स्मार्टफोन पर आने वाली अनजान कॉल्स को छानने के बाद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खुद फोन डायल करके बात करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गूगल ने गुरुवार को कॉल फॉर मी नाम से एक नया प्रायोगिक बीटा फीचर पेश किया है, जो शुरुआत में केवल अमेरिका में अंग्रेजी भाषा और कंपनी के नए पिक्सेल 11 स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध कराया गया है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यूजर के पास जेमिनी का सब्सक्रिप्शन होना जरूरी है, साथ ही उन्हें फोन बाई गूगल ऐप के पब्लिक बीटा प्रोग्राम से भी जुड़ा होना पड़ेगा।
दुकानों से बातचीत और अपॉइंटमेंट तय करेगा एआई
इस फीचर को खास तौर पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संपर्क साधने के मकसद से तैयार किया गया है। जेमिनी यूजर के निर्देश पर किसी स्थानीय हार्डवेयर स्टोर को फोन करके यह पूछ सकता है कि उनके पास कोई खास औजार मौजूद है या नहीं। इसी तरह यह सैलून या नाई से बात करके बाल कटवाने का समय भी तय कर सकता है। फोन करने का निर्देश मिलने पर जेमिनी जरूरत पड़ने पर यूजर से कुछ अतिरिक्त सवाल पूछकर स्थिति स्पष्ट करता है। इसके बाद चैटबॉट खुद का परिचय देकर सामने वाले व्यक्ति से पूरी बातचीत करता है ताकि काम पूरा हो सके।
बातचीत के दौरान यदि कॉल किसी ऑटोमेटेड फोन मेनू या आईवीआर पर पहुंचती है, तो जेमिनी खुद ही सही विकल्प चुनकर आगे बढ़ता है और जरूरत पड़ने पर होल्ड पर भी इंतजार करता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पिक्सेल स्क्रीन पर बातचीत का लाइव ट्रांसक्रिप्ट लगातार दिखाई देता रहता है, जिससे यूजर किसी भी क्षण खुद कॉल संभाल सकता है।
आपातकालीन सेवाओं को फोन नहीं मिलाएगा सिस्टम
गूगल के अनुसार यह सिस्टम कारोबारी प्रतिष्ठानों के साथ सबसे बेहतर काम करता है, हालांकि कुछ जगहों पर इसे कॉल करने की अनुमति नहीं दी गई है। जेमिनी किसी भी आपातकालीन सेवा को कॉल नहीं करेगा। यदि किसी टैटू आर्टिस्ट या छोटे दुकानदार की ऑनलाइन मौजूदगी नहीं है, तो जेमिनी खुद उसका नंबर ढूंढने का प्रयास करेगा, या फिर यूजर सीधे उसका फोन नंबर मुहैया करा सकता है। इन फोन कॉल्स के दौरान जेमिनी की आवाज वही रहती है जो जेमिनी लाइव बातचीत में इस्तेमाल होती है, भले ही यूजर की पसंदीदा आवाज में कोई लहजा शामिल हो। यदि दुकान के पास मांगा गया सामान नहीं है, तो सिस्टम शालीनता से बात खत्म करके फोन काट देता है।
पिक्सेल के स्मार्ट कॉलिंग टूल्स का विस्तार
नया फीचर गूगल के पहले से मौजूद स्मार्ट कॉलिंग टूल्स का अगला चरण है। फोन ऐप पहले से ही अनजान नंबरों की स्क्रीनिंग करने और रोबोकॉल्स व टेलीमार्केटर्स को रोकने में सक्षम है। इसके अलावा होल्ड फॉर मी टूल तब काम आता है जब कॉल होल्ड पर हो; जैसे ही दूसरी तरफ कोई इंसान बोलने आता है, फोन यूजर को अलर्ट कर देता है। डायरेक्ट माय कॉल फीचर ऑटोमेटेड मेनू के विकल्पों को बोले जाने से पहले ही स्क्रीन पर दिखा देता है, जिससे पूरी रिकॉर्डिंग सुने बिना सीधे सही बटन दबाया जा सकता है। इसमें रियल-टाइम स्कैम डिटेक्शन भी शामिल है, जो धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत सचेत करता है।
व्यावहारिक चुनौतियां और भविष्य की राह
फोन कॉल्स की प्रकृति काफी अप्रत्याशित होती है। कई बार दूसरी तरफ बैठा व्यक्ति इसे स्पैम कॉल समझकर फोन काट सकता है। अलग-अलग लहजों और शोरगुल वाले माहौल में सही जानकारी समझना भी एक बड़ी चुनौती है। एक प्रवक्ता के अनुसार, इस प्रयोग का उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में इसका परीक्षण करना है ताकि लहजों और शोर के बीच इस सुविधा को और सुधारा जा सके।
दूसरी ओर कई कारोबारी भी ग्राहकों से निपटने के लिए एआई टूल्स का सहारा ले रहे हैं, जैसे कैलिफोर्निया की पिज्जा चेन पिज्जा माय हार्ट ग्राहकों को जिमी द सर्फर चैटबॉट के जरिए मैसेज पर पिज्जा ऑर्डर करने की सुविधा देती है। यह बदलाव एक ऐसे दौर की ओर इशारा करता है जहां फोन का एआई सीधे रेस्तरां के एआई से बात करके ऑर्डर पूरा करेगा।



















