किचन वेस्ट से तैयार करें पौधों के लिए ताकतवर लिक्विड खाद, चावल के पानी में मिलाएं ये तीन चीजेंऐप्पल का नया लाइनअप: कौन सा आईफोन खरीदना समझदारी है और किन मॉडलों से दूरी बनाना बेहतरबजट रसोई में कैफे का अहसास, 3,000 रुपये के अंदर मिल रहे ये कॉफी और टी मेकर्ससनातन परंपरा में शिखा बांधने के पीछे क्या हैं आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और मानसिक रहस्यसाउंडबॉक्स राइडर पार्टी स्पीकर रिव्यू: बेहतरीन मजबूती और दमदार आवाज के साथ क्या 600 डॉलर खर्च करना सही फैसला है1.80 करोड़ की लागत से बनी हनुमान अंश ने 41 दिनों में बटोरे 300 करोड़, 3 महिला निर्माताओं का चमका सिताराडिजिटल मक्खी के दिमाग से लेखकों जैसे नए विचार गढ़ने का अनोखा प्रयोगचीन में आईफोन पर जल्द मिलेगा आधिकारिक भूकंप अलर्ट, सुरक्षा प्रणाली जोड़ने के लिए ऐपल से संपर्क जारीबेसन के पकौड़े तलने के बाद नहीं पड़ेंगे नरम, बैटर में मिलाएं एक खास सामग्रीजयपुर में कैश लोड करते समय बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से 42 लाख रुपये लूटे, पूरे शहर में नाकेबंदी
ईरान संघर्ष में अमेरिका के 52 विमान तबाह, वॉचडॉग खुलासे के बीच हथियारों के संकट से जूझ रहा वॉशिंगटनअमेरिका
19 सित॰ 2026, 5:58 pm (42 मिनट पहले)· 0

ईरान संघर्ष में अमेरिका के 52 विमान तबाह, वॉचडॉग खुलासे के बीच हथियारों के संकट से जूझ रहा वॉशिंगटन

ईरान के साथ सैन्य टकराव में अमेरिकी सेना ने 52 विमान और ड्रोन गंवा दिए हैं। इस भारी नुकसान और स्टॉकपाइल में गंभीर गिरावट के बावजूद वॉशिंगटन ने एक नया सैन्य पैकेज भी मंजूर किया है।

सैन्य अभियानों के दौरान दावों और हकीकत के बीच का अंतर तब खुलकर सामने आ जाता है जब आधिकारिक रिकॉर्ड जमीनी नुकसान की पुष्टि करने लगते हैं। हालिया घटनाओं में भारतीय अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय विमानों के नुकसान को लेकर तरह-तरह के विरोधाभासी बयान दिए गए थे, जिनमें कभी ग्यारह, कभी सात, कभी पांच तो कभी चार विमान गिरने के दावे किए गए। दूसरी ओर, जमीनी वास्तविकता यह रही कि भारतीय लड़ाकू विमान पूरी तरह सुरक्षित रहे, जबकि पड़ोसी देश के वे विमान प्रभावित हुए थे जो उसे अमेरिकी आपूर्ति से मिले थे। अब खुद अमेरिकी वायुसेना और सैन्य परिसंपत्तियों को ईरान के साथ चल रहे भीषण संघर्ष में अभूतपूर्व क्षति का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी निगरानी संस्था यानी आधिकारिक वॉचडॉग की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि इस टकराव के दौरान अमेरिका अपने दर्जनों अत्याधुनिक विमान, टैंकर और जासूसी ड्रोन खो चुका है।

ईरान युद्ध में 52 अमेरिकी विमानों का नुकसान

आधिकारिक वॉचडॉग के दस्तावेजों के मुताबिक, ईरान के खिलाफ सैन्य गतिविधियों में अमेरिका को कुल 52 विमानों का भारी नुकसान झेलना पड़ा है। यह संख्या किसी सामान्य अभ्यास या तकनीकी खराबी का नतीजा नहीं, बल्कि सीधे युद्धक परिस्थितियों और जवाबी मिसाइल हमलों का परिणाम है। इस सूची में दुनिया के सबसे आधुनिक माने जाने वाले फाइटर जेट्स से लेकर विशालकाय जासूसी ड्रोन और सहायक विमान शामिल हैं। इस बड़े नुकसान ने वैश्विक स्तर पर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक तकनीक से लैस होने के बावजूद रणनीतिक मोर्चे पर अमेरिकी योजनाएं कितनी सुरक्षित साबित हो रही हैं।

ये भी पढ़ें

लड़ाकू जेट विमानों और वॉर्थोग पर गहरा वार

विमानों के नुकसान का ब्योरा बताता है कि उच्च क्षमता वाले लड़ाकू जहाजों को सीधा निशाना बनाया गया है। अमेरिकी वायुसेना ने अपने 4 शक्तिशाली F-15 लड़ाकू विमान इस संघर्ष में पूरी तरह गंवा दिए हैं। इसके साथ ही, स्टील्थ तकनीक और पांचवीं पीढ़ी के एवियोनिक्स से लैस 1 F-35 फाइटर जेट भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। जमीनी सैनिकों को नजदीकी हवाई सुरक्षा प्रदान करने के लिए विख्यात A-10 वॉर्थोग विमान भी ईरानी कार्रवाई की जद में आ गया। लगभग 120 मिलियन डॉलर की लागत वाला यह 1 A-10 Warthog विमान हवा से सीधे मार गिराया गया, जिससे अग्रिम मोर्चे पर सैन्य क्षमताओं को बड़ा झटका लगा है।

