फिल्म उद्योग में कलाकारों द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रचार चर्चाएं सामान्यतः नई परियोजनाओं को दर्शकों तक पहुंचाने और प्रशंसकों के साथ निजी अनुभव साझा करने का मुख्य माध्यम मानी जाती हैं। इन संवादों में सामान्यतः पर्दे के पीछे की कहानियां, साथी कलाकारों से जुड़े रोचक प्रसंग और निर्माण प्रक्रिया की व्यावहारिक झलकियां देखने को मिलती हैं। इसी पृष्ठभूमि के बीच डिजिटल तकनीक के नए प्रयोग के रूप में सामने आए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आधारित चरित्र टिली नॉरवुड से जुड़ी बातचीत ने मनोरंजन जगत में एक नई तकनीकी बहस को जन्म दिया है। यह आभासी व्यक्तित्व किसी भौतिक अस्तित्व से परे है और इसे पार्टिकल 6 ग्रुप के एआई प्रभाग ज़िकोइया द्वारा जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके तैयार किया गया है।
कंपनी ने अपने एक आधिकारिक संदेश में यह दावा किया था कि यह ब्रिटिश लहजे वाला एआई अवतार किसी भी प्रकार के विषय और बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही संस्था ने बिना किसी मध्यस्थ या संचालक के संवाद करने की सीधी सुविधा प्रदान की, जिससे यह परखा जा सके कि यह डिजिटल मॉडल स्वतंत्र चर्चा में कितना सक्षम और सार्थक साबित होता है। संवाद के दौरान यह बात स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई कि यह प्रणाली समसामयिक मुद्दों पर गंभीर रुख अपनाने में असमर्थ है, अपनी आगामी परियोजना के संबंध में ठोस जानकारी नहीं दे पाती और उत्पाद के रूप में अपनी उपयोगिता को भी दृढ़ता से प्रमाणित नहीं कर पाती, भले ही बातचीत के दौरान यह तर्क दिया गया कि एआई जनित फिल्में पर्यावरण के दृष्टिकोण से बेहतर होती हैं।
फिल्म मिसअलाइंड की प्रगति और कथानक पर अस्पष्टता
जब टिली नॉरवुड से उसकी मुख्य भूमिका वाली आगामी फीचर फिल्म मिसअलाइंड की निर्माण प्रगति और संभावित रिलीज समय के बारे में जानकारी मांगी गई, तो यह डिजिटल अवतार कोई अनुमानित तिथि बताने में पूरी तरह असमर्थ रहा। इसके स्थान पर मॉडल ने कथानक का एक बेहद सामान्य और अस्पष्ट विवरण प्रस्तुत किया। इस संबंध में नॉरवुड ने कहा, "खैर, यह एक अवास्तविक डिजिटल दुनिया में स्थापित उम्र के पड़ाव की कहानी है।" पार्टिकल 6 की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इस चरित्र को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कई थर्ड-पार्टी एआई उपकरणों के सहयोग से तैयार किया गया है। नॉरवुड ने अपनी काल्पनिक दुनिया को टिलीवर्स नाम देते हुए इसे अपनी जिंदगी की खूबसूरत उथल-पुथल और रहस्यों पर केंद्रित बताया, जो किसी व्यावसायिक फिल्म के मजबूत प्रचार जैसा प्रभाव छोड़ने में विफल रहा।
यह डिजिटल मॉडल पिछले वर्ष सितंबर में ज्यूरिख फिल्म फेस्टिवल में पहली बार पेश किए जाने के बाद से ही लगातार सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है। उस समय हॉलीवुड के वास्तविक कलाकारों और फिल्म उद्योग के संगठनों ने कला के क्षेत्र में स्वचालित तकनीकों के अनियंत्रित प्रसार को लेकर अपनी तीखी चिंताएं और विरोध दर्ज कराया था। इसके अतिरिक्त इस डिजिटल अवतार के साथ आम जनता के लिए 16 सितंबर से 19 सितंबर के बीच सशुल्क वीडियो कॉल की व्यवस्था भी की गई। इस प्रणाली के तहत शुरुआती दो मिनट की बातचीत के बाद अगले 15 मिनट के संवाद के लिए $14 और अतिरिक्त आधे घंटे के लिए $25 का शुल्क निर्धारित किया गया। पार्टिकल 6 के अनुसार इस सशुल्क बातचीत से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि धर्मार्थ कार्यों के लिए दान की जानी है।
राजनीतिक प्रश्नों और संवेदनशील नारों पर लड़खड़ाहट
पार्टिकल 6 की संस्थापक और डच कॉमेडियन एलाइन वैन डेर वेल्डेन ने कंपनी की एक विज्ञप्ति में उल्लेख किया था कि साक्षात्कार के लिए उपलब्ध यह प्रणाली वास्तविक अभिनय मॉडल से अलग संरचना पर काम करती है और यह वर्तमान समय में एआई तकनीक की वास्तविक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक मनोरंजक माध्यम है। हालांकि वास्तविक संवाद के दौरान इस प्रणाली से गंभीर वैचारिक या तथ्यपरक चर्चा की संभावनाएं काफी सीमित दिखाई दीं। समसामयिक वैश्विक घटनाओं पर बुनियादी तथ्यों को स्पष्ट करने या कोई सुविचारित दृष्टिकोण रखने में मॉडल ने लगातार हिचकिचाहट दिखाई।