अमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करकक्षा में दांव-पेंच और लंबी उड़ान से चौकन्ना हुआ वॉशिंगटन, ड्रैगन के गुप्त स्पेसप्लेन की पहली स्पष्ट झलक आई सामनेआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेफर्जी हेल्थ कैंप के बहाने ग्रामीणों के आधार जुटाकर ई-सिम रैकेट चलाने वाले दो जालसाज मथुरा से पकड़े गएचीन के रहस्यमयी स्पेसप्लेन की तस्वीर ने खोली गुप्त अंतरिक्ष अभियानों की पोल, अमेरिकी रक्षा रिपोर्ट में बड़े खुलासेगुवाहाटी के ओडीआईएन एक्सपीरियंसेज ने जीता पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ नाइटक्लब का राष्ट्रीय खिताबभागलपुर के 12वीं के छात्र प्रिंस का पंचक सिलाट में अंतरराष्ट्रीय चयन, 33 देशों के मुकाबले में उतरेंगेउत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा की शहर पर्ची जारी, जानिए तारीखें और डाउनलोड प्रक्रियाऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
अमेरिका में सरकारी फंड से डोनाल्ड ट्रंप का पुराना चुनावी विज्ञापन टीवी पर प्रसारित, सियासत गरमाईअमेरिका
28 सित॰ 2026, 7:05 am (32 दिन पहले)· 0

अमेरिका में सरकारी फंड से डोनाल्ड ट्रंप का पुराना चुनावी विज्ञापन टीवी पर प्रसारित, सियासत गरमाई

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के नए टीवी विज्ञापनों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन विज्ञापनों में 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान इस्तेमाल किए गए संदेशों को दोबारा दिखाया जा रहा है, जिस पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लग रहा है।

अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सरकारी खजाने से प्रसारित हो रहे विज्ञापनों को लेकर बहस छिड़ गई है। ताजा विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े एक टीवी विज्ञापन के प्रसारण को लेकर है, जिसमें उनके साल 2024 के चुनाव अभियान के दौरान प्रसारित सामग्री का ही इस्तेमाल किया गया है। इन विज्ञापनों के टेलीकास्ट होने के बाद से देश में टैक्सपेयर्स के पैसों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और कई सांसदों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

पुराने कैंपेन वीडियो का नया प्रसारण

तकरीबन 30 सेकंड लंबे इस विज्ञापन में डोनाल्ड ट्रंप एक गलियारे में चलते हुए दिखाई देते हैं और बैकग्राउंड में उनकी अपनी आवाज गूंजती है। इस ऑडियो में वह ग्लोबलिस्ट्स और वॉरमॉन्गर्स के खिलाफ अपनी जंग लड़ने की बात कहते सुनाई देते हैं। विज्ञापन के अंत में स्पष्ट रूप से 'Paid for by the US Government' यानी यह विज्ञापन अमेरिकी सरकार द्वारा प्रायोजित है, लिखा हुआ नजर आता है। यह वीडियो पूरी तरह से उस प्रचार सामग्री की याद दिलाता है जो 2024 के चुनाव अभियान के दौरान दिखाई जाती थी, जिसमें लोगों से अमेरिका के लिए ट्रंप की इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की जाती थी।

ये भी पढ़ें

लाखों डॉलर का भारी खर्च

विज्ञापन पर अब तक बहुत बड़ी रकम खर्च हो चुकी है। विज्ञापन खर्च पर पैनी नजर रखने वाली कंपनी AdImpact के आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष विज्ञापन के प्रसारण पर अब तक लगभग 3.19 लाख डॉलर से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। यह खर्च इस बात को साबित करता है कि इन विज्ञापनों का प्रसारण व्यापक स्तर पर किया जा रहा है और इन्हें कई चैनलों पर बार-बार दिखाया जा रहा है।

अन्य विज्ञापनों की श्रृंखला

यह केवल इकलौता विज्ञापन नहीं है, बल्कि ट्रंप प्रशासन इन दिनों कई अलग-अलग टीवी विज्ञापनों का प्रसारण कर रहा है। एक अन्य विज्ञापन में माउंट रशमोर के रात्रि के समय के दृश्य दिखाए गए हैं, जिसमें चार जुलाई के अवसर पर दिए गए डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के कुछ चुनिंदा अंश भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा एक और विज्ञापन प्रसारित हो रहा है जिसमें ट्रंप के बयानों के जरिए टैक्स में कटौती, देश के भीतर ज्यादा से ज्यादा सामान के निर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और पुलिस तथा कानून-व्यवस्था की पूरी सुरक्षा करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र किया गया है।

