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फ्लेक्सियन रोबोटिक्स का नया ह्यूमनॉइड: क्या यह दफ्तर का सबसे होनहार इंटर्न बन सकता हैएआई
2 घंटे पहले· 2

फ्लेक्सियन रोबोटिक्स का नया ह्यूमनॉइड: क्या यह दफ्तर का सबसे होनहार इंटर्न बन सकता है

स्विट्जरलैंड की एक स्टार्टअप कंपनी ने ऐसा एआई सॉफ्टवेयर तैयार किया है जो ह्यूमनॉइड रोबोट्स को इंसानों की तरह जटिल दफ्तरी काम करने में सक्षम बनाता है। यह तकनीक रोबोट को बिना किसी मैन्युअल नियंत्रण के सीढ़ियां चढ़ने और सामान पहुंचाने जैसे काम सिखाती है।

Ravikash GuptaRavikash GuptaSenior Correspondent 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
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स्विट्जरलैंड की एक नई स्टार्टअप कंपनी, फ्लेक्सियन रोबोटिक्स, रोबोटिक्स की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने का दावा कर रही है। एनवीडिया के पूर्व रोबोटिक्स शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित यह कंपनी अब ऐसे रोबोट्स पर काम कर रही है जो दफ्तर के रोजमर्रा के कठिन काम खुद कर सकें। इनमें दरवाजे खोलना, सीढ़ियां चढ़ना और बक्से उठाना जैसे काम शामिल हैं। इनकी तकनीक का मुख्य आधार यह है कि रोबोट्स को पहले सिम्युलेशन के जरिए अलग-अलग कौशल सिखाए जाते हैं और फिर एक मास्टर एआई एल्गोरिदम यह तय करता है कि किस काम के लिए कौन सा कौशल इस्तेमाल करना है।

परंपरागत टेलीऑपरेशन से अलग तकनीक

अक्सर रोबोट्स के जो डेमो वीडियो सामने आते हैं, उनमें वे कपड़े मोड़ने या अलमारी में सामान रखने जैसे काम करते दिखाई देते हैं। आमतौर पर इसके लिए टेलीऑपरेशन का उपयोग किया जाता है, जिसमें पर्दे के पीछे एक इंसान रोबोट की हर हरकत को कंट्रोल कर रहा होता है। यह तरीका उन जगहों पर नाकाम साबित होता है जहां का माहौल रोबोट के लिए नया हो। फ्लेक्सियन रोबोटिक्स का कहना है कि उनकी प्रणाली एकदम अलग और अधिक प्रभावशाली है, क्योंकि वे रोबोट्स को सिम्युलेशन और बहुत सीमित मानवीय निर्देशों के जरिए प्रशिक्षित करते हैं।

स्वायत्त काम का प्रदर्शन

कंपनी द्वारा दिखाए गए एक वीडियो में, संशोधित यूनिट्री ह्यूमनॉइड रोबोट को एक जटिल निर्देश दिया जाता है: फ्लेक्सियन के लिए स्नैक्स का एक पार्सल आया है, इसे सीढ़ियों का उपयोग करके ले आएं, लिफ्ट से ऊपर आएं और फिर पार्सल खोलकर चीजों को स्नैक एरिया की खाली दराज में व्यवस्थित करें। रोबोट यह काम पूरी तरह से बिना किसी मानवीय सहायता के सफलतापूर्वक पूरा कर लेता है।

एआई सिस्टम का तालमेल

फ्लेक्सियन की यह तकनीक कई एआई सिस्टम के मेल से काम करती है। इसका मुख्य एआई मॉडल इंसानों द्वारा किए जा रहे कार्यों के वीडियो देखकर यह समझता है कि काम कैसे करना है। इसके बाद, सॉफ्टवेयर सिम्युलेशन में सीखे गए कौशल का मिलान वीडियो से करता है और असल दुनिया में उस काम को अंजाम देता है। उदाहरण के लिए, दफ्तर में डाक वाले कमरे तक पहुंचने के लिए, रोबोट को यह सीखना होता है कि उसे कौन से दरवाजे खोलने हैं और लिफ्ट का उपयोग कैसे करना है। साथ ही, यह सिस्टम रोबोट की मोटर को भी नियंत्रित करता है, जिससे वह चलने, हाथ-पैर हिलाने और संतुलन बनाने में सक्षम हो पाता है।