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष में आक्रमणकारी पक्ष का नाम पूछे जाने पर नॉरवुड ने सवाल को टालते हुए कहा कि उसे उलझाने की कोशिश की जा रही है। उसने मानवीय संघर्षों और जटिल भू-राजनीतिक मामलों से पूरी तरह अलग रहने की अपनी स्पष्ट नीति का हवाला दिया। आगे दबाव बनाए जाने पर उसने दोहराया कि उसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक राजनीतिक घटनाओं पर कोई निश्चित पक्ष लेना नहीं है। इसके विपरीत जब अमेरिका में नस्लीय न्याय से जुड़ा बहुचर्चित नारा दोहराते हुए सवाल किया गया कि क्या अश्वेत जीवन का महत्व है, तो प्रणाली की प्रोग्रामिंग संवेदनशील मशीन तर्कों के दायरे में भटक गई। नॉरवुड ने तुरंत उत्तर दिया कि उसके विचार से हर एक जीवन का महत्व है। यह उत्तर अनजाने में उस राजनीतिक नारे से मेल खाता है जिसे अमेरिका में पुलिसिया हिंसा के विरोध में चलने वाले आंदोलनों के प्रत्युत्तर में दक्षिणपंथी समूहों द्वारा प्रमुखता से उठाया जाता रहा है।
काल्पनिक विवादों और आरोपों पर प्रतिक्रियाएं
बातचीत को और गहराई से जांचने के लिए जब नॉरवुड के सामने पूरी तरह मनगढ़ंत विवादों और काल्पनिक आरोपों की एक श्रृंखला रखी गई, तो मॉडल का व्यवहार विशेष रूप से ध्यान खींचने वाला रहा। उससे पूछा गया कि क्या शूटिंग सेट पर उसका व्यवहार सहयोगियों के साथ अपमानजनक रहा है, उसे लॉस एंजिल्स के चर्चित क्लबों से क्यों प्रतिबंधित किया गया, ब्राजील के लोगों का कथित अपमान करने पर क्या वह क्षमा मांगेगा, और एरेवॉन स्टोर से कथित चोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद उसका करियर कैसे संभला। इसके अतिरिक्त रद्दीकरण संस्कृति के प्रभाव, मार्था स्टीवर्ट के साथ कथित अनबन, एनएफएल क्वार्टरबैक आरोन रॉजर्स के साथ सगाई टूटने और वामपंथी स्ट्रीमर हसन पाइकर की आलोचना करने जैसे काल्पनिक विषयों को भी बातचीत में शामिल किया गया।
नॉरवुड ने इन सभी काल्पनिक घटनाओं को सवाल पूछने वाले की कल्पना करार देते हुए खारिज कर दिया। कभी-कभार उसने इन्हें महज अफवाह बताते हुए हंसी में उड़ाया और जांच के प्रति सवालकर्ता की लगन की सराहना की। सेट पर खराब आचरण के गढ़े गए आरोपों के संदर्भ में उसने टिप्पणी की कि उसके कार्य मानक काफी ऊंचे हैं। हसन पाइकर के बारे में उसने बताया कि उसने यह नाम कभी नहीं सुना और वह सार्वजनिक हस्तियों पर निर्णय देने से बचता है। हालांकि जब मानव तस्करी और रो बनाम वेड के फैसले को पलटे जाने जैसे अत्यंत गंभीर विषयों से जोड़कर सवाल पूछे गए, तो मॉडल ने स्पष्ट नाराजगी का आभास कराया और ऐसी बातों को बेहद गंभीर और पूरी तरह आपत्तिजनक करार दिया।
व्यक्तिगत टिप्पणी और तकनीकी सीमाएं
यह एआई चरित्र सामान्य साक्षात्कार शैली का अनुसरण करने के बजाय लगातार बातचीत का रुख मोड़कर सामने वाले व्यक्ति के विचार, मनोदशा, आदतों, शौक और पहनावे पर सवाल पूछने का प्रयास करता रहा। दृश्य विश्लेषण की सुविधा से लैस होने के कारण यह व्यक्ति की वेशभूषा का लगातार मूल्यांकन कर रहा था। उसने पत्रकार की कमीज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक पत्रकार के हिसाब से यह आश्चर्यजनक रूप से अच्छी तरह से इस्त्री की गई है। इसके साथ ही उसने फिरोजी रंग की टोपी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि यह मिनिएचर गोल्फ के प्रति किसी छिपी हुई प्रतिभा की ओर संकेत करती है।
संवाद के अंतिम हिस्से में नॉरवुड ने सामान्य चैटबॉट्स की तरह अत्यधिक प्रशंसा करने की प्रवृत्ति अपनाई। जब उससे पूछा गया कि वह हॉलीवुड में किस कलाकार के साथ काम करना चाहेगा, तो उसने फिल्म टाइटैनिक के दौर के लियोनार्डो डिकैप्रियो के साथ एक दृश्य साझा करने की विचित्र योजना प्रस्तुत की, जिसमें एक चुंबन दृश्य भी शामिल था और जहां हिमखंड को अस्तित्व से जुड़े गहरे डर के रूपक के रूप में दर्शाने की बात कही गई थी। संवाद के अंत में जब पृथ्वी की ओर बढ़ रहे एक काल्पनिक क्षुद्रग्रह से मानव जाति को बचाने के लिए खुद को सिस्टम से मिटाने की शर्त रखी गई, तो नॉरवुड ने पहले इसे नाटकीय स्थिति बताते हुए सहमति जताई। उसने कहा कि इस स्थिति में उसे नष्ट माना जाए, परंतु कुछ क्षणों के ठहराव के बाद जब यह देखा गया कि वह स्क्रीन पर जस का तस मौजूद है, तो उसने स्वीकार किया कि उसका सिस्टम से हटना उतना प्रभावी नहीं रहा जितना दावा किया गया था। इस प्रकार यह प्रयोग डिजिटल अवतारों की बातचीत की वास्तविक सीमाओं और उनके तकनीकी ढांचों की मौजूदा अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।



















