श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार पर लड्डू गोपाल को घर में बनी शुद्ध मिठाइयों का भोग लगाने की विशेष परंपरा है। इस पावन मौके को ध्यान में रखते हुए रांची की गृहिणी उषा ने बेसन पाक बनाने का एक आसान तरीका बताया है। यदि आप त्योहार की भागदौड़ में तुरंत तैयार होने वाली किसी सात्विक मिठाई की तलाश कर रहे हैं, तो यह रेसिपी सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। मात्र चार बड़े चम्मच घी और छह बड़े चम्मच बेसन के मेल से बनने वाली यह पारंपरिक मिठाई केवल 15 से 20 मिनट के भीतर बनकर तैयार हो जाती है। इसे बेहद पवित्र और साफ सुथरे तरीके से घर की रसोई में आसानी से पकाया जा सकता है।
बेसन पाक के लिए आवश्यक सामग्री और सटीक अनुपात
बेसन पाक की गुणवत्ता और उसका स्वाद पूरी तरह से सामग्री के सही संतुलन पर निर्भर करता है। रांची की गृहिणी उषा ने इस बात पर खास जोर दिया है कि सामग्री के अनुपात का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से चार बड़े चम्मच शुद्ध देशी घी, छह बड़े चम्मच बेसन और स्वाद के मुताबिक पिसी हुई चीनी की जरूरत पड़ती है। अगर कोई व्यक्ति इसके स्वाद और समृद्धि को और बढ़ाना चाहता है, तो अपनी पसंद के अनुसार इसमें थोड़ा सा खोया भी मिला सकता है। हालांकि, खोया डालना पूरी तरह से वैकल्पिक है और इसके बिना भी मिठाई उतनी ही स्वादिष्ट बनती है। इसके अलावा मिठाई की सजावट के लिए बारीक कटे हुए बादाम का उपयोग किया जाता है।
पकाने की पूरी प्रक्रिया और 15 मिनट का नियम
मिठाई तैयार करने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में चार बड़े चम्मच घी डालकर उसे धीमी से मध्यम आंच पर हल्का गर्म करें। घी हल्का गर्म हो जाने के बाद उसमें निर्धारित मात्रा यानी छह बड़े चम्मच बेसन मिलाएं। अब गैस की आंच को मध्यम रखें और बेसन को चम्मच से बिना रुके लगातार चलाते रहें। पकाने की शुरुआत में यह मिश्रण आपको थोड़ा सूखा या रूखा दिखाई दे सकता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे बेसन भुनता जाएगा, वैसे-वैसे उसका रंग और बनावट बदलने लगेगी। लगभग 15 मिनट तक लगातार चलाने के बाद बेसन में से घी अलग होने लगेगा और उसकी खुशबू आने लगेगी। घी छोड़ने के बाद मिश्रण को लगभग 5 मिनट तक और चलाएं और फिर कढ़ाई को आंच से नीचे उतार लें। हल्का ठंडा होने पर इसमें स्वादानुसार पिसी हुई चीनी डालकर चम्मच से अच्छी तरह मिला लें।
जमाने, काटने और परोसने का आसान तरीका
जब चीनी बेसन के गर्म मिश्रण में अच्छी तरह घुल-मिल जाए, तब पूरे घोल को एक साफ बर्तन या कंटेनर में निकाल लें। मिठाई को सही आकार में सेट करने के लिए इस कंटेनर को लगभग आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। आधे घंटे बाद कंटेनर को फ्रिज से बाहर निकालें और चाकू की मदद से अपनी पसंद के हिसाब से बर्फी या काजू कतली के चौकोर व त्रिकोणीय टुकड़ों में काट लें। मिठाई के ऊपरी हिस्से को बारीक कटे हुए बादाम के टुकड़ों से सजाकर भगवान को अर्पित करें। यदि आप इस मिठाई को तुरंत फ्रिज में रखने की बजाय रात भर के लिए सामान्य तापमान पर छोड़ देते हैं, तो सुबह तक यह पूरी तरह से जम जाएगी। रात भर छोड़ने पर बेसन पाक हलवाई की दुकान जैसी सख्त और खस्ता बनावट हासिल कर लेता है।


