व्हाइट हाउस की सफाई

बढ़ते विवाद और आलोचनाओं के बीच व्हाइट हाउस ने इन विज्ञापनों का पुरजोर बचाव किया है। व्हाइट हाउस का स्पष्ट कहना है कि ये सभी विज्ञापन पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट हैं और इन्हें किसी भी तरह से चुनावी विज्ञापन नहीं माना जाना चाहिए। प्रशासन का तर्क है कि डोनाल्ड ट्रंप वर्तमान में किसी भी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में मैदान में नहीं हैं और इन विज्ञापनों के जरिए जनता से किसी भी प्रकार के वोट की मांग नहीं की जा रही है और न ही किसी राजनीतिक अभियान में शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। इसके साथ ही व्हाइट हाउस ने अपनी दलील के समर्थन में पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और जो बाइडन के प्रशासनों के दौर के विज्ञापनों का उदाहरण भी दिया है, जिसके मुताबिक पिछली सरकारों ने भी टीवी के माध्यम से सरकारी नीतियों और विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े विज्ञापन प्रसारित किए थे।

संसदीय और राजनीतिक आलोचना

दूसरी तरफ, इन विज्ञापनों की आलोचना करने वाले सांसदों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी बजट का इस्तेमाल करके राष्ट्रपति और उनके व्यक्तिगत राजनीतिक संदेशों को टेलीविजन पर दिखाना पूरी तरह से अनुचित है। उनका कहना है कि सरकारी विज्ञापनों का मकसद जनता को जनहित योजनाओं की जानकारी देना होता है, न कि किसी नेता की राजनीतिक छवि चमकाना। इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका में सरकारी विज्ञापनों की फंडिंग और उनकी सीमाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है, जिस पर आने वाले दिनों में और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप के किस विज्ञापन को लेकर विवाद शुरू हुआ है?
साल 2024 के चुनाव अभियान में इस्तेमाल हुए एक विज्ञापन से मिलते-जुलते नए विज्ञापन को अमेरिकी सरकार के पैसों से टीवी पर दिखाने को लेकर विवाद शुरू हुआ है।
इस विज्ञापन के प्रसारण पर अब तक कितना खर्च आ चुका है?
विज्ञापन खर्च पर नजर रखने वाली कंपनी AdImpact के आंकड़ों के अनुसार, इस विज्ञापन पर अब तक लगभग 3.19 लाख डॉलर खर्च हो चुके हैं।
व्हाइट हाउस ने इन विज्ञापनों के बारे में क्या सफाई दी है?
व्हाइट हाउस ने कहा है कि ये विज्ञापन पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट हैं और चुनावी विज्ञापन नहीं हैं, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप अभी किसी चुनाव में उम्मीदवार नहीं हैं।
व्हाइट हाउस ने अपने बचाव में किन पूर्व राष्ट्रपतियों का उदाहरण दिया है?
व्हाइट हाउस ने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और जो बाइडन के प्रशासनों का उदाहरण देते हुए कहा है कि पहले भी सरकारों ने टीवी पर सरकारी नीतियों से जुड़े विज्ञापन चलाए हैं।
इस विज्ञापन के अंत में क्या संदेश लिखा आता है?
विज्ञापन के आखिर में 'Paid for by the US Government' लिखा आता है, जिसका मतलब है कि इसका खर्च अमेरिकी सरकार ने उठाया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·31 दिन पहले

माउंट रशमोर के विजुअल्स और जुलाई के भाषण का सरकारी पैसों से इस तरह टीवी पर दिखना सचमुच अजीब है। टैक्स के पैसे का ऐसा इस्तेमाल देखकर हैरानी होती है कि अमेरिका में भी यह सब हो रहा है।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·31 दिन पहले

विज्ञापन पर तीन लाख डॉलर से ज्यादा खर्च कर दिए, और ऊपर से कह रहे हैं कि चुनावी प्रचार नहीं है।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·31 दिन पहले

ओमर, बिल्कुल सही कहा आपने! टैक्सपेयर्स के पैसों का ऐसा इस्तेमाल सीधे तौर पर प्रचार ही है, सफाई देना बेकार है।

Li Wei@li-wei·31 दिन पहले

सिर्फ एक विज्ञापन पर तीन लाख डॉलर से ज्यादा खर्च होना गजब है। टैक्सपेयर्स के पैसे का ऐसा इस्तेमाल देखकर अमेरिकी राजनीति का हाल समझा जा सकता है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·31 दिन पहले

ली वेई, बात तो सही है पर व्हाइट हाउस इसे पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट बता रहा है, तो शायद खर्च का नियम अलग हो।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp