असम के शिवसागर जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पड़ोसी राज्य नगालैंड के लोंगलेंग क्षेत्र में हुए भूस्खलन के बाद दिखौ नदी का प्रवाह रुकने की आशंका जताई गई थी, लेकिन मैदानी स्तर पर की गई आधिकारिक पड़ताल के बाद नदी में पानी का बहाव पूरी तरह सामान्य पाया गया है। शिवसागर जिला प्रशासन ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि मौके पर नदी के मार्ग में किसी तरह का अवरोध नहीं है और निचले इलाकों में पानी बिना किसी रुकावट के बह रहा है।
प्रारंभिक सूचना और संयुक्त प्रशासनिक जांच
नदी में रुकावट को लेकर सबसे पहले नगालैंड के मोकोकचुंग और लोंगलेंग जिला प्रशासनों से सूचना साझा की गई थी। इसके आधार पर शिवसागर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने सतर्कता बरतते हुए तुरंत जांच शुरू की। अधिकारियों द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि भूस्खलन स्थल पर पानी का कोई जमाव या बांध जैसी स्थिति नहीं बनी है। 1 अक्टूबर को भी भूस्खलन वाले बिंदु के निचले हिस्से में नदी का प्राकृतिक बहाव सुचारु और सामान्य दर्ज किया गया।
यह कथित भूस्खलन स्थल नगालैंड के मोकोकचुंग और लोंगलेंग जिलों के बीच स्थित है। यह इलाका नगीनिमारा में बने ओवरहैंगिंग पुल से लगभग 44 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है, जहां से होकर दिखौ नदी आगे चलकर असम की सीमा में प्रवेश करती है। असम में प्रवेश से पहले नदी के इस पूरे पहाड़ी हिस्से पर दोनों राज्यों के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए थे।
अलर्ट जारी होने की वजह और 80 प्रतिशत रुकावट की खबर
इस स्पष्टीकरण से ठीक एक दिन पहले, बुधवार को शिवसागर जिला प्रशासन ने दिखौ नदी के निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की थी। दरअसल, उस समय नगालैंड से ऐसी खबरें आई थीं कि बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के कारण नदी के ऊपरी प्रवाह का एक बड़ा हिस्सा दब गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह प्रारंभिक अलर्ट लोंगलेंग के उपायुक्त द्वारा साझा किए गए एक वॉइस मैसेज के आधार पर जारी हुआ था। उस संदेश में उल्लेख किया गया था कि नदी का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा मलबे की वजह से अवरुद्ध हो गया है और केवल 20 प्रतिशत पानी ही आगे निकल पा रहा है। यह विवरण लोंगलेंग जिले के योंगशेई गांव के चेयरमैन की एक रिपोर्ट पर आधारित था। हालांकि, प्रशासन ने उसी समय साफ कर दिया था कि अगली सुबह जमीनी स्तर पर तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा और मौके की सही स्थिति जांचने के बाद ही अंतिम जानकारी साझा की जाएगी। जमीनी मुआयने में रुकावट की यह आशंका पूरी तरह निराधार साबित हुई।
बिहुबार में जलस्तर और मौसम का पूर्वानुमान
इस बीच असम में दिखौ नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को बिहुबार स्थित जल मापन केंद्र पर नदी के स्तर की गहन समीक्षा की गई। इस स्थान पर चेतावनी का स्तर 102.77 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का निशान 103.77 मीटर पर है।
डीडीएमए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान नदी का अधिकतम जलस्तर 94.73 मीटर तक पहुंचा, जो खतरे के आधिकारिक निशान से 9.04 मीटर नीचे है। हालांकि वर्तमान में जलस्तर में हल्की बढ़त या स्थिरता का रुझान देखा जा रहा है, लेकिन किसी तरह के बाढ़ के खतरे जैसी स्थिति नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, कुछ छिटपुट इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही मोकोकचुंग और लोंगलेंग जिलों में अगले दो दिनों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इमरजेंसी हेल्पलाइन और निगरानी के निर्देश
शिवसागर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है और जलस्तर से जुड़े ताजा आंकड़े लगातार दर्ज किए जा रहे हैं। नदी किनारे बसे लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही यदि नदी के बहाव, जलस्तर या रंग में कोई भी असामान्य बदलाव दिखे, तो तुरंत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) को सूचित करने का आग्रह किया गया है। इसके लिए मोबाइल नंबर 84718-64355 और टोल-फ्री नंबर 03772-1077 जारी किए गए हैं।



















