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हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री तालमेल मजबूत करने नई दिल्ली पहुंचे अमेरिकी पैसिफिक कमांडर, एस. जयशंकर संग अहम मंथनअमेरिका
4 अक्तू॰ 2026, 4:56 pm (2 मिनट पहले)· 0

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री तालमेल मजबूत करने नई दिल्ली पहुंचे अमेरिकी पैसिफिक कमांडर, एस. जयशंकर संग अहम मंथन

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी प्रशांत कमान के प्रमुख एडमिरल सैमुअल जे. पापारो के साथ नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक कर रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक चर्चा की.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निरंतर बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत और अमेरिका ने अपने सामरिक संबंधों को नई गति दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 4 अक्टूबर को देश की राजधानी में यूनाइटेड स्टेट्स पैसिफिक कमांड के प्रमुख एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता में साझा सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और समुद्री गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया. इस औपचारिक बैठक के दौरान भारत में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद थे.

रणनीतिक प्राथमिकताओं और नई तकनीकों पर विस्तृत संवाद

एडमिरल सैमुअल जे. पापारो शनिवार को छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा के सिलसिले में नई दिल्ली पहुंचे थे. हवाई अड्डे पर राजदूत सर्जियो गोर ने उनका आत्मीय स्वागत किया. इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य दोनों लोकतांत्रिक देशों के मध्य स्थापित रक्षा साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है. यात्रा के दौरान एडमिरल पापारो भारतीय सैन्य और कूटनीतिक अधिकारियों के साथ आपसी हितों से जुड़े कई अहम सुरक्षा विषयों पर संवाद कर रहे हैं.

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बातचीत की प्राथमिकताओं में आधुनिक डिजिटल बदलाव को अपनाना, उभरती हुई रक्षा प्रौद्योगिकियों का प्रभावी उपयोग और समूचे क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन बनाए रखना शामिल है. इसके साथ ही रक्षा बलों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज होती तकनीकी प्रतिस्पर्धा से निपटने की रूपरेखा पर भी दोनों पक्षों ने गहन विचार-विमर्श किया. विदेश मंत्री ने इस संवाद के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा, "अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मिलकर खुशी हुई." उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि बैठक का केंद्र बिंदु समुद्री तालमेल और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना था.

भविष्य की चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित रक्षा साझेदारी

दोनों देशों के इस बढ़ते सहयोग को रेखांकित करते हुए नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक आधिकारिक वक्तव्य जारी किया. दूतावास के अनुसार, "नई तकनीक से लेकर समुद्री सुरक्षा तक, अमेरिका और भारत ऐसी रक्षा साझेदारी तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो." मिशन ने यह भी रेखांकित किया कि एडमिरल की यह यात्रा दोनों देशों के मजबूत सैन्य संबंधों की परिचायक है और यह हिंद महासागर में अमेरिकी उपस्थिति व दीर्घकालिक प्राथमिकताओं को फिर से पुष्ट करती है.

सैन्य स्तर पर साझा तालमेल और थल सेना प्रमुखों की बैठक

उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठक से कुछ दिन पहले ही दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच भी महत्वपूर्ण चर्चा संपन्न हुई थी. 28 सितंबर को भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नई दिल्ली में अमेरिकी सेना की प्रशांत कमान के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी. इस दौरान क्षेत्र के जटिल सुरक्षा वातावरण की समीक्षा की गई थी और थल सेनाओं के बीच सहयोग के नए अवसरों की पहचान की गई थी.

भारतीय सेना के एडिशनल डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ पब्लिक इंफॉर्मेशन ने बताया कि दोनों सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त अभियानों के दौरान अंतर-सक्रियता बढ़ाने के तौर-तरीकों का मूल्यांकन किया. थल सेना के अनुसार, दोनों देशों की सेनाओं के बीच आयोजित होने वाले साझा अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दोनों बल जमीनी स्तर पर बेहतरीन तालमेल के साथ काम करने में सक्षम हैं, जिससे भविष्य के संयुक्त अभियानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दृढ़ हुई है.

सवाल-जवाब

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एडमिरल सैमुअल जे. पापारो के बीच बैठक कब और कहां हुई?
यह उच्चस्तरीय बैठक 4 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी.
एडमिरल सैमुअल जे. पापारो की भारत यात्रा कितने दिनों की है?
एडमिरल पापारो छह दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे हैं.
इस बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में समुद्री सुरक्षा, डिजिटल बदलाव, नई तकनीकों के उपयोग, रणनीतिक स्थिरता और रक्षा क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा पर विचार-विमर्श हुआ.
28 सितंबर को नई दिल्ली में किस सैन्य नेतृत्व की बैठक हुई थी?
28 सितंबर को भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अमेरिकी सेना की प्रशांत कमान के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल से मुलाकात की थी.
द्विपक्षीय सैन्य संवाद में किस संयुक्त अभ्यास का विशेष उल्लेख किया गया?
वार्ता में दोनों सेनाओं के बीच सफल 'युद्ध अभ्यास' का उल्लेख किया गया, जिसने दोनों पक्षों के जमीनी तालमेल को प्रमाणित किया.
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