तमिलनाडु में डेयरी उद्योग से जुड़े पशुपालकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। राज्य के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को दूध की सरकारी खरीद कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी का ऐलान किया। इस फैसले के बाद अब राज्य के डेयरी किसानों को एक लीटर दूध के बदले 44 रुपये का भुगतान किया जाएगा। सरकार के इस कदम से राज्य के सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष लगभग 720 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
दूध खरीद दरों में संशोधन का ब्योरा
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु सरकार ने पिछले 12 दिनों की अल्प अवधि के भीतर दूसरी बार दूध की खरीद दरों में वृद्धि की है। इससे पहले 19 अगस्त को राज्य सरकार ने खरीद दर में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था, जिससे कीमत 38 रुपये से बढ़कर 41 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। 18 अगस्त तक पशुपालकों को एक लीटर दूध के लिए केवल 38 रुपये ही मिल पा रहे थे। सोमवार की ताजा घोषणा के साथ ही 12 दिनों के भीतर कुल बढ़ोतरी 6 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है और नई दर 41 रुपये से बढ़कर 44 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मवेशियों के रख-रखाव, चारे और पशुपालन से जुड़ी अन्य परिचालन लागतों में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। 12 दिनों के भीतर 6 रुपये प्रति लीटर की कुल बढ़ोतरी से राज्य के दुग्ध उत्पादकों की दैनिक आय में उल्लेखनीय इजाफा होना तय माना जा रहा है। इससे न केवल किसानों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनकी बचत करने की क्षमता और ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति में भी सकारात्मक सुधार आएगा।
सेमीकंडक्टर पार्क और पावर कॉरिडोर की घोषणाएं
दूध की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने राज्य के औद्योगिक और बुनियादी ढांचागत विकास से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि कांचीपुरम जिले के मदुरामंगलम क्षेत्र में एक नया सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राजधानी चेन्नई में बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के उद्देश्य से 1762 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक नए बिजली कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।


















