राजस्थान के डेगाना में मतदान प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां वार्ड 11 स्थित भारतीय जनता पार्टी के चुनावी कार्यालय को देर रात भीषण आग ने अपनी चपेट में ले लिया। घटना रात करीब 2:30 बजे की है, जब अचानक कार्यालय से लपटें उठने लगीं और वहां रखा कीमती कागजात तथा चुनावी प्रचार का सारा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। आग लगने के इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान जताया गया है, जिससे स्थानीय राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
सूचना मिलते ही डेगाना थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और प्रशासन इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह कोई सामान्य दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी प्रकार की सोची-समझी साजिश रची गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाकर हर पहलू से मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
रात के सन्नाटे में जब वार्ड 11 स्थित चुनावी कार्यालय से लपटें उठनी शुरू हुईं, तो शुरुआती पलों में किसी को कुछ समझ नहीं आया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और वहां रखे झंडे, बैनर और तमाम चुनावी दस्तावेज पलभर में खाक हो गए। स्थानीय लोगों की नजर जब आग पर पड़ी, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर पूरी तरह काबू पाया और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि किसी भी सबूत को सुरक्षित रखा जा सके।
गौरतलब है कि डेगाना नगर पालिका के वार्ड 11 को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, जहां इस राजनीतिक मुकाबले में कुल चार प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से लालाराम गिवारिया को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। मतदान के ठीक मुहाने पर इस तरह दफ्तर का जलना चुनावी सरगर्मी को और बढ़ा गया है, और क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा
इस अप्रत्याशित हादसे की खबर फैलते ही पार्टी के भीतर खलबली मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता घटनास्थल पर एकत्र होने लगे। स्थिति का जायजा लेने के लिए चुनाव प्रभारी राकेश फौजदार, चुनाव संयोजक धनराज पाराशर और विस्तारक अशोक गुर्जर तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके साथ अन्य वार्डों के कई उम्मीदवार और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस घटना पर तीखा रोष व्यक्त किया और प्रशासन से निष्पक्ष व त्वरित जांच की मांग की।


















