूर्व प्रभाव से लागू होने वाले 4 महीनों के एरियर भुगतान पर राज्य सरकार को 523 करोड़ रुपये का एकमुश्त व्यय वहन करना होगा। इसके साथ ही, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में की गई इस 3 प्रतिशत की स्थायी वृद्धि के चलते गुजरात सरकार के राजकोष पर प्रत्येक वर्ष लगभग 1569 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय दायित्व जुड़ेगा। प्रशासन ने त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों की क्रय शक्ति और जीवनयापन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वित्तीय आवंटन को आवश्यक माना है।
पंजाब में भी कर्मचारियों को मिला लाभ, कुल डीए बढ़कर हुआ 53 प्रतिशत
त्योहारी सीजन में भत्तों में वृद्धि की यह लहर केवल गुजरात तक सीमित नहीं रही, बल्कि पंजाब सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत का ऐलान किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते तथा पेंशनर्स की महंगाई राहत में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की। इस ताजा इजाफे के बाद पंजाब में कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 53 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। पंजाब सरकार के इस फैसले से राज्य के करीब 8 लाख सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

