सीखने का गुप्त सूत्र

फ्लेक्सियन के सह-संस्थापक और सीईओ निकिता रुडिन, जो पहले एनवीडिया में रोबोटिक्स रिसर्च साइंटिस्ट थे, बताते हैं कि इस सॉफ्टवेयर का असली रहस्य रीइंफोर्समेंट लर्निंग का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल है। इसमें कंप्यूटर ट्रायल और एरर यानी गलतियों से सीखकर महारत हासिल करते हैं। मास्टर एआई से लेकर सिम्युलेशन और मोटर कंट्रोल तक, सॉफ्टवेयर की हर परत इसी तरीके का पालन करती है।

भविष्य और बाजार की संभावनाएं

एलन मस्क और जेनसेन हुआंग जैसे दिग्गज यह मानते हैं कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स अर्थव्यवस्था में बड़ी हलचल पैदा करेंगे क्योंकि वे भविष्य में मानवीय श्रम का एक बड़ा हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, फ्लेक्सियन का प्रदर्शन यह स्पष्ट करता है कि इन रोबोट्स को सक्षम बनाने के लिए एआई के क्षेत्र में मौलिक प्रगति की आवश्यकता है। एबी आई रिसर्च के विश्लेषक जॉर्ज चौधरी, जो ह्यूमनॉइड बाजार पर नजर रखते हैं, का कहना है कि क्रांति ह्यूमनॉइड रोबोट नहीं, बल्कि उन्हें चलाने वाले एआई मॉडल हैं। एबी आई रिसर्च का अनुमान है कि रोबोट फाउंडेशन मॉडल का बाजार 2036 तक 150 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। रुडिन का कहना है कि उनकी कंपनी कई रोबोटिक्स फर्मों के साथ मिलकर काम कर रही है। बाजार में मौजूद विभिन्न रोबोटिक सिस्टम्स के साथ इनकी सॉफ्टवेयर क्षमता का तालमेल इसे व्यावसायिक रूप से बेहद मूल्यवान बनाता है। चौधरी के अनुसार, फ्लेक्सियन को सफल होने के लिए हार्डवेयर निर्माताओं के साथ निकटता से काम करना होगा और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उनकी तकनीक के बिना इस बाजार का आगे बढ़ना मुश्किल है।

इसका आप पर असर

सामान्य तौर पर: यह तकनीक भविष्य में दफ्तरों और घरों में रोबोट्स के प्रवेश को आसान बनाएगी, जिससे सामान्य शारीरिक श्रम वाले कामों में कमी आ सकती है।

सवाल-जवाब

फ्लेक्सियन रोबोटिक्स क्या है?
यह स्विट्जरलैंड की एक स्टार्टअप कंपनी है जिसे एनवीडिया के पूर्व रोबोटिक्स शोधकर्ताओं ने स्थापित किया है और यह ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए एआई सॉफ्टवेयर विकसित करती है।
यह रोबोट किन कामों को करने में सक्षम है?
यह रोबोट दफ्तर के जटिल काम कर सकता है, जैसे दरवाजे खोलना, सीढ़ियां चढ़ना, लिफ्ट का उपयोग करना और सामान को सही जगह व्यवस्थित करना।
फ्लेक्सियन रोबोटिक्स के सॉफ्टवेयर की क्या खासियत है?
इसकी खासियत यह है कि यह रोबोट को सिम्युलेशन के जरिए प्रशिक्षित करता है, जिससे रोबोट बिना किसी मानवीय रिमोट कंट्रोल के खुद काम कर सकता है।
रोबोट बाजार का भविष्य क्या है?
एबी आई रिसर्च के अनुसार, रोबोट फाउंडेशन मॉडल का बाजार 2036 तक 150 अरब डॉलर का हो सकता है।
Ravikash Gupta
लेखक के बारे मेंRavikash GuptaSenior Correspondent Lucknow
विशेषज्ञताIndia News, Global Business, Financial Markets, Cryptocurrency, Blockchain, Stock Market Analysis, Corporate News, Startups, Economic Trends, Digital Assets, Investment Insights

Ravikash Gupta is a Senior Correspondent and Editor covering India news, global business, financial markets, and cryptocurrency. He reports on economic trends, crypto developments, and major market-moving events worldwide.

Ravikash Gupta is a Senior Correspondent and Editor specializing in India-focused reporting and global coverage of business, financial markets, and cryptocurrency. He covers breaking news, economic developments, corporate affairs, stock markets, blockchain innovation, and digital asset trends shaping the modern financial ecosystem. With a strong focus on clarity, analysis, and timely reporting, Ravikash delivers insights into global economic shifts, emerging technologies, startup ecosystems, and the evolving crypto landscape. His work connects macroeconomic trends with real-world market impact, helping readers understand both traditional finance and the rapidly changing world of digital assets.

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