हवाई ईंधन टैंकर और निगरानी प्रणाली तबाह

युद्ध क्षेत्र में लड़ाकू विमानों की सीमा और उड़ान समय बढ़ाने वाले टैंकर विमानों को भी निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हवा में ईंधन भरने वाले कम से कम 7 KC-135 टैंकर विमान या तो नष्ट हो चुके हैं या फिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 5 टैंकर विमानों को ईरानी मिसाइलों ने रनवे और जमीनी अड्डों पर ही निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, सऊदी अरब स्थित सैन्य ठिकाने पर तैनात 500 मिलियन डॉलर मूल्य का अत्यंत संवेदनशील और महंगा 1 E-3 Sentry एयरबोर्न अर्ली वार्निंग विमान भी हमले में डैमेज हो गया है। इसी सिलसिले में 7 अमेरिकी हेलिकॉप्टर भी ईरानी हमलों का शिकार बनकर तबाह हुए हैं।

ड्रोन फ्लीट को सबसे बड़ा आघात

आधुनिक हवाई युद्ध में रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट यानी ड्रोन्स की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन ईरान के हवाई रक्षा तंत्र ने इस मोर्चे पर भारी तबाही मचाई है। संघर्ष के दौरान 30 से अधिक MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराए गए हैं। इसके अलावा, अप्रैल के महीने में समुद्र और तटीय इलाकों की टोह लेने वाला 240 मिलियन डॉलर की लागत का 1 MQ-4C ट्राइटन सर्विलांस ड्रोन भी दुर्घटनाग्रस्त होकर पूरी तरह मलबे में बदल गया। उच्च तकनीक और अत्यधिक महंगे इन मानव रहित विमानों का इतनी बड़ी संख्या में गिरना अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और हवाई निगरानी नेटवर्क की कमजोरियों को उजागर करता है।

गोला-बारूद की कमी और नया 2.8 बिलियन डॉलर का पैकेज

इस रिपोर्ट का सबसे गंभीर पहलू यह है कि लगातार चल रहे अभियानों के चलते अमेरिका का गोला-बारूद भंडार तेजी से समाप्त हो रहा है। हथियारों के आधिकारिक स्टॉकपाइल में गंभीर गिरावट की पुष्टि के बावजूद राजनीतिक नेतृत्व द्वारा यह दावा किया जाता रहा है कि उनके पास विभिन्न प्रकार का पर्याप्त गोला-बारूद उपलब्ध है। हालांकि जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। अपनी घरेलू रक्षा आपूर्ति में भारी कमी के बावजूद, अमेरिका ने इजरायल के लिए 2.8 बिलियन डॉलर के एक नए रक्षा पैकेज को हरी झंडी दे दी है। इस नए सहायता समझौते के तहत 60,000 घातक बम भेजे जा रहे हैं। अपने सैन्य संसाधनों पर गहरा दबाव होने के बावजूद विदेशी मोर्चों पर इस पैमाने पर हथियारों की आपूर्ति जारी रखना रक्षा विशेषज्ञों के बीच गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है।

सवाल-जवाब

ईरान संघर्ष में अमेरिका को कुल कितने विमानों का नुकसान हुआ है?
अमेरिकी आधिकारिक वॉचडॉग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस संघर्ष में कुल 52 विमान गंवाए हैं, जिनमें लड़ाकू जेट, टैंकर, हेलिकॉप्टर और ड्रोन शामिल हैं।
कौन-कौन से प्रमुख लड़ाकू विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं?
अमेरिका के 4 F-15 लड़ाकू विमान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, 1 F-35 गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है और 1 A-10 वॉर्थोग विमान मार गिराया गया है।
जमीन पर कितने टैंकर विमानों को नष्ट किया गया?
कुल 7 क्षतिग्रस्त या तबाह हुए KC-135 टैंकरों में से 5 विमानों को मिसाइल हमलों द्वारा जमीन पर ही नष्ट कर दिया गया था।
ड्रोन के मोर्चे पर अमेरिकी सेना को कितना नुकसान हुआ है?
इस संघर्ष में 30 से अधिक MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराए गए हैं और 240 मिलियन डॉलर का 1 MQ-4C ट्राइटन सर्विलांस ड्रोन क्रैश हुआ है।
हथियारों की कमी के बीच किस नए रक्षा पैकेज को मंजूरी दी गई है?
घरेलू स्टॉकपाइल में गंभीर कमी के बावजूद इजरायल के लिए 2.8 बिलियन डॉलर का पैकेज मंजूर किया गया है, जिसके तहत 60,000 बम भेजे जा रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp