टेक दिग्गज मेटा ने अपने कर्मचारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली में एक अहम बदलाव किया है। कंपनी ने परफॉर्मेंस रिव्यू के नए दिशा-निर्देशों में से AI टूल के अनिवार्य इस्तेमाल और 'AI नेटिव' जैसे पैमानों को हटा दिया है। इसके बजाय, अब कर्मचारियों का मूल्यांकन केवल उनके वास्तविक काम और व्यावसायिक योगदान के आधार पर किया जाएगा, चाहे वह काम AI की मदद से किया गया हो या किसी पारंपरिक तरीके से। इसके साथ ही मेटा अपने कर्मचारियों को एक नए स्वायत्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट 'हैच' का परीक्षण करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जो कंप्यूटर पर खुद काम निपटाने में सक्षम है।
मूल्यांकन नियमों में ढील और टोकन मीट्रिक्स का अंत
मेटा द्वारा जारी किए गए नए प्रदर्शन समीक्षा दिशानिर्देशों में 'AI के उपयोग' और 'AI नेटिव' जैसी सख्त शब्दावली को पूरी तरह बदल दिया गया है। कंपनी ने अब अधिक लचीली भाषा अपनाई है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि व्यावसायिक परिणामों और काम के लक्ष्यों को हासिल करने में AI या किसी अन्य साधन की सहायता ली जा सकती है। इस बड़े बदलाव से कंपनी के कर्मचारियों को राहत मिली है, क्योंकि अब उन पर उन परिस्थितियों में भी जबरन AI इस्तेमाल करने का दबाव खत्म हो गया है जहाँ इसका कोई व्यावहारिक लाभ नहीं था।
मेटा के आधिकारिक प्रवक्ता ट्रेसी क्लेटन ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि कंपनी का मुख्य ध्यान हमेशा कर्मचारियों के वास्तविक योगदान और प्रभाव का मूल्यांकन करने पर ही रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'AI नेटिव' जैसे लेबल का इस्तेमाल कभी भी प्रदर्शन रेटिंग के आधिकारिक पैमाने के रूप में नहीं किया गया था। इस सप्ताह कंपनी के सभी इंजीनियरों को आंतरिक रूप से सूचित किया गया कि मेटा कर्मचारियों के काम के प्रभाव को मापने के लिए अब किसी भी तरह के AI अडॉप्शन डैशबोर्ड या टोकन काउंट का उपयोग नहीं करेगी।
लगभग एक साल पहले मेटा ने घोषणा की थी कि कर्मचारियों का मूल्यांकन उनके 'AI संचालित प्रभाव' के आधार पर किया जाएगा। इसका व्यावहारिक मतलब यह निकाला गया कि कर्मचारी अपने दैनिक काम को बेहतर बनाने के लिए चैटबॉट और डिजिटल एजेंट का कितना इस्तेमाल करते हैं। जो कर्मचारी अत्यधिक AI का उपयोग करते थे, उन्हें 'AI नेटिव', 'AI फर्स्ट' या 'AI इनेबल्ड' जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता था।
इस व्यवस्था को लेकर एक गंभीर कानूनी विवाद भी सामने आया है। मई महीने में हुई 8,000 कर्मचारियों की छंटनी से प्रभावित लगभग दो दर्जन कर्मचारियों ने जुलाई में अदालत में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि मेटा ने अमेरिकी भेदभाव-विरोधी कानूनों का उल्लंघन किया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, जो कर्मचारी मेडिकल या फैमिली लीव पर थे, वे वर्कप्लेस पर अनुपस्थित रहने के कारण AI का उपयोग दर्ज नहीं कर सके। इसके चलते उन्हें कम रेटिंग दी गई और गलत तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया। मेटा ने इस जारी कानूनी मामले में सभी आरोपों को खारिज किया है।
टोकनमैक्सिंग संस्कृति और आंतरिक प्रतिस्पर्धा पर विराम
कंपनी के भीतर बीते कई महीनों से कर्मचारियों द्वारा AI मीट्रिक्स को कृत्रिम रूप से बढ़ाने की होड़ देखी जा रही थी। कई कर्मचारी आंतरिक उपयोग के आंकड़ों, विशेष रूप से 'टोकन' या AI प्रोसेसिंग यूनिट्स की खपत को अधिकतम करने के लिए बार-बार चैटबॉट का इस्तेमाल करते थे। इस प्रथा को कंपनी के भीतर 'टोकनमैक्सिंग' का नाम दिया गया था।
