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अमेरिका में ट्रंप प्रशासन का विज्ञापन विवादों में, मिस्टर सिंह नाम के इस्तेमाल पर भारतीय संगठनों का कड़ा विरोधअमेरिका
10 सित॰ 2026, 3:21 pm (49 दिन पहले)· 2

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन का विज्ञापन विवादों में, मिस्टर सिंह नाम के इस्तेमाल पर भारतीय संगठनों का कड़ा विरोध

अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा जारी एक विज्ञापन और वीडियो में 'सिंह' नाम के इस्तेमाल पर भारतीय, सिख और हिंदू संगठनों ने तीखी आपत्ति जताई है।

अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम एक नए विवाद के घेरे में आ गई है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा अप्रवासन के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन जारी किया गया, जो अब नकारात्मक कारणों से चर्चा का विषय बन गया है। इस विज्ञापन में 'सिंह' उपनाम का उपयोग किए जाने के बाद भारतीय, सिख और हिंदू समुदायों से जुड़े संगठनों ने अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। आलोचकों का कहना है कि इसके जरिए जान-बूझकर एक खास नस्लीय और सांस्कृतिक पहचान को नकारात्मक रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

ट्रांसफॉर्मर्स शैली के पोस्टर पर उठा सवाल

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए एक पोस्टर साझा किया था, जिसे लोकप्रिय फिल्म फ्रेंचाइजी ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ की थीम पर डिजाइन किया गया था। इस पोस्टर में ऑप्टिमस प्राइम को गृह सुरक्षा विभाग का बैज पहने हुए चित्रित किया गया है, जबकि उसके ठीक सामने दाढ़ी वाले एक भारतीय मूल के व्यक्ति को दिखाया गया है। पोस्टर पर ‘America for Americans’ लिखा गया है और इसके साथ ही ‘Mr Singh’ को लक्षित करते हुए यह संदेश प्रसारित किया गया कि वह अमेरिकी सड़कों से दूर रहें और उन्हें ठीक से वाहन चलाना नहीं आता है।

सेल्फ-डपोर्टेशन मुहिम और एआई वीडियो

यह पूरा प्रचार अभियान ट्रंप प्रशासन की ‘Self-deport or find out’ रणनीति का एक हिस्सा है, जिसके माध्यम से देश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे प्रवासियों को अपनी मर्जी से देश छोड़कर वापस जाने की अपील की जा रही है। इसके साथ ही विभाग अपने सीबीपी होम कार्यक्रम का भी प्रचार-प्रसार कर रहा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने वाले प्रवासियों को यात्रा में सहायता के साथ-साथ 2600 डॉलर तक की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

यह विवाद तब और अधिक गहरा गया जब इसी अभियान के सिलसिले में विभाग की तरफ से एक एआई-निर्मित वीडियो भी सार्वजनिक किया गया। इस वीडियो में ट्रांसफॉर्मर्स के एक अन्य प्रसिद्ध किरदार मेगाट्रॉन को कुछ ट्रक चालकों की रिहाई की मांग करते हुए दिखाया गया। जारी किए गए वीडियो में हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकझान बेइशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह जैसे नाम शामिल किए गए थे, जिन पर यातायात हादसों और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े होने के आरोप बताए गए हैं।

आप इस X पोस्ट में विभाग द्वारा जारी किया गया मूल वीडियो और विवरण देख सकते हैं।

सामुदायिक संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया

विज्ञापन में विशेष रूप से 'सिंह' नाम के प्रयोग ने सिख और भारतीय-अमेरिकी समूहों को बेहद आहत किया है। 'सिंह' उपनाम सिख समुदाय में अत्यंत सामान्य और व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है, और कई हिंदू परिवार भी इसका प्रयोग करते हैं। इसके अलावा अमेरिका के ट्रांसपोर्टेशन और ट्रकिंग सेक्टर में पंजाबी और सिख समुदाय के लोगों की बहुत मजबूत और उल्लेखनीय उपस्थिति रही है। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने इस विज्ञापन को स्पष्ट रूप से नस्लवादी करार देते हुए कहा कि इसके जरिए भारतीय प्रवासियों को उनकी विशिष्ट पहचान और शारीरिक बनावट के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है।

इसी तरह सिख कोएलिशन ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया में कहा कि सिख समुदाय को लंबे समय से अपनी अनूठी धार्मिक पहचान और बाहरी रूप-रंग के कारण प्रोफाइलिंग और भेदभाव का सामना करना पड़ता रहा है। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के इस कदम की चौतरफा आलोचना की गई है। कई स्वतंत्र उपयोगकर्ताओं ने यह गंभीर सवाल उठाया कि अवैध आप्रवासन के विरुद्ध किसी आधिकारिक सरकारी संदेश में किसी विशिष्ट समुदाय से जुड़ी पहचान का इस तरह से उपयोग क्यों किया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिकी आव्रजन नीतियों के साथ-साथ सरकारी विज्ञापनों में नस्लीय संवेदनशीलता के मुद्दे को एक बार फिर से केंद्र में ला दिया है।

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सवाल-जवाब

यह विज्ञापन किस अमेरिकी विभाग द्वारा जारी किया गया था?
यह विज्ञापन अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा जारी किया गया था।
विज्ञापन में किस फिल्म फ्रेंचाइजी की शैली का उपयोग किया गया था?
पोस्टर को लोकप्रिय 'ट्रांसफॉर्मर्स' फिल्म फ्रेंचाइजी की शैली में तैयार किया गया था।
ट्रंप प्रशासन की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस मुहिम का उद्देश्य अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को स्वेच्छा से देश छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना था।
स्वैच्छिक रूप से देश छोड़ने वाले प्रवासियों को कितनी आर्थिक मदद का प्रावधान है?
सीबीपी होम कार्यक्रम के तहत प्रवासियों को यात्रा सहायता के साथ 2600 डॉलर तक की आर्थिक मदद दी जा सकती है।
किन संगठनों ने इस विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताई है?
भारतीय, सिख और हिंदू संगठनों, विशेषकर हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन ने इसका कड़ा विरोध किया है।
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