कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाले मेधावी छात्र अपनी अनूठी प्रतिभा से पूरी दुनिया को प्रेरित करते हैं। आज के समय में जब छात्र बोर्ड और प्रवेश परीक्षाओं के भारी दबाव से जूझते हैं, अमेरिका के जॉर्जिया राज्य से आई एक खबर ने शिक्षा जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जॉर्जिया के फुटन काउंटी के निवासी 14 वर्षीय छात्र आश्रित तल्लूरी ने कठिन मानी जाने वाली SAT परीक्षा में पूरे 1600 में से 1600 अंक हासिल करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
दुर्लभ और ऐतिहासिक है शत-प्रतिशत अंक हासिल करना
कॉलेज बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो SAT में पूरे 1600 अंक प्राप्त करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। लाखों परीक्षार्थियों में से गिने-चुने प्रतिभागी ही इस सर्वोच्च शिखर तक पहुंच पाते हैं। इतनी छोटी उम्र में यह उत्कृष्ट प्रदर्शन आश्रित की कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और स्पष्ट लक्ष्य को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे किसी प्रकार का शॉर्टकट नहीं, बल्कि महीनों की लगातार तैयारी, डिजिटल अध्ययन सामग्री का सही उपयोग और दो दर्जन से अधिक मॉक टेस्ट का गहन अभ्यास शामिल रहा है।
मिडिल स्कूल के दौरान ही अर्जित कर लिए थे हाईस्कूल क्रेडिट्स
आश्रित तल्लूरी की मेधा बचपन से ही स्पष्ट दिखाई देने लगी थी। सामान्य कक्षा स्तर से कहीं आगे सोचते हुए उन्होंने मिडिल स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही 14.5 हाईस्कूल क्रेडिट्स सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे। उनकी इस विशिष्ट शैक्षणिक क्षमता ने उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और राइस यूनिवर्सिटी जैसी विश्वविख्यात संस्थाओं के कॉलेज-स्तरीय समर प्रोग्राम्स में भागीदारी का अवसर दिलाया। उनके पिता तथा विद्यालय के शैक्षणिक काउंसलर ने उनकी असाधारण सीखने की क्षमता को सही समय पर पहचाना और उन्हें इस मानक परीक्षा में बैठने का मार्गदर्शन दिया।
पांच माह की रणनीतिक तैयारी और 28 से अधिक प्रैक्टिस टेस्ट
परीक्षा में शानदार सफलता सुनिश्चित करने के लिए आश्रित ने जनवरी 2026 में आधिकारिक पंजीकरण कराया था। इसके उपरांत उन्होंने लगभग 5 महीने तक योजनाबद्ध तरीके से अध्ययन किया। तैयारी के इस सफर में उन्होंने विषय विशेषज्ञ ट्यूटर का मार्गदर्शन प्राप्त किया, ऑनलाइन शैक्षणिक संसाधनों की गहराई से समीक्षा की और वास्तविक परीक्षा कक्ष में बैठने से पहले 28 से अधिक प्रैक्टिस टेस्ट हल किए। उनकी तैयारी का स्तर इतना पुख्ता था कि मुख्य परीक्षा से पूर्व ही उन्होंने 3 अलग-अलग प्रैक्टिस टेस्ट्स में 1600 में से पूरे 1600 अंक हासिल कर लिए थे। इसके बाद जून में परीक्षा संपन्न होने पर आधिकारिक सत्यापन के जरिए उनके शत-प्रतिशत स्कोर की पुष्टि हुई।
नौवीं कक्षा में पढ़ाई के साथ कॉलेज स्तर के पाठ्यक्रम
आश्रित वर्तमान में फुटन काउंटी स्थित इनोवेशन एकेडमी में नौवीं कक्षा के नियमित विद्यार्थी हैं। वे डुअल एनरोलमेंट प्रणाली की सहायता से स्कूली स्तर पर ही कॉलेज-स्तरीय पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर रहे हैं। वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अटलांटा में आयोजित होने वाली विभिन्न हैकाथॉन प्रतियोगिताओं में भी सक्रियता से भाग लेते हैं। पढ़ाई के अतिरिक्त वे शतरंज के कुशल खिलाड़ी हैं और एविएशन क्षेत्र में भी विशेष रुचि रखते हैं। उनके शैक्षणिक और तकनीकी प्रोफाइल के अनुसार, वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस और आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान जैसे विषयों पर लगातार शोधपरक कार्य कर रहे हैं।
तकनीक और चिकित्सा विज्ञान के संगम से न्यूरोसर्जन बनने का लक्ष्य
भविष्य की योजनाओं को लेकर आश्रित का दृष्टिकोण एकदम स्पष्ट है। वे आगे चलकर न्यूरोसर्जन बनना चाहते हैं, जहां वे चिकित्सा विज्ञान और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का सार्थक समन्वय कर सकें। इसी दिशा में उन्होंने सेरेब्रोएजिस नाम से एक विशेष परियोजना विकसित की है। यह एआई आधारित प्रणाली स्मार्टफोन में मौजूद सेंसरों के माध्यम से संभावित स्ट्रोक के लक्षणों की प्रारंभिक जांच और स्क्रीनिंग करने में सक्षम है। हालांकि इसे अस्पताल की औपचारिक जांच का विकल्प नहीं माना जा सकता, लेकिन इतनी कम उम्र में ऐसा नवाचार उनकी रचनात्मक सोच को प्रमाणित करता है। इसके साथ ही वे अपने सहपाठियों और अन्य विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु नियमित रूप से अभ्यास प्रश्न भी तैयार करते हैं।



