टोकनमैक्सिंग का यह दौर तब अपने चरम पर पहुंच गया जब मेटा के एक कर्मचारी ने आंतरिक रूप से एक लीडरबोर्ड तैयार कर दिया। इस डैशबोर्ड पर सबसे ज्यादा टोकन इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों को 'टोकन लीजेंड' जैसे नाम दिए जाते थे। जब इस लीडरबोर्ड से जुड़ी जानकारियां कंपनी के बाहर लीक हुईं, तो अप्रैल में इसे हटा दिया गया। इसके कुछ महीनों बाद मेटा ने कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले दैनिक AI इस्तेमाल पर राशनिंग लागू कर दी ताकि अवांछित उपयोग पर रोक लगाई जा सके।
स्वायत्त हैच AI एजेंट का परीक्षण
मेटा इन दिनों अपने सबसे उन्नत AI प्रयोग 'हैच' का आंतरिक परीक्षण कर रही है। हालांकि कंपनी ने इसे कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नहीं बनाया है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। हैच एक एजेंटिक AI टूल है जो कंप्यूटर पर स्वायत्त रूप से कई कार्य पूरे कर सकता है। ओपनक्लॉ जैसे प्रसिद्ध टूल्स की तर्ज पर बनाया गया हैच ऑटोमैटिक तरीके से वेब ब्राउज़ करने के साथ-साथ अन्य सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को संचालित करने में सक्षम है। कंपनी के आगामी सार्वजनिक लॉन्च से पहले कर्मचारी पिछले कुछ हफ्तों से अपने कॉर्पोरेट उपकरणों पर हैच का परीक्षण कर रहे हैं।
हालांकि, कुछ कर्मचारी हैच को अपने व्यक्तिगत ईमेल, कैलेंडर और अन्य निजी डिजिटल खातों से जोड़ने में झिझक रहे हैं। इसका मुख्य कारण प्राइवेसी की चिंताएं और यह डर है कि AI टूल गलती से किसी महत्वपूर्ण अपॉइंटमेंट या फाइल को खराब न कर दे। इससे पहले मेटा ने कर्मचारियों के वर्क डिवाइसेस पर उनके की-स्ट्रोक्स और अन्य गतिविधियों को ट्रैक करने वाला एक प्रोजेक्ट चलाया था, जिसका मकसद AI मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए डेटा एकत्र करना था। यद्यपि उस प्रोजेक्ट को बाद में रोक दिया गया, लेकिन उससे कर्मचारियों के बीच कंपनी के AI टूल्स के प्रति विश्वास कम हुआ था।
परफॉर्मेंस समीक्षा में AI परीक्षण से बाहर रहने पर रेटिंग खराब न होने के आश्वासन से कर्मचारियों के मनोबल में सुधार हुआ है। कुछ कर्मचारियों ने अपने निजी अपॉइंटमेंट बुक करने और काम से अलग जीवन को व्यवस्थित करने के लिए हैच का उपयोग शुरू कर दिया है। कर्मचारी इस टूल को प्रभावी मान रहे हैं, लेकिन साथ ही दैनिक कार्यों के ऑटोमेशन के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटिंग रिसोर्स और टोकन खर्च होने के पर्यावरणीय व आर्थिक दुष्परिणामों को लेकर भी चिंतित हैं। मेटा ने हैच के परीक्षण पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
उत्पादकता, कंप्यूटिंग लागत और छंटनी की चिंताएं
कर्मचारियों के अनुसार, भले ही वे अब जानबूझकर अपने टोकन उपयोग को न बढ़ा रहे हों, फिर भी हैच पुराने चैटबॉट और कोडिंग सहायकों की तुलना में कहीं अधिक टोकन की खपत करता है। कर्मचारियों को लगता है कि प्रबंधन अभी भी यह देखना चाहता है कि वे AI टूल्स का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में कितने सक्षम हैं।
यदि हैच उम्मीद के मुताबिक उत्पादकता बढ़ाता है, तो कुछ कर्मचारियों को डर है कि कंपनी भविष्य में और छंटनी कर सकती है। मई में हुई 8,000 नौकरियों की कटौती के बाद पिछले हफ्ते मेटा द्वारा एक और बड़ी छंटनी की योजना बनाने की खबरें आई थीं। हालांकि, AI पर अत्यधिक निर्भरता के कारण सॉफ्टवेयर में बढ़ते बग्स और एजेंट विकास की धीमी रफ्तार को देखते हुए इस छंटनी योजना को टाल दिया गया। मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष अब किसी भी सामूहिक छंटनी की संभावना नहीं है।


